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Bijnor News: ओटीपी न आने से गैस बुकिंग ठप, एजेंसियों पर उमड़ी भीड़ से उपभोक्ता बेहाल
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बनत गैस एजेंसी में गैस बुक कराने के लिए उपभोक्ताओं की लगी लाइन । संवाद
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शामली/ऊन/थानाभवन/झिंझाना। जिले में घरेलू गैस सिलिंडर बुक कराने के दौरान ओटीपी न आने की समस्या से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। बुधवार को जिलेभर की गैस एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों पर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। उपभोक्ताओं की बढ़ती भीड़ के कारण व्यवस्था भी प्रभावित होती नजर आई।
बनत, ऊन व थानाभवन समेत कई क्षेत्रों में एजेंसी खुलते ही उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। उपभोक्ता सादिक, मोनू व देवेंद्र का कहना है कि गैस सिलिंडर बुकिंग के दौरान मोबाइल पर ओटीपी समय पर नहीं पहुंच रहा है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया बाधित हो रही है। कई उपभोक्ताओं को बार-बार प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही, जिसके चलते उन्हें एजेंसी पर पहुंचकर जानकारी लेनी पड़ रही है।
समय पर गैस सिलिंडर की डिलीवरी न होने के कारण उपभोक्ताओं को खुद एजेंसी से सिलिंडर उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। केवाईसी और ओटीपी प्रक्रिया को लेकर भी लोगों में असमंजस बना हुआ है। उपभोक्ता मुकेश कुमार, रामपाल, अतसान आदि ने बताया कि ओटीपी आने के बाद भी घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है।
ऊन कस्बे की इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह से ही भारी भीड़ लगी रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूर्ति निरीक्षक संदीप मौर्य और पुलिस टीम को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिसके बाद व्यवस्था को सुचारु कराया गया।
थानाभवन में भी गैस एजेंसी खुलते ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोशल मीडिया पर गैस सिलिंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है, जिससे उपभोक्ताओं में सिलिंडर की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
झिंझाना गैस एजेंसी के संचालक अजय बंसल ने बताया कि एजेंसी पर गैस सिलिंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते कुछ उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ओटीपी नहीं पहुंच पा रहा है।
उधर, जिले में औद्योगिक इकाइयों को व्यवसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी अंकुर यादव ने बताया कि शासन से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार औद्योगिक इकाइयों के लिए फिलहाल 20 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है। इस संबंध में उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर उनकी मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जिलेभर में गैस सिलिंडर आपूर्ति को लेकर बनी इस स्थिति से जहां आम उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है।
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बनत, ऊन व थानाभवन समेत कई क्षेत्रों में एजेंसी खुलते ही उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। उपभोक्ता सादिक, मोनू व देवेंद्र का कहना है कि गैस सिलिंडर बुकिंग के दौरान मोबाइल पर ओटीपी समय पर नहीं पहुंच रहा है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया बाधित हो रही है। कई उपभोक्ताओं को बार-बार प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही, जिसके चलते उन्हें एजेंसी पर पहुंचकर जानकारी लेनी पड़ रही है।
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समय पर गैस सिलिंडर की डिलीवरी न होने के कारण उपभोक्ताओं को खुद एजेंसी से सिलिंडर उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। केवाईसी और ओटीपी प्रक्रिया को लेकर भी लोगों में असमंजस बना हुआ है। उपभोक्ता मुकेश कुमार, रामपाल, अतसान आदि ने बताया कि ओटीपी आने के बाद भी घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है।
ऊन कस्बे की इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह से ही भारी भीड़ लगी रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूर्ति निरीक्षक संदीप मौर्य और पुलिस टीम को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिसके बाद व्यवस्था को सुचारु कराया गया।
थानाभवन में भी गैस एजेंसी खुलते ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोशल मीडिया पर गैस सिलिंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है, जिससे उपभोक्ताओं में सिलिंडर की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
झिंझाना गैस एजेंसी के संचालक अजय बंसल ने बताया कि एजेंसी पर गैस सिलिंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते कुछ उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ओटीपी नहीं पहुंच पा रहा है।
उधर, जिले में औद्योगिक इकाइयों को व्यवसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी अंकुर यादव ने बताया कि शासन से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार औद्योगिक इकाइयों के लिए फिलहाल 20 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है। इस संबंध में उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर उनकी मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जिलेभर में गैस सिलिंडर आपूर्ति को लेकर बनी इस स्थिति से जहां आम उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है।