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Budaun News: होलिका दहन आज, रंगोत्सव चार मार्च को

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:21 AM IST
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Holika Dahan today, Rangotsav on March 4
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बदायूं। इस वर्ष होली पर दुर्लभ खगोलीय संयोग है। ज्योतिषविद् आचार्य राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, दो मार्च की सायं 5:58 बजे के उपरांत पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसी दिन भद्रा भी शाम 5:59 बजे लग रही है।
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श्री निर्णय सागर पंचांग के अनुसार, भद्रा अगर निशीथ काल यानी मध्य रात्रि के बाद तक रहे तो फिर भद्रा में ही प्रदोष के समय भद्रा का मुख छोड़कर होलिका का दहन करें। इस वर्ष भद्रा का मुख नहीं रहेगा, इससे प्रदोष बेला सूर्यास्त से दो घंटे 24 मिनट में ही होलिका का दहन करना शास्त्रोक्त है।
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बताया कि सूर्यास्त दो मार्च को सांयकाल 6:14 बजे है, इसके उपरांत होली दहन करने का समय 9:00 बजे तक शुभ रहेगा। तीन मार्च को खग्रास चंद्र ग्रहण होगा। ग्रहण की विरल छाया में प्रवेश 2:14 बजे मध्यान्ह के समय, स्पर्श शाम 3:20 बजे से और मोक्ष 6:45 बजे पर होगा। चंद्र ग्रहण के सूतक नौ घंटे पूर्व से प्रारंभ होते हैं। अतः सूर्योदय के समय चंद्र ग्रहण के सूतक प्रारंभ रहेंगे और शाम को पूर्णिमा 5:08 बजे तक ही रहेंगे। होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में ही किया जाता है, अतः पंचांग के अनुसार दो मार्च को ही होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत रहेगा।





कल रहेगा सूतक, इसलिए चार मार्च को खेलें रंग

चंद्रग्रहण तीन मार्च को तीन बजकर 20 मिनट से लेकर शाम छह बजकर 46 मिनट तक रहेगा। भारत में ग्रहण चंद्रोदय के साथ शाम 6:14 बजे से शुरू होगा और 6:46 बजे समाप्त होगा। ग्रहण से करीब नौ घंटे पहले सूतक काल प्रारम्भ हो जाता है, यानी सुबह 6:20 मिनट से सूतक शुरू हो जाएगा। सूतक काल में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य या उत्सव मनाना ठीक नहीं है। इसलिए रंगोत्सव मनाना शास्त्र सम्मत नहीं है। इसके चलते तीन मार्च को होली नहीं खेली जाएगी। चंद्रग्रहण और सूतक की वजह से चार मार्च को ही रंगोत्सव मनाया जाए।


होली पर चंद्र ग्रहण में क्या करें

आचार्य राजेश कुमार शर्मा कहते हैं ग्रहण काल का समय साधना के लिए विशेष फलदाई होता है। मंदिरों के पट बंद रखें। गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए। चाकू से कोई चीज काटना व छीलना वर्जित है। ग्रहण के उपरांत सफेद वस्तुओं का दान करें। स्नान करने के उपरांत मंदिर के पट खोलें और भगवान की मूर्तियों को स्नान कराकर नए वस्त्र धारण कराएं।
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