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Bulandshahar News: क्रय केंद्रों का संचालन न होने से मंडी में औने-पौने दाम में गेहूं बेच रहे किसान
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शिकारपुर मंडी में बंद पड़ा गेहूं क्रय केंद्र। संवाद
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खुर्जा/शिकारपुर/सिकंदराबाद/गुलावठी। शासन की घोषणा के अनुसार 30 मार्च से गेहूं खरीदने के लिए क्रय केंद्र खुल तो गए लेकिन तकनीकी कारणों के चलते पहले दिन गेहूं की खरीदारी नहीं हो सकी। क्षेत्रीय किसान बड़ी संख्या में गेहूं लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। क्रय केंद्रों पर गेहूं की सरकारी खरीद न होने पर आढ़तियों को औने-पौने भाव में गेहूं बेचने के लिए किसानों को मजबूर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सरकारी समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल है, मगर मंडी में व्यापारी 2290 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं खरीद रहे हैं। इस तरह किसानों को 300 रुपये प्रति क्विंटल नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, अभी तक जिला स्तर से लेकर तहसील स्तर पर गेहूं खरीद पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी नामित नहीं हुए। मंगलवार को खुर्जा, शिकारपुर, सिकंदराबाद व गुलावठी मंडी में खुले केंद्रों का जायजा लिया तो विभाग की लापरवाही सामने आई। क्रय केंद्रों पर न तो बारदाना मिला और ही किसानों के लिए सुविधाएं।
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सीन-1
सूना पड़ा क्रय केंद्र, नहीं मिला बारदाना
सिकंदराबाद देहात क्षेत्र बिलसूरी में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर बारदाना और कांटा तक नहीं मिला। किसान सतीश व प्रकाश ने बताया कि कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारी सौरभ यादव ने बताया एक-दो दिन में बारदाना और मशीन आ जाएगी और गेहूं की तुलाई का कार्य शुरू हो जाएगा। सिकंदराबाद अनाज मंडी में खुले क्रय केंद्र पर भी बारदाना नहीं मिला और किसानों के लिए सुविधाएं भी मुहैया नहीं कराई हैं।
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सीन-2
सूने पड़े क्रय केंद्र, घूमते नजर आए कुत्ते
गुलावठी की अनाज मंडी में खाद्य व एफसीआई नाम से दो सेंटर बनाए गए है। केंद्र के इंचार्ज अरविंद कुमार और एफसीआई केंद्र के इंचार्ज है। नवादा से किसान सतवीर सिंह मंडी में भाव कम होने की वजह से सतवीर सिंह अनाज मंडी में 23 क्विंटल गेहूं बेचने को लेकर पहुंचे, लेकिन ऑनलाइन बारदाना शुरू न होने की वजह से बेच नहीं सके। दोनों इंचार्ज ने बताया कि अभी ऑफलाइन बारदाना है। पानी पीने को लेकर क्रय केंद्रों पर किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। खाली होने की वजह से कुत्ते सोते नजर आए।
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सीन-3
नल पड़ी खराब, केंद्रों पर लटके ताले
शिकारपुर अनाज मंडी में आरएफसी, पीएससी और एफसीआई के कांटे लग चुके हैं। उन पर बारदाना भी आ चुका है। केंद्रों पर ताले लटके मिले। मंडी में भी व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिलीं। यहां पर तीन नल खराब पड़े हैं, जबकि टिन शेड ऊपर से टूटा है। मंडी में साफ-सफाई का भी अभाव है। दूसरी ओर किसान हरबीर सिंह और प्रीतम ने बताया कि एक तो मौसम खराब है और दूसरा अभी सरकारी खरीद नहीं होने के कारण मंडी में औने-पौने दामों में गेहूं बेचना पड़ रहा है। इससे उन्हें नुकसान हो रहा है।
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अभी नहीं हुई गेहूं की खरीद शुरू
खुर्जा मंडी मेंं दो केंद्र खोले गए हैं। यहां पर बारदाना तो मिला, लेकिन अभी तक गेहूं खरीद नहीं हो सकी है। केंद्र प्रभारी उर्मिला कुशवाहा ने बताया कि अभी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचे हैं। वहीं, दूसरी ओर मंडी में पेयजल समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं काफी हद तक ठीक मिली। मंडी में पहुंचे किसान कुशल ने बताया कि वह मंडी में गेहूं खरीद का पता करने पहुंचे और जरूरी जानकारी ली।
मंडी में पेयजल समस्या का समाधान
स्याना। अमर उजाला में स्याना अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं को लेकर समाचार प्रकाशित होते ही अधिकारी हरकत में आए। अधिकारी पेयजल का प्रबंध करने में लग गए। नींद से जागे इन अधिकारियों की तरफ से गर्मी को देखते हुए मंडी के मुख्य गेट के पास ठंडे पानी के वाटर कूलर को ठीक करा दिया गया। समस्या दूर होने से किसानों के साथ-साथ मंडी के व्यापारियों व मजदूरों ने राहत की सांस ली क्योंकि पानी की तलाश के लिए उन्हें बाहरी इलाके का रुख करना पड़ रहा था। पेयजल मुहैया होने के बाद लोगों ने अमर उजाला का आभार जताते हुए कहा कि अभी तो गर्मी शुरू हुई थी और पानी न मिलने के कारण बुरा हाल हो रहा था। ठंडा पानी मुहैया होने के बाद उनकी दिक्कत तो कम हुई ही है साथ ही बाहर से पानी का प्रबंध करने की अब जरूरत नही पड़ेगी।
