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Budaun News: एनओसी में अटका सपनों का आशियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:53 PM IST
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बदायूं। शहर के विनियमित क्षेत्र में मकानों व दुकानों का नक्शा पास कराने की सुस्त प्रक्रिया की वजह से लोगों का आशियाने का सपना अधर में अटक गया है। प्राधिकारी कार्यालय में इस समय 42 नक्शे लंबित पड़े हैं, जबकि आवेदक लगातार चक्कर काट रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, नक्शे संबंधित विभागों को जांच कर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने के लिए भेजे गए है।
शहरी क्षेत्र में मकान निर्माण के लिए नक्शा पास कराना अनिवार्य है। इसके लिए लोग विनियमित क्षेत्र प्राधिकारी के कार्यालय में आवेदन करते हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, हर माह करीब 20-22 नए आवेदन आ रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में अब तक 254 लोगों ने आवासीय नक्शों के लिए आवेदन किया है। इनमें से अधिकांश मामलों का निस्तारण कर दिया गया है, लेकिन 42 नक्शे विभिन्न कारणों से लंबित चल रहे हैं।
इनमें कुछ मामलों में अभिलेखों की कमी, कुछ में तकनीकी आपत्तियां और कुछ में जांच प्रक्रिया पूरी न होने के कारण देरी हो रही है। नक्शा पास न होने के कारण आवेदकों को भवन निर्माण शुरू करने में दिक्कत हो रही है। आवेदकों का कहना है कि वे कई बार कार्यालय जाकर अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने का प्रयास है। जिन आवेदनों में कमियां हैं, उन्हें दूर कराने के लिए संबंधित आवेदकों को सूचित किया गया है।
ये है प्रक्रिया
मकान बनवाने के लिए संबंधित व्यक्ति को आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाकर उसको विनियमित क्षेत्र प्राधिकारी कार्यालय में चार प्रतियों में जमा करना होगा। 100 रुपये शुल्क भी देना होगा। इसके बाद में प्राधिकारी की ओर से फाइल संबंधित विभागों (नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई आदि) को भेजी जाएगी। वहां के संबंधित अधिकारी की ओर से मौके की जांच की जाएगी। सब कुछ सही पाए जाने पर एनओसी जारी की जाएगी। इसके बाद में आवेदक से विकास, अवस्थापन समेत अन्य शुल्क जमा कराए जाएंगे। फिर प्राधिकारी कार्यालय के जेई मौके का निरीक्षण कर नक्शा जारी करेंगे।
छह फाइलें लोक निर्माण विभाग में अटकीं
प्राधिकारी कार्यालय से भेजी गईं छह फाइलें लोक निर्माण विभाग में एनओसी के लिए लंबित हैं। एक माह से अधिक का समय हो गया है। इसके अलावा 24 नक्शे पास होने के लिए नगर पालिका को भेजे गए हैं। इनमें पांच नक्शे जनवरी, नौ फरवरी और 10 मार्च से लंबित चल रहे है।
वर्जन
कुछ फाइलें एनओसी के लिए गई हैं। वह अभी वापस नहीं आई हैं। इनको लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की है। उन नक्शों को जल्द वापस करने की बात कहीं है। - सुरेश पाल सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
पालिका में स्थायी जेई न होने से नहीं बन रहे नक्शे
बिल्सी। स्थानीय नगर पालिका परिषद में पांच वर्षों से स्थायी अवर अभियंता (जेई) की तैनाती न होने के कारण इसका असर भवन निर्माण से जुड़े कार्यों पर भी पड़ रहा है। नगर में नए निर्माण के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दस से अधिक फाइलें लंबित हैं। संवाद
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इनमें कुछ मामलों में अभिलेखों की कमी, कुछ में तकनीकी आपत्तियां और कुछ में जांच प्रक्रिया पूरी न होने के कारण देरी हो रही है। नक्शा पास न होने के कारण आवेदकों को भवन निर्माण शुरू करने में दिक्कत हो रही है। आवेदकों का कहना है कि वे कई बार कार्यालय जाकर अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने का प्रयास है। जिन आवेदनों में कमियां हैं, उन्हें दूर कराने के लिए संबंधित आवेदकों को सूचित किया गया है।
ये है प्रक्रिया
मकान बनवाने के लिए संबंधित व्यक्ति को आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाकर उसको विनियमित क्षेत्र प्राधिकारी कार्यालय में चार प्रतियों में जमा करना होगा। 100 रुपये शुल्क भी देना होगा। इसके बाद में प्राधिकारी की ओर से फाइल संबंधित विभागों (नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई आदि) को भेजी जाएगी। वहां के संबंधित अधिकारी की ओर से मौके की जांच की जाएगी। सब कुछ सही पाए जाने पर एनओसी जारी की जाएगी। इसके बाद में आवेदक से विकास, अवस्थापन समेत अन्य शुल्क जमा कराए जाएंगे। फिर प्राधिकारी कार्यालय के जेई मौके का निरीक्षण कर नक्शा जारी करेंगे।
छह फाइलें लोक निर्माण विभाग में अटकीं
प्राधिकारी कार्यालय से भेजी गईं छह फाइलें लोक निर्माण विभाग में एनओसी के लिए लंबित हैं। एक माह से अधिक का समय हो गया है। इसके अलावा 24 नक्शे पास होने के लिए नगर पालिका को भेजे गए हैं। इनमें पांच नक्शे जनवरी, नौ फरवरी और 10 मार्च से लंबित चल रहे है।
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कुछ फाइलें एनओसी के लिए गई हैं। वह अभी वापस नहीं आई हैं। इनको लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की है। उन नक्शों को जल्द वापस करने की बात कहीं है। - सुरेश पाल सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
पालिका में स्थायी जेई न होने से नहीं बन रहे नक्शे
बिल्सी। स्थानीय नगर पालिका परिषद में पांच वर्षों से स्थायी अवर अभियंता (जेई) की तैनाती न होने के कारण इसका असर भवन निर्माण से जुड़े कार्यों पर भी पड़ रहा है। नगर में नए निर्माण के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दस से अधिक फाइलें लंबित हैं। संवाद