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Budaun News: उझानी पुलिस को दी गई आरोपी अजय एनकाउंटर मामले की विवेचना
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:03 AM IST
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बदायूं। सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के आरोपी अजय प्रताप सिंह व पुलिस टीम के बीच बीते 13 मार्च को हुए एनकाउंटर मामले की विवेचना अब उझानी इंस्पेक्टर करेंगे, जबकि इस हत्याकांड की मुख्य विवेचना मूसाझाग कोतवाल के पास ही रहेगी।
12 मार्च को प्लांट के अंदर दो अफसरों की हत्या के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय प्रताप सिंह को पुलिस जब 13 मार्च की भोर असलहा बरामद करने के लिए जंगल में लेकर गई तो वहां उसने मौका देखकर पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया था। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें आरोपी के दोनों पैर में गोली लगी थी। इसके साथ ही एक सिपाही भी घायल हुआ था। इस मामले की रिपोर्ट मूसाझाग इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर ने दर्ज कराई थी। अब इस घटना की जांच उझानी कोतवाल प्रवीण कुमार को दी गई है। उझानी कोतवाल ने बताया कि उनके स्तर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के मामले को पुलिस अब तक करीब पांच सौ लोगों से पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक सैजनी गांव से लेकर दातागंज होते हुए बदायूं शहर व आसपास इलाके में लगे सौ से अधिक सीसी कैमरों के फुटेज भी पुलिस खंगाल चुकी है। इससे भी पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है।
इस वारदात के बारे में जो भी जानकारी दे रहा है पुलिस उससे संपर्क कर रही है। आरोपी के परिजनों से लेकर अन्य सभी पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है। आसपास के गांव के लोगों से भी पुलिस संपर्क कर आरोपी अजय प्रताप सिंह व उसके ताऊ राकेश सिंह की हरकतों के बारे में पता लगा रही है। इन लोगों ने अपना अवैध साम्राज्य किस तरह कायम कर रखा था, उसमें किसका संरक्षण था, इन सभी बातों की जानकारी की जा रही है। प्लांट में इनकी दखलअंदाजी किस हद तक थी यह सब पता किया जा रहा है। इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल खंगालने के साथ यह पता किया जा रहा है कि इनके संपर्क किन-किन लोगों से रहे हैं। पुलिस जांच में कई बड़े खुलासे सामने आने की उम्मीद है।
इस घटना के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के अलावा उसके ताऊ राकेश सिंह, भाई व तहेरे भाइयों की भी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। लेकिन वारदात के बाद से ही ये सभी आरोपी घर बंद कर भागे हुए हैं। अब इनकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, लखनऊ, दिल्ली तक दबिश दे रही है। इन लोगों के जो भी संभावित ठिकाने पुलिस को पता लग रहे हैं, वहां पुलिस पहुंच रही है। इन सभी के मोबाइल कॉल डिटेल भी पुलिस खंगाल रही है। साथ ही इनके रिश्तेदारों व अन्य ऐसे लोग जहां इन लोगों ने शरण ली है उनके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। यह भी चर्चा है कि दो लोग नेपाल भाग निकले है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बात से इन्कार कर रहे है। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।
इस वारदात में जाे भी अन्य आरोपी है उनके नाम भी जल्द ही केस में बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस घटना से जुड़े सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। साथ ही ऐसे लोगों के नाम भी चिह्नित किए जा चुके हैं, जो इस मामले में शामिल रहे हैं। केस में भी इनके नाम जल्द ही बढ़ेंगे। साथ ही अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच हो रही है। सीओ सिटी ने बताया कि जल्द ही केस में आरोपियों के नाम शामिल किए जाएंगे। पुलिस की जांच जारी है।
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12 मार्च को प्लांट के अंदर दो अफसरों की हत्या के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय प्रताप सिंह को पुलिस जब 13 मार्च की भोर असलहा बरामद करने के लिए जंगल में लेकर गई तो वहां उसने मौका देखकर पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया था। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें आरोपी के दोनों पैर में गोली लगी थी। इसके साथ ही एक सिपाही भी घायल हुआ था। इस मामले की रिपोर्ट मूसाझाग इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर ने दर्ज कराई थी। अब इस घटना की जांच उझानी कोतवाल प्रवीण कुमार को दी गई है। उझानी कोतवाल ने बताया कि उनके स्तर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के मामले को पुलिस अब तक करीब पांच सौ लोगों से पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक सैजनी गांव से लेकर दातागंज होते हुए बदायूं शहर व आसपास इलाके में लगे सौ से अधिक सीसी कैमरों के फुटेज भी पुलिस खंगाल चुकी है। इससे भी पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है।
इस वारदात के बारे में जो भी जानकारी दे रहा है पुलिस उससे संपर्क कर रही है। आरोपी के परिजनों से लेकर अन्य सभी पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है। आसपास के गांव के लोगों से भी पुलिस संपर्क कर आरोपी अजय प्रताप सिंह व उसके ताऊ राकेश सिंह की हरकतों के बारे में पता लगा रही है। इन लोगों ने अपना अवैध साम्राज्य किस तरह कायम कर रखा था, उसमें किसका संरक्षण था, इन सभी बातों की जानकारी की जा रही है। प्लांट में इनकी दखलअंदाजी किस हद तक थी यह सब पता किया जा रहा है। इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल खंगालने के साथ यह पता किया जा रहा है कि इनके संपर्क किन-किन लोगों से रहे हैं। पुलिस जांच में कई बड़े खुलासे सामने आने की उम्मीद है।
इस घटना के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के अलावा उसके ताऊ राकेश सिंह, भाई व तहेरे भाइयों की भी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। लेकिन वारदात के बाद से ही ये सभी आरोपी घर बंद कर भागे हुए हैं। अब इनकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, लखनऊ, दिल्ली तक दबिश दे रही है। इन लोगों के जो भी संभावित ठिकाने पुलिस को पता लग रहे हैं, वहां पुलिस पहुंच रही है। इन सभी के मोबाइल कॉल डिटेल भी पुलिस खंगाल रही है। साथ ही इनके रिश्तेदारों व अन्य ऐसे लोग जहां इन लोगों ने शरण ली है उनके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। यह भी चर्चा है कि दो लोग नेपाल भाग निकले है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बात से इन्कार कर रहे है। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।
इस वारदात में जाे भी अन्य आरोपी है उनके नाम भी जल्द ही केस में बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस घटना से जुड़े सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। साथ ही ऐसे लोगों के नाम भी चिह्नित किए जा चुके हैं, जो इस मामले में शामिल रहे हैं। केस में भी इनके नाम जल्द ही बढ़ेंगे। साथ ही अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच हो रही है। सीओ सिटी ने बताया कि जल्द ही केस में आरोपियों के नाम शामिल किए जाएंगे। पुलिस की जांच जारी है।