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कोट
गेहूं खरीद पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्रों पर बारदाना पहुंचना शुरू हो गया है और जल्द ही सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा। सभी केंद्र प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। - राजेश कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
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सीन-1
सूना पड़ा क्रय केंद्र, नहीं मिला बारदाना
सिकंदराबाद देहात क्षेत्र बिलसूरी में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर बारदाना और कांटा तक नहीं मिला। किसान सतीश व प्रकाश ने बताया कि कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारी सौरभ यादव ने बताया एक-दो दिन में बारदाना और मशीन आ जाएगी और गेहूं की तुलाई का कार्य शुरू हो जाएगा। सिकंदराबाद अनाज मंडी में खुले क्रय केंद्र पर भी बारदाना नहीं मिला और किसानों के लिए सुविधाएं भी मुहैया नहीं कराई हैं।
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सीन-2
सूने पड़े क्रय केंद्र, घूमते नजर आए कुत्ते
गुलावठी की अनाज मंडी में खाद्य व एफसीआई नाम से दो सेंटर बनाए गए है। केंद्र के इंचार्ज अरविंद कुमार और एफसीआई केंद्र के इंचार्ज है। नवादा से किसान सतवीर सिंह मंडी में भाव कम होने की वजह से सतवीर सिंह अनाज मंडी में 23 क्विंटल गेहूं बेचने को लेकर पहुंचे, लेकिन ऑनलाइन बारदाना शुरू न होने की वजह से बेच नहीं सके। दोनों इंचार्ज ने बताया कि अभी ऑफलाइन बारदाना है। पानी पीने को लेकर क्रय केंद्रों पर किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। खाली होने की वजह से कुत्ते सोते नजर आए।
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सीन-3
नल पड़ी खराब, केंद्रों पर लटके ताले
शिकारपुर अनाज मंडी में आरएफसी, पीएससी और एफसीआई के कांटे लग चुके हैं। उन पर बारदाना भी आ चुका है। केंद्रों पर ताले लटके मिले। मंडी में भी व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिलीं। यहां पर तीन नल खराब पड़े हैं, जबकि टिन शेड ऊपर से टूटा है। मंडी में साफ-सफाई का भी अभाव है। दूसरी ओर किसान हरबीर सिंह और प्रीतम ने बताया कि एक तो मौसम खराब है और दूसरा अभी सरकारी खरीद नहीं होने के कारण मंडी में औने-पौने दामों में गेहूं बेचना पड़ रहा है। इससे उन्हें नुकसान हो रहा है।
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अभी नहीं हुई गेहूं की खरीद शुरू
खुर्जा मंडी मेंं दो केंद्र खोले गए हैं। यहां पर बारदाना तो मिला, लेकिन अभी तक गेहूं खरीद नहीं हो सकी है। केंद्र प्रभारी उर्मिला कुशवाहा ने बताया कि अभी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचे हैं। वहीं, दूसरी ओर मंडी में पेयजल समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं काफी हद तक ठीक मिली। मंडी में पहुंचे किसान कुशल ने बताया कि वह मंडी में गेहूं खरीद का पता करने पहुंचे और जरूरी जानकारी ली।
मंडी में पेयजल समस्या का समाधान
स्याना। अमर उजाला में स्याना अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं को लेकर समाचार प्रकाशित होते ही अधिकारी हरकत में आए। अधिकारी पेयजल का प्रबंध करने में लग गए। नींद से जागे इन अधिकारियों की तरफ से गर्मी को देखते हुए मंडी के मुख्य गेट के पास ठंडे पानी के वाटर कूलर को ठीक करा दिया गया। समस्या दूर होने से किसानों के साथ-साथ मंडी के व्यापारियों व मजदूरों ने राहत की सांस ली क्योंकि पानी की तलाश के लिए उन्हें बाहरी इलाके का रुख करना पड़ रहा था। पेयजल मुहैया होने के बाद लोगों ने अमर उजाला का आभार जताते हुए कहा कि अभी तो गर्मी शुरू हुई थी और पानी न मिलने के कारण बुरा हाल हो रहा था। ठंडा पानी मुहैया होने के बाद उनकी दिक्कत तो कम हुई ही है साथ ही बाहर से पानी का प्रबंध करने की अब जरूरत नही पड़ेगी।
कोट
गेहूं खरीद पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्रों पर बारदाना पहुंचना शुरू हो गया है और जल्द ही सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा। सभी केंद्र प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। - राजेश कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।

शिकारपुर मंडी में बंद पड़ा गेहूं क्रय केंद्र। संवाद

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