{"_id":"69cc16686e7628aa5a0c00e4","slug":"the-fencing-of-seva-samiti-land-was-removed-bijnor-news-c-27-1-bij1029-175894-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: सेवा समिति भूमि की तारबंदी हटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: सेवा समिति भूमि की तारबंदी हटी
विज्ञापन
विज्ञापन
स्योहारा। जुमरात बाजार स्थित विवादित सेवा समिति की भूमि पर प्रशासन द्वारा कराई गई तारबंदी दो माह बाद हटा दी गई, जिससे एक बार फिर मामले ने तूल पकड़ लिया है। तारबंदी हटने के बाद भूमि की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नगर के जुमरात बाजार में सेवा समिति की भूमि को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। करीब दो माह पूर्व 24 जनवरी को प्रशासन ने इस भूमि को सरकारी संपत्ति मानते हुए उसकी तारबंदी कर नगर पालिका के संरक्षण में दे दिया था। लेकिन अब उक्त तारबंदी को हटा दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक तारबंदी हटाए जाने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है और इसका स्वामित्व किसके पास रहेगा। कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन की पहले की सख्ती के बाद अब इस तरह की ढील से अवैध कब्जों को बढ़ावा मिल सकता है।
वहीं, इस भूमि को लेकर पहले भी आरोप लगे थे कि इसे कथित रूप से गलत तरीके से बैनामा कर बेचा गया। प्रशासन ने जांच के बाद इसे सार्वजनिक संपत्ति मानते हुए कार्रवाई की थी। ऐसे में तारबंदी हटने से पुराने विवाद फिर से उभरने लगे हैं। यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। सेवा समिति के पदाधिकारियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय सहित उच्च अधिकारियों तक को अवगत कराते हुए आरोप लगाया कि सेवा समिति की भूमि को अवैध तरीके से बैनामा कर बेच दिया गया है।
Trending Videos
नगर के जुमरात बाजार में सेवा समिति की भूमि को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। करीब दो माह पूर्व 24 जनवरी को प्रशासन ने इस भूमि को सरकारी संपत्ति मानते हुए उसकी तारबंदी कर नगर पालिका के संरक्षण में दे दिया था। लेकिन अब उक्त तारबंदी को हटा दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक तारबंदी हटाए जाने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है और इसका स्वामित्व किसके पास रहेगा। कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन की पहले की सख्ती के बाद अब इस तरह की ढील से अवैध कब्जों को बढ़ावा मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं, इस भूमि को लेकर पहले भी आरोप लगे थे कि इसे कथित रूप से गलत तरीके से बैनामा कर बेचा गया। प्रशासन ने जांच के बाद इसे सार्वजनिक संपत्ति मानते हुए कार्रवाई की थी। ऐसे में तारबंदी हटने से पुराने विवाद फिर से उभरने लगे हैं। यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। सेवा समिति के पदाधिकारियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय सहित उच्च अधिकारियों तक को अवगत कराते हुए आरोप लगाया कि सेवा समिति की भूमि को अवैध तरीके से बैनामा कर बेच दिया गया है।