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Bulandshahar News: लापरवाही पर जिले के दो क्षेत्राधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
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बुलंदशहर। मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी कलानिधि नैथानी के ऑपरेशन विवेचना के तहत बुलंदशहर पुलिस ने लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी दिखाई है। एक माह की समीक्षा रिपोर्ट में जिले में लंबित विवेचनाओं में आठ प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, बेहतर प्रदर्शन के बीच कुछ सर्किलों में लापरवाही भी सामने आई है, जिस पर डीआईजी ने सख्त रुख अपनाते हुए दो क्षेत्राधिकारियों से जवाब तलब किया है।
डीआईजी कार्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च 2026 की तुलना में 1 अप्रैल 2026 तक बुलंदशहर जनपद में विवेचनाओं के निस्तारण का ग्राफ सुधरा है। जिले में सबसे शानदार प्रदर्शन स्याना सर्किल का रहा, जहां लंबित मामलों में 14 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, नगर सर्किल में भी 12 प्रतिशत विवेचनाओं का निस्तारण कर बेहतर कार्यशैली का परिचय दिया गया है। एक ओर जहां कुछ सर्किलों ने विवेचनाएं घटाईं, वहीं दूसरी ओर जिले के शिकारपुर और डिबाई सर्किल में स्थिति इसके उलट पाई गई।
पिछले तीन महीनों 1 जनवरी से 1 अप्रैल की समीक्षा में इन दोनों सर्किलों में लंबित विवेचनाओं की संख्या कम होने के बजाय बढ़ गई। डीआईजी ने इसे लापरवाही मानते हुए क्षेत्राधिकारी शिकारपुर और क्षेत्राधिकारी डिबाई का स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विवेचनाओं का निस्तारण केवल संख्या कम करने के लिए न किया जाए, बल्कि, उनकी गुणवत्ता भी उच्च स्तरीय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन सर्किलों में विवेचनाएं पेंडिंग रहेंगी, वहां के प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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डीआईजी कार्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च 2026 की तुलना में 1 अप्रैल 2026 तक बुलंदशहर जनपद में विवेचनाओं के निस्तारण का ग्राफ सुधरा है। जिले में सबसे शानदार प्रदर्शन स्याना सर्किल का रहा, जहां लंबित मामलों में 14 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, नगर सर्किल में भी 12 प्रतिशत विवेचनाओं का निस्तारण कर बेहतर कार्यशैली का परिचय दिया गया है। एक ओर जहां कुछ सर्किलों ने विवेचनाएं घटाईं, वहीं दूसरी ओर जिले के शिकारपुर और डिबाई सर्किल में स्थिति इसके उलट पाई गई।
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पिछले तीन महीनों 1 जनवरी से 1 अप्रैल की समीक्षा में इन दोनों सर्किलों में लंबित विवेचनाओं की संख्या कम होने के बजाय बढ़ गई। डीआईजी ने इसे लापरवाही मानते हुए क्षेत्राधिकारी शिकारपुर और क्षेत्राधिकारी डिबाई का स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विवेचनाओं का निस्तारण केवल संख्या कम करने के लिए न किया जाए, बल्कि, उनकी गुणवत्ता भी उच्च स्तरीय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन सर्किलों में विवेचनाएं पेंडिंग रहेंगी, वहां के प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।