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Chitrakoot News: सोमवती अमावस्या...तीन लाख श्रद्धालुओं का होगा समागम
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फोटो न- 14 सीकेटीपी 21 रामायण मेला में पुलिस कर्मियों को निर्देश देते एसपी व अन्य। संवाद
मेला क्षेत्र को पांच जोन में बांट कर पुलिस के जवान तैनात किए गए, जगह-जगह की बैरिकेडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। ज्येष्ठ माह की सोमवती अमावस्या के अवसर पर धर्मनगरी में आस्था का जनसैलाब उमड़ेगा। इस दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां आएंगे और रामघाट समेत अन्य घाटों पर स्नान कर पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर पुण्य अर्जित करेंगे। बाद में मंदिर और मठों में देवी-देवताओं का दर्शन करेंगे। साथ ही श्रद्धालु कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना करेंगे।
पुरोहितों के अनुसार तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है। सोमवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मेला क्षेत्र का भ्रमण किया और सुरक्षा व्यवस्थाएं परखीं। श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन धर्मनगरी के घाटों पर पेयजल, प्रसाधन समेत 24 घंटे बिजली आपूर्ति समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं को चकाचक करने में पूरे दिन जुटा रहा।
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए लगेंगे प्याऊ
चित्रकूट। गर्मी को देखते हुए, जिलाधिकारी ने पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। प्याऊ में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बड़े टैंक रखे जाएंगे। पांच जोन व 15 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र : मेला क्षेत्र को पांच जोन और 15 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां सुरक्षा के लिए पुलिस जवानों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मेला में तैनात पुलिस बल को ब्रीफिंग देते हुए कहा कि सभी जवान अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में मुस्तैद रहें। उन्होंने ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। सुरक्षा व्यवस्था में 8 पुलिस क्षेत्राधिकारी, 16 प्रभारी निरीक्षक, 28 थानाध्यक्ष, 132 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 450 हेड कांस्टेबल, 6 उपनिरीक्षक, 42 यातायात पुलिस कर्मी, एलआईयू की टीम और पीएसी की एक प्लाटून फोर्स कंपनी तैनात रहेगी।-- -- -- -- -- -- -
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मेला क्षेत्र में प्रवेश पर मालवाहक वाहनों की पाबंदी
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए धर्मनगरी क्षेत्र में आने वाले मालवाहक बड़े वाहनों पर 16 जून की मध्यरात्रि 12 बजे तक रोक लगा दी गई है। शहर के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं जैसे लोधवारा मोड़, रेहुटिया, खोह, पुलिस लाइन तिराहा, शेषनपुरवा मोड़ और बेड़ी पुलिया पर सुबह 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक नो एंट्री जोन लागू रहेगा। भारी वाहनों के लिए प्रयागराज, कौशांबी, बांदा और सतना की ओर से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण किया गया है। हल्के वाहनों को बेड़ी पुलिया, मंदाकिनी पुल, धनुष चौराहा और एलआईयूसी तिराहे से संचालित किया जाएगा।
सोमवती अमावस्या का महत्व
धर्मनगरी के भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास ने ज्येष्ठ मास की अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सोमवती अमावस्या का दिन आध्यात्मिक साधना, आत्म चिंतन तथा पूर्वजों व पितरों को समर्पित होता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान-पुण्य करने से पितृ दोष और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
परिवहन व्यवस्था: बसों और ट्रेनों का संचालन
सोमवती अमावस्या मेले के लिए 120 रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। बांदा, राठ, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट डिपो से कुल 120 बसें और मेला स्पेशल बसों का संचालन 17 जून तक जारी रहेगा। रेलवे द्वारा झांसी और कानपुर से दो विशेष मेला ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा। पहली मेला स्पेशल ट्रेन वीरांगना लक्ष्मी बाई झांसी स्टेशन से सुबह 8:10 बजे प्रस्थान कर चित्रकूट धाम पहुंचेगी और शाम को वापस झांसी के लिए रवाना होगी।
मेला क्षेत्र को पांच जोन में बांट कर पुलिस के जवान तैनात किए गए, जगह-जगह की बैरिकेडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। ज्येष्ठ माह की सोमवती अमावस्या के अवसर पर धर्मनगरी में आस्था का जनसैलाब उमड़ेगा। इस दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां आएंगे और रामघाट समेत अन्य घाटों पर स्नान कर पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर पुण्य अर्जित करेंगे। बाद में मंदिर और मठों में देवी-देवताओं का दर्शन करेंगे। साथ ही श्रद्धालु कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना करेंगे।
पुरोहितों के अनुसार तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है। सोमवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मेला क्षेत्र का भ्रमण किया और सुरक्षा व्यवस्थाएं परखीं। श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन धर्मनगरी के घाटों पर पेयजल, प्रसाधन समेत 24 घंटे बिजली आपूर्ति समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं को चकाचक करने में पूरे दिन जुटा रहा।
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मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए लगेंगे प्याऊ
चित्रकूट। गर्मी को देखते हुए, जिलाधिकारी ने पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। प्याऊ में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बड़े टैंक रखे जाएंगे। पांच जोन व 15 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र : मेला क्षेत्र को पांच जोन और 15 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां सुरक्षा के लिए पुलिस जवानों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मेला में तैनात पुलिस बल को ब्रीफिंग देते हुए कहा कि सभी जवान अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में मुस्तैद रहें। उन्होंने ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। सुरक्षा व्यवस्था में 8 पुलिस क्षेत्राधिकारी, 16 प्रभारी निरीक्षक, 28 थानाध्यक्ष, 132 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 450 हेड कांस्टेबल, 6 उपनिरीक्षक, 42 यातायात पुलिस कर्मी, एलआईयू की टीम और पीएसी की एक प्लाटून फोर्स कंपनी तैनात रहेगी।
मेला क्षेत्र में प्रवेश पर मालवाहक वाहनों की पाबंदी
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए धर्मनगरी क्षेत्र में आने वाले मालवाहक बड़े वाहनों पर 16 जून की मध्यरात्रि 12 बजे तक रोक लगा दी गई है। शहर के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं जैसे लोधवारा मोड़, रेहुटिया, खोह, पुलिस लाइन तिराहा, शेषनपुरवा मोड़ और बेड़ी पुलिया पर सुबह 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक नो एंट्री जोन लागू रहेगा। भारी वाहनों के लिए प्रयागराज, कौशांबी, बांदा और सतना की ओर से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण किया गया है। हल्के वाहनों को बेड़ी पुलिया, मंदाकिनी पुल, धनुष चौराहा और एलआईयूसी तिराहे से संचालित किया जाएगा।
सोमवती अमावस्या का महत्व
धर्मनगरी के भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास ने ज्येष्ठ मास की अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सोमवती अमावस्या का दिन आध्यात्मिक साधना, आत्म चिंतन तथा पूर्वजों व पितरों को समर्पित होता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान-पुण्य करने से पितृ दोष और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
परिवहन व्यवस्था: बसों और ट्रेनों का संचालन
सोमवती अमावस्या मेले के लिए 120 रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। बांदा, राठ, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट डिपो से कुल 120 बसें और मेला स्पेशल बसों का संचालन 17 जून तक जारी रहेगा। रेलवे द्वारा झांसी और कानपुर से दो विशेष मेला ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा। पहली मेला स्पेशल ट्रेन वीरांगना लक्ष्मी बाई झांसी स्टेशन से सुबह 8:10 बजे प्रस्थान कर चित्रकूट धाम पहुंचेगी और शाम को वापस झांसी के लिए रवाना होगी।