Budaun: व्यापारी की पत्नी की हत्यारे नौकर समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास, आठ साल पहले हुई थी जघन्य वारदात
बदायूं में कोर्ट ने हत्या और लूट के मामले में तीन लोगों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों ने आठ साल पहले व्यापारी की पत्नी की हत्या कर उनके घर से 20 लाख रुपये लूटे थे। व्यापारी ने नौकरी से इसकी साजिश रची थी।
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बदायूं की विवेक विहार कॉलोनी में आठ साल पहले गारमेंट व्यापारी उमेश चंद्र रस्तोगी की पत्नी अरुणा की हत्या कर लूटपाट के मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दुकान के नौकर और उसके दो दोस्तों को दोषी पाते हुए विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) कुमारी रिंकू ने उन पर 80-80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
उमेश चंद्र रस्तोगी ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर बताया था कि 14 अक्तूबर 2018 पत्नी अरुणा घर पर अकेली थीं। बेटा नितिन व बहू पूजा एक समारोह में शामिल होने कासगंज के मारहरा गए हुए थे। जनरल स्टोर की दुकान पर नौकरों के साथ वह अकेले ही थे। शाम को लगभग छह बजे घर पर काम करने वाली महिला प्रिया पहुंची। उसने अरुणा को रसोई में खून से लथपथ हालत में तड़पते हुए देखा। बताने पर वह घर पहुंचे और इलाज के लिए बरेली लेकर चले, मगर रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
हत्या कर लूटे थे 30 लाख रुपये
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करते हुए शक के आधार पर नौकर शिवम मौर्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने घटना स्वीकार करते हुए सोनू मौर्य व दिलीप मौर्य का साथ लेकर चाकू से हमला किया था। विवेचना में पाया गया कि हत्या कर वे तीनों 20 लाख रुपये नकद घर से लूटकर ले गए थे। सोनू के मकान से यह रकम मिल भी गई थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद से लगातार मामले में सुनवाई चल रही थी। बुधवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया, अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद तीनों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
उमेश बोले- अब मिली पत्नी की आत्मा को शांति
पत्नी अरुणा रस्तोगी (65) के हत्यारों को सजा हुई तो पति व उनके बेटे ने न्यायालय को धन्यवाद दिया। उमेश ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था। भले ही आठ साल बाद सजा मिली, लेकिन वह कोर्ट के निर्णय से संतुष्ट हैं। फैसले से मेरी पत्नी की आत्मा को शांति मिलेगी। हम इसे न्याय की जीत मानेंगे। दोषियों ने जिस प्रकार से घटना को अंजाम दिया वह विश्वास से परे था।
सिविल लाइंस क्षेत्र के विवेक विहार कॉलोनी के रहने वाले शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी उमेश चंद्र रस्तोगी की बड़े बाजार में रेडीमेड की थोक व किराना की फुटकर की बहुत पुरानी दुकान है। उनके एक ही बेटा है नितिन। इनकी दुकान पर शिवम मौर्य नौकर का काम करता था। उसका घर में आना-जाना था। परिवार को उसपर इतना भरोसा था कि पांच-पांच लाख रुपये लेकर वह घर में रखने खुद ही जाता था। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या कर घर में रखी करीब 20 लाख रुपये लूटने की साजिश रची।
चाकू से किए थे ताबड़तोड़ प्रहार
14 अक्तूबर 2018 को वह दुकान से रुपये लेकर घर आया। उसके दो दोस्त सोनू मौर्य व दिलीप मौर्य पहले से ही घर के बाहर पहुंच गए थे। इसी दौरान शिवम ने अरुणा पर चाकू से ताबड़तोड वार दिए। जब वह लहूलुहान होकर किचन में गिर गईं तो 20 लाख रुपये से भरा बैग लेकर तीनों घर से निकल गए। हत्या की सूचना मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी। देखते ही देखते तत्कालीन एसएसपी समेत आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।
पड़ताल के बाद गली में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में तीन युवक घर से निकलते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दुकान के नौकर शिवम व उसके दोनों दोस्तों सोनू पुत्र सुरेश मौर्य और दिलीप पुत्र रामकिशोर मौर्य को आधी रात बाद ही गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लूटी गई 20 लाख रुपये की रकम, जेवरात आदि बरामद कर लिए थे। अगले दिन इस मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीनों को कोर्ट में पेश करते हुए जेल भेज दिया था।
नौकरी ने किया विश्वासघात: नितिन
नितिन रस्तोगी ने कहा कि फैसले का हम और हमारा परिवार सम्मान करता है। हमें तो विश्वास में धोखा दिया गया। हत्यारों को उम्रकैद की सजा से मेरी मां की आत्मा को शांति मिलेगी। यह कानून की जीत है। हम फैसले का सम्मान करते हैं।
घटना के बाद से ही जेल में है शिवम
दोषी करार शिवम मौर्य घटना का मुख्य आरोपी था। वह जब से जेल गया है तब से ही जेल में है। अब सजा होने के बाद जीवनभर जेल की सलाखों के पीछे ही रहेगा।
सोनू व दिलीप को मिल गई थी कोर्ट से जमानत
घटना के दो साल बाद ही सोनू व दिलीप को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। वह जेल से बाहर थे। मंगलवार को जब न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया, तभी पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
