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Chandauli News: लहलहाती फसलों के बीच मौसम के बदलते मिजाज ने बढ़ाई किसानों की बेचैनी
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टांडाकला। गेहूं और अरहर की तैयार फसलों के बीच दो दिनों से मौसम के बदले मिजाज और आसमान में उमड़ते बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने अगेती सरसों की कटाई कर ली है। कई किसान उपज को थ्रेसर से साफ कराकर घरों तक पहुंचा चुके हैं, जबकि कुछ किसान अभी भी कटाई और मड़ाई में जुटे हैं।
अरहर की फसल में अच्छी फली लगने से बेहतर पैदावार की उम्मीद है। खेतों में गेहूं की फसल भी पकने को तैयार है, इससे किसान काफी उत्साहित हैं। मौसम में अचानक आए बदलाव ने किसानों को संकट में डाल दिया है। सोमवार और मंगलवार को सुबह के समय धुंध और दिन में बादलों की आवाजाही बनी रही। अचानक बढ़ी हल्की ठंड और बादलों को देख किसान किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। किसान इंद्रजीत पांडे ने बताया कि दो दिनों से बादल छाए हैं। सुबह भी धुंध देखी जा सकती है। जिन किसानों की सरसों कटकर खेतों में सूखने के लिए लेहनी के रूप में पड़ी है, उनके लिए बारिश का अंदेशा बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। यदि इस समय बारिश होती है, तो तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। जानकारों का मानना है कि हल्की बारिश जहां गेहूं की देर से बोई गई फसल के लिए संजीवनी हो सकती है, वहीं कटकर तैयार पड़ी सरसों और अरहर के लिए यह नुकसानदेह साबित होगी।
कोट
बंगाल के खाड़ी में चक्रवात आने से यह दबाव पड़ा है। पानी बरसने का अनुमान नहीं है।
नरेंद्र कुमार, एडी, कृषि विभाग
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नरेंद्र कुमार, एडी, कृषि विभाग