यति नरसिंहानंद बोले: देश में मुस्लिम प्रधानमंत्री बना तो दो मंदिर तोड़े जाएंगे, 2034 में कोई नहीं रोक पाएगा
बांग्लादेश में एक छोटे से अंतराल में 30 लाख हिंदुओं का कत्ल हुआ। भारत में यहां के प्रधानमंत्री ने इस पर कोई आवाज नहीं उठाई। हिंदुओं अगर जिंदा बचना चाहते हो तो अपना गिरोह बनाओ।
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यूपी के बुलंदशहर स्थित कस्बे में शुक्रवार को आयोजित हिंदू सम्मेलन में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि जिस तरह हिंदुओं की आबादी घट रही है। उस हिसाब से देश में बहुत जल्द मुस्लिम प्रधानमंत्री होगा। जिस दिन उनका प्रधानमंत्री बनेगा दो मंदिर सबसे पहले तोड़े जाएंगे। एक अयोध्या का राम मंदिर और दूसरा गाजियाबाद का डासना देवी मंदिर। अगर 2029 में मुस्लिम प्रधानमंत्री नहीं बना तो 2034 में धरती की कोई ताकत मुसलमान प्रधानमंत्री बनने से नहीं रोक सकती।
आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिंदू सम्मेलन का शनिवार को बालका रोड स्थित बॉम्बे रिसॉर्ट में आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि आज आपकी (हिंदुओं) सरकार है। सरकार आपकी कितनी रक्षा कर पा रही है, ये तो आप जानते होंगे। कल जब सरकार उनकी होगी, प्रधानमंत्री उनका होगा, ऊपर से हुक्म आएगा कि इस बाबा (मुझे) को गोली मार दो। मैं तो उससे पहले ही मारा जाउंगा, लेकिन तुम खुद को नहीं बचा पाओगे।
बांग्लादेश में एक छोटे से अंतराल में 30 लाख हिंदुओं का कत्ल हुआ। भारत में यहां के प्रधानमंत्री ने इस पर कोई आवाज नहीं उठाई। हिंदुओं अगर जिंदा बचना चाहते हो तो अपना गिरोह बनाओ। परिवार में जब ज्यादा बेटे होंगे और हथियार होंगे, तभी परिवार मजबूत बनेगा। अगर जिंदा रहना चाहते हो तो एक बेटे की बीमारी से छुटकारा पाओ।
आरएसएस के प्रचारक चला रहे पुलिस-प्रशासन
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि जो प्रशासन और पुलिस को चलाता है, आज आरएसएस प्रचारकों का कैडर उनसे ऊपर है। कोई ऐसा आईएएस-आईपीएस अफसर इस समय भारत में नहीं है, जो प्रचारकों की बात को टाल सके और संघ का ये मूल सिद्धांत था। संघ जिसके विचारों पर बना, उनका नाम था वीर सावरकर।
सम्मेलन को मुख्य वक्त प्रांत सहसंपर्क प्रमुख वेदपाल, विशिष्ट अतिथि विभु गौर, धर्मानंद गिरि, अभयानंद गिरि ने संबोधित किया।सम्मेलन की अध्यक्षता आचार्य कुलदीप शास्त्री ने की और संचालन रमेश चंद पांडेय ने किया। इस दौरान पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी, श्यामलाल लोधी, योगेश सिंहल, नवनीत गुप्ता, ऋषिपाल भडाना, बालक राम शर्मा, डॉ. चमन लोधी, सोनू लोधी, मनोज चौहान, चमन शर्मा, शंकर आर्य, तरसेम गुर्जर, संतराम भडाना, मोहित गुर्जर, गिरीश लोधी, हरीश लोधी, जयप्रकाश गुप्ता, शिवकुमार गुप्ता, कमल सिंह, वीरेंद्र गुडडू चावला मौजूद रहे।
