सकलडीहा। स्थानीय पीजी कॉलेज में हिंदी विभाग और अपनी माटी संस्थान चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) के तत्वावधान में मुंशी प्रेमचंद के सपना का भारत विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में शनिवार को शिक्षकों ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य पर प्रकाश डाला। समापन सत्र के मुख्य अतिथि हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज वाराणसी के पूर्व प्राचार्य डॉ. गया सिंह ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज की आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है।
डॉ. गया सिंह ने कहा कि आज की पीढ़ी साहित्य का गहन अध्ययन नहीं कर रही है। विशिष्ट अतिथि राजकीय महिला पीजी कॉलेज, मिर्जापुर प्रो. राजकुमार सिंह ने प्रेमचंद की सामाजिक चेतना और ग्रामीण जीवन के यथार्थ पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रेमचंद के कहानी और उपन्यासों के पात्र हमारे आसपास ही हैं। यज्ञानाथ पांडेय ने प्रेमचंद की राष्ट्रीयता, शिक्षा-दृष्टि और सामाजिक सरोकारों पर विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. जितेंद्र यादव रहे। अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. दयानिधि सिंह यादव ने किया। इस मौके पर डॉ. श्याम लाल सिंह यादव, अजय कुमार यादव, डॉ. रमाकांत गौड़, डॉ. रोहित यादव, डॉ. कामेश सिंह, डॉ. अमितेश सिंह, डॉ. संदीप जायसवाल आदि मौजूद थे।