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देश में सिर्फ सनातन चलेगा, जीओ और जीने दो का नाम ही सनातन है: स्वामी यतींद्रानंद
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अनूपशहर के श्री शनि महादेव धाम में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में आरती करते भक्त। स्रोत: आय
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अनूपशहर। कस्बे की भारद्वाज काॅलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज ने हिंदू समाज, इतिहास और राम मंदिर विवाद पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जियो और जीने दो का संदेश देने वाला सनातन ही देश की असली पहचान है। यह सनातनियों का देश है और यहां सिर्फ सनातन ही चलेगा।
स्वामी यतींद्रानंद ने देश के सामाजिक ढांचे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को अपनी ताकत पहचाननी होगी क्योंकि वे शेरों की संतान हैं। भारत के मुसलमान भी अपने भाई-बहन हैं। उन्होंने सांस्कृतिक पतन पर प्रहार किया। कहा कि हिंदू को तिलक लगाना और चोटी रखनी चाहिये। उन्होंने सुहागिनों के माथे से सिंदूर गायब कर प्लास्टिक की बिंदी लगाने पर भी तंज कसा। वृद्धाश्रम बनाने पर उन्होंने कहा कि बच्चों को 16 संस्कार और गायत्री मंत्र सिखाने से वृद्धाश्रमों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
राम मंदिर विवाद पर कहा कि जो लोग पहले कोर्ट में भगवान राम को काल्पनिक बताते थे, आज भव्य मंदिर देखकर उनके पेट में दर्द हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अजमेर दरगाह के चढ़ावे पर कोई उंगली क्यों नहीं उठाता। उन्होंने हिंदुओं को आगाह करते हुए कहा कि जनसंख्या का संतुलन बनाए रखने के लिए बच्चे पैदा करें और बच्चों को सिर्फ नौकरी के पीछे न भगाकर पारंपरिक व्यापार संभालने के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर शनि महादेव धाम संस्थापक पं. देवेंद्र भारद्वाज, विधायक संजय शर्मा, चेयरमैन किशनपाल सिंह लोधी, सोनू भारद्वाज, मुनेश शर्मा, कोमित सिरोही, संजीव गुप्ता, ज्ञानेंद्र भारद्वाज और लायकराम आदि मौजूद रहे।
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स्वामी यतींद्रानंद ने देश के सामाजिक ढांचे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को अपनी ताकत पहचाननी होगी क्योंकि वे शेरों की संतान हैं। भारत के मुसलमान भी अपने भाई-बहन हैं। उन्होंने सांस्कृतिक पतन पर प्रहार किया। कहा कि हिंदू को तिलक लगाना और चोटी रखनी चाहिये। उन्होंने सुहागिनों के माथे से सिंदूर गायब कर प्लास्टिक की बिंदी लगाने पर भी तंज कसा। वृद्धाश्रम बनाने पर उन्होंने कहा कि बच्चों को 16 संस्कार और गायत्री मंत्र सिखाने से वृद्धाश्रमों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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राम मंदिर विवाद पर कहा कि जो लोग पहले कोर्ट में भगवान राम को काल्पनिक बताते थे, आज भव्य मंदिर देखकर उनके पेट में दर्द हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अजमेर दरगाह के चढ़ावे पर कोई उंगली क्यों नहीं उठाता। उन्होंने हिंदुओं को आगाह करते हुए कहा कि जनसंख्या का संतुलन बनाए रखने के लिए बच्चे पैदा करें और बच्चों को सिर्फ नौकरी के पीछे न भगाकर पारंपरिक व्यापार संभालने के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर शनि महादेव धाम संस्थापक पं. देवेंद्र भारद्वाज, विधायक संजय शर्मा, चेयरमैन किशनपाल सिंह लोधी, सोनू भारद्वाज, मुनेश शर्मा, कोमित सिरोही, संजीव गुप्ता, ज्ञानेंद्र भारद्वाज और लायकराम आदि मौजूद रहे।
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