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Deoria News: शराब और पशु तस्करी के बाद अब नकली नोटों ने बढ़ाईं एसटीएफ की मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:05 AM IST
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सलेमपुर। अब तक शराब और पशु तस्करी के लिए बदनाम बिहार बॉर्डर इलाके में अब नकली दवा और नकली नोटों के जाल की तलाश हो रही है।
सीतापुर पुलिस नकली नोट खपाने के आरोप में जिस डॉ. अल्तमश को खोज रही है, वह सलेमपुर क्षेत्र का ही रहने वाला है। ऐसे में बॉर्डर इलाके में भी धंधेबाजों का नेटवर्क होने की आशंका है। एसटीएफ की एक टीम इसके बारे में जानकारी जुटा रही है।
बिहार के सिवान और गोपालगंज जिले का बॉर्डर देवरिया जिले के पूर्वी छोर से मिला है। कई जगह स्थिति ऐसी है कि एक कदम के अंतर में ही यूपी-बिहार है। लोगों के खेत यूपी में हैं और उसकी मेड़ से बिहार शुरू हो जाता है। इसलिए इस पूरे इलाके में पशु तस्करों और शराब तस्करों को पकड़ने में पुलिस को पसीना बहाना पड़ता है। श्रीरामपुर, बघौचघाट और बनकटा थाना क्षेत्र के कई गांवों में लोग खेत की पगडंडी के रास्ते तस्करी का माल यूपी से बिहार भेजते हैं।
डॉ. अल्तमश का नाम सामने आने के बाद अब इलाके में नकली दवा और नकली नोट के नेटवर्क की छानबीन शुरू हुई है। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ से पिकअप व बोलेरो से कुछ लोग देवरिया तक दवा मंगाते हैं। यहां से दवाएं बिहार बॉर्डर पर खुली दुकानों तक भेजी जाती हैं। कोडीनयुक्त कफ सिरप की जांच के दौरान यह बात सामने भी आ चुकी है। इसके अलावा पिछले साल भाटपार रानी तहसील की एक दवा की दुकान पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने छापा मारकर नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं जब्त की थीं।
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बिहार के सिवान और गोपालगंज जिले का बॉर्डर देवरिया जिले के पूर्वी छोर से मिला है। कई जगह स्थिति ऐसी है कि एक कदम के अंतर में ही यूपी-बिहार है। लोगों के खेत यूपी में हैं और उसकी मेड़ से बिहार शुरू हो जाता है। इसलिए इस पूरे इलाके में पशु तस्करों और शराब तस्करों को पकड़ने में पुलिस को पसीना बहाना पड़ता है। श्रीरामपुर, बघौचघाट और बनकटा थाना क्षेत्र के कई गांवों में लोग खेत की पगडंडी के रास्ते तस्करी का माल यूपी से बिहार भेजते हैं।
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डॉ. अल्तमश का नाम सामने आने के बाद अब इलाके में नकली दवा और नकली नोट के नेटवर्क की छानबीन शुरू हुई है। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ से पिकअप व बोलेरो से कुछ लोग देवरिया तक दवा मंगाते हैं। यहां से दवाएं बिहार बॉर्डर पर खुली दुकानों तक भेजी जाती हैं। कोडीनयुक्त कफ सिरप की जांच के दौरान यह बात सामने भी आ चुकी है। इसके अलावा पिछले साल भाटपार रानी तहसील की एक दवा की दुकान पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने छापा मारकर नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं जब्त की थीं।
