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Chitrakoot News: विद्युत चोरी में आरोपी को मिली जमानत (कोर्ट का लोगो)
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25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर कोर्ट ने रिहा करने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश राम मणि पाठक ने विद्युत चोरी के मामले में आरोपी लवलेश कुमार यादव को जमानत दे दी है। उसे 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक प्रतिभूति पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।
बिजली विभाग के तत्कालीन अवर अभियंता अजीत भट्ट की अगुवाई में टीम 21 मार्च 2022 में राजापुर के सुरसेनपुर गांव में कनेक्शन चेकिंग करने गई थी। चेकिंग में टीम ने पाया था कि लवलेश द्वारा मीटर से आने वाली केबल काटकर दो एचपी का सबमर्सिबल पंप लगाकर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। इस मामले में बिजली थाना में आरोपी लवलेश कुमार यादव के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने आरोपी लवलेश को निर्दोष बताया। कहा कि उन पर झूठा आरोप लगाया गया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
अदालत ने पाया कि आरोपी पर लगा अपराध शमनीय प्रकृति का है। लवलेश कुमार यादव ने शमन शुल्क और बकाया बिजली बिलों का भुगतान कर दिया है। विद्युत विभाग के पैरोकार ने भी अदालत को बताया कि अब कोई बकाया राशि शेष नहीं है। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देख अदालत ने लवलेश कुमार यादव को जमानत पर रिहा करने का पर्याप्त आधार पाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश राम मणि पाठक ने विद्युत चोरी के मामले में आरोपी लवलेश कुमार यादव को जमानत दे दी है। उसे 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक प्रतिभूति पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।
बिजली विभाग के तत्कालीन अवर अभियंता अजीत भट्ट की अगुवाई में टीम 21 मार्च 2022 में राजापुर के सुरसेनपुर गांव में कनेक्शन चेकिंग करने गई थी। चेकिंग में टीम ने पाया था कि लवलेश द्वारा मीटर से आने वाली केबल काटकर दो एचपी का सबमर्सिबल पंप लगाकर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। इस मामले में बिजली थाना में आरोपी लवलेश कुमार यादव के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने आरोपी लवलेश को निर्दोष बताया। कहा कि उन पर झूठा आरोप लगाया गया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
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अदालत ने पाया कि आरोपी पर लगा अपराध शमनीय प्रकृति का है। लवलेश कुमार यादव ने शमन शुल्क और बकाया बिजली बिलों का भुगतान कर दिया है। विद्युत विभाग के पैरोकार ने भी अदालत को बताया कि अब कोई बकाया राशि शेष नहीं है। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देख अदालत ने लवलेश कुमार यादव को जमानत पर रिहा करने का पर्याप्त आधार पाया।