{"_id":"697ba9985987caa1d6015a64","slug":"many-brave-soldiers-were-martyred-while-fighting-the-war-against-pakistan-and-china-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1001-126346-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: पाक व चीन से युद्ध में मोर्चा लेते हुए शहीद हुए थे कई जांबाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: पाक व चीन से युद्ध में मोर्चा लेते हुए शहीद हुए थे कई जांबाज
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
फोटो न-29सीकेटीपी 12- एलआईसी तिराहे पर बना शहीद पार्क। संवाद
विज्ञापन
चित्रकूट। देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जिले के वीर सपूतों को आज भी याद किया जाता है। पाकिस्तान और चीन के साथ हुए युद्धों के साथ-साथ आतंकवादियों से लोहा लेते हुए इन वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत को नमन करने के लिए शहर के एलआईसी तिराहे पर शहीद पार्क का निर्माण किया गया है, जहां शहीद दिवस पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाते हैं।
सैनिक कल्याण मोर्चा के जिलाध्यक्ष, सेवानिवृत्त कैप्टन संतोष प्रजापति ने बताया कि भारत-चीन युद्ध 1962 में सीतापुर कस्बे के तीर्थराजपुरी मोहल्ला निवासी गोविंद प्रसाद सोनी शहीद हुए थे। वहीं, 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अमीलिहा गांव के बाबू लाल तिवारी ने वीरगति प्राप्त की।
राजापुर क्षेत्र के सरधुआ गांव निवासी सेना नायक कल्लू राम यादव 1995 में कश्मीर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। सरधुआ गांव में शहीद कल्लू राम की प्रतिमा भी स्थापित है, जो उनकी वीरता की गाथा कहती है। इसी प्रकार, नांदिन गांव के छोटे लाल प्रजापति भी कश्मीर में आतंकवादियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हुए थे।
Trending Videos
सैनिक कल्याण मोर्चा के जिलाध्यक्ष, सेवानिवृत्त कैप्टन संतोष प्रजापति ने बताया कि भारत-चीन युद्ध 1962 में सीतापुर कस्बे के तीर्थराजपुरी मोहल्ला निवासी गोविंद प्रसाद सोनी शहीद हुए थे। वहीं, 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अमीलिहा गांव के बाबू लाल तिवारी ने वीरगति प्राप्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजापुर क्षेत्र के सरधुआ गांव निवासी सेना नायक कल्लू राम यादव 1995 में कश्मीर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। सरधुआ गांव में शहीद कल्लू राम की प्रतिमा भी स्थापित है, जो उनकी वीरता की गाथा कहती है। इसी प्रकार, नांदिन गांव के छोटे लाल प्रजापति भी कश्मीर में आतंकवादियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हुए थे।
