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Bijnor News: वन्य जीवों से सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी, दहशत में लोग
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कालागढ़। कालागढ़ वन विभाग के वन्य जीवों से जनता की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। वन्य जीव आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। इससे लोगों में दहशत बढ़ रही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर बसे रामगंगा बांध परियोजना के आवासीय परिसर में रह रहे परियोजना के कर्मचारी व अधिकारी परिवारों में वन्यजीवों के हमले को लेकर दहशत है। रविवार की रात अफजलगढ़ निवासी इस्माईल को हाथियों ने पैरों तले कुचलकर मार डाला था।
परियोजना के सिंचाई विभाग के कर्मचारी नेताओं सुरेंद्र सिंह बिष्ट, राजीव कुमार, कमल बिश्नोई व उत्तराखंड जलविद्युत निगम के मनोज पांडेय, ललित आर्या, शीराज अख्तर आदि का कहना है कि बांध परियोजना का निर्माण 1960 के दशक में हुआ था। परियोजना के कर्मचारियों की काॅलोनियों की सुरक्षा के लिए तार-बाड़ लगी थी। यहां वन्यजीव अंदर नहीं आते थे। समय बीतने के साथ तार-बाड़ समाप्त हो गई। हाइडिल काॅलोनी की सुरक्षा दीवार बनी तो उसे हाथी कभी भी तोड़ देते हैं। वन्यजीवों को वनों में रोकने के इंतजाम नहीं हैं। हाइडिल काॅलोनी से केंद्रीय काॅलोनी तक वन विभाग को सौर ऊर्जा की तार-बाड़ करानी चाहिए।
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n आधी रात तक जमे रहे हाथी : नई काॅलोनी में इस्माईल की मौत को 24 घंटे भी नहीं बीते कि हाथी फिर से आ धमके। हाथी अपने को आम खाने की चाहत से रोक नहीं पा रहे हैं। वनक्षेत्राधिकारी एनके रूवाली के अनुसार आधी रात तक हाथियों को वनों में खदेड़ने में लगे रहे। जनता से अपील की जा रही है कि अनावश्यक अंधेरे में घरों से बाहर न आएं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर बसे रामगंगा बांध परियोजना के आवासीय परिसर में रह रहे परियोजना के कर्मचारी व अधिकारी परिवारों में वन्यजीवों के हमले को लेकर दहशत है। रविवार की रात अफजलगढ़ निवासी इस्माईल को हाथियों ने पैरों तले कुचलकर मार डाला था।
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परियोजना के सिंचाई विभाग के कर्मचारी नेताओं सुरेंद्र सिंह बिष्ट, राजीव कुमार, कमल बिश्नोई व उत्तराखंड जलविद्युत निगम के मनोज पांडेय, ललित आर्या, शीराज अख्तर आदि का कहना है कि बांध परियोजना का निर्माण 1960 के दशक में हुआ था। परियोजना के कर्मचारियों की काॅलोनियों की सुरक्षा के लिए तार-बाड़ लगी थी। यहां वन्यजीव अंदर नहीं आते थे। समय बीतने के साथ तार-बाड़ समाप्त हो गई। हाइडिल काॅलोनी की सुरक्षा दीवार बनी तो उसे हाथी कभी भी तोड़ देते हैं। वन्यजीवों को वनों में रोकने के इंतजाम नहीं हैं। हाइडिल काॅलोनी से केंद्रीय काॅलोनी तक वन विभाग को सौर ऊर्जा की तार-बाड़ करानी चाहिए।
n आधी रात तक जमे रहे हाथी : नई काॅलोनी में इस्माईल की मौत को 24 घंटे भी नहीं बीते कि हाथी फिर से आ धमके। हाथी अपने को आम खाने की चाहत से रोक नहीं पा रहे हैं। वनक्षेत्राधिकारी एनके रूवाली के अनुसार आधी रात तक हाथियों को वनों में खदेड़ने में लगे रहे। जनता से अपील की जा रही है कि अनावश्यक अंधेरे में घरों से बाहर न आएं।