{"_id":"6a65185f52c225a60a0d705a","slug":"protest-against-closure-of-cut-in-front-of-jhalra-on-meerut-pauri-highway-bijnor-news-c-27-1-smrt1009-185966-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: मेरठ-पौड़ी हाईवे पर झलरा के सामने कट बंद करने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: मेरठ-पौड़ी हाईवे पर झलरा के सामने कट बंद करने का विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गजरौला शिव। मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर गांव झलरा (गजरौला) कट को बंद किए जाने पर भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का विरोध देख मिट्टी डालकर कट को बंद करने वाले कर्मी वहां से चले गए।
शनिवार को भाकियू (टिकैत) के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिना ग्रामीणों की सहमति के कट बंद किया गया तो संगठन आंदोलन तेज करेगा। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि इस मार्ग का कोई व्यावहारिक वैकल्पिक रास्ता नहीं है। यदि कट बंद कर दिया गया तो किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जनहित को देखते हुए कट को यथावत रखने की मांग की। वहीं नायब तहसीलदार सार्थक चावला किसानों के बीच पहुंचे, जिन्हें किसानों ने की ओर से ज्ञापन दिया गया। बाद में सहमति बनी कि कांवड़ यात्रा के दौरान ही कट को बंद रखा जाएगा। बाद में इसे बाद खोलने की बात कही गई। भाकियू टिकैत के मंडल उपाध्यक्ष गौरव आर्य, ब्लॉक अध्यक्ष विजय कुमार, जिला उपाध्यक्ष अंकुर चौधरी, युवा मंडल अध्यक्ष इशु राज राणा, रजनीश, मोहम्मद उमर, शकील अहमद, गुल शेर प्रधान, लड्डन खां, मूलचंद, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
दो दर्जन से अधिक गांवों का प्रमुख मार्ग
ग्रामीणों का कहना है कि झलरा कट से मंडावर, इनामपुरा, हमीदपुर, मंडावली, गजरौला शिव, गजरौला अचपल, जंदरपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग झलरा, नसीरी, पीली चौकी, शादीपुर, बरूकी और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन करते हैं। किसानों का कहना है कि यह कट बंद होने पर लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को भाकियू (टिकैत) के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिना ग्रामीणों की सहमति के कट बंद किया गया तो संगठन आंदोलन तेज करेगा। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि इस मार्ग का कोई व्यावहारिक वैकल्पिक रास्ता नहीं है। यदि कट बंद कर दिया गया तो किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जनहित को देखते हुए कट को यथावत रखने की मांग की। वहीं नायब तहसीलदार सार्थक चावला किसानों के बीच पहुंचे, जिन्हें किसानों ने की ओर से ज्ञापन दिया गया। बाद में सहमति बनी कि कांवड़ यात्रा के दौरान ही कट को बंद रखा जाएगा। बाद में इसे बाद खोलने की बात कही गई। भाकियू टिकैत के मंडल उपाध्यक्ष गौरव आर्य, ब्लॉक अध्यक्ष विजय कुमार, जिला उपाध्यक्ष अंकुर चौधरी, युवा मंडल अध्यक्ष इशु राज राणा, रजनीश, मोहम्मद उमर, शकील अहमद, गुल शेर प्रधान, लड्डन खां, मूलचंद, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
दो दर्जन से अधिक गांवों का प्रमुख मार्ग
ग्रामीणों का कहना है कि झलरा कट से मंडावर, इनामपुरा, हमीदपुर, मंडावली, गजरौला शिव, गजरौला अचपल, जंदरपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग झलरा, नसीरी, पीली चौकी, शादीपुर, बरूकी और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन करते हैं। किसानों का कहना है कि यह कट बंद होने पर लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होगी।
विज्ञापन