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Deoria News: ट्रेनों की लेटलतीफी से मिलेगी आजादी, सफर होगा आसान

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:35 AM IST
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Freedom from train delays, travel will become easier
गोरखपुर - देवरिया - छपरा रेल मार्ग
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देवरिया। गोरखपुर-देवरिया-छपरा मुख्य रेल मार्ग पर एक साथ तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी मंजूरी मिल जाएगी। लाइन क्षमता बढ़ने से जहां ट्रेनों का संचालन सुगम होगा, वहीं भविष्य की बढ़ती यात्री और माल ढुलाई की जरूरतों को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा। यह परियोजना पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त रेल खंडों में शामिल गोरखपुर-छपरा मार्ग को नई गति देगी। इससे यात्रियों का सफर काफी आसान हो जाएगा।
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देवरिया जिले के गौरी बाजार, बैतालपुर, देवरिया शहर और भटनी जंक्शन स्टेशनों से होकर गुजरी बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा रेल लाइन पूर्वोत्तर रेलवे की मुख्य रेल लाइन है। यह रेल लाइन पूर्वांचल और बिहार के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वोत्तर भारत को भी जोड़ती है। इस रूट पर प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनों और 30 से अधिक मालगाड़ियों का संचालन होता है।
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सरदारनगर से गोरखपुर तक बिछी है तीसरी लाइन
इस रेल मार्ग पर गोरखपुर से सरदारनगर तक तीसरी लाइन बिछ गई है। सरदारनगर से बैतालपुर तक तीसरी लाइन का सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बैतालपुर से देवरिया होते हुए भटनी तक डबल लाइन ही है। भटनी से छपरा के बीच भी डबल लाइन है। भटनी जंक्शन से वाराणसी के लिए लाइन अलग होती है। इस लाइन का भी दोहरीकरण कार्य चल रहा है। मार्च में दोहरीकरण कार्य पूरा होने पर उस रूट पर ट्रेनों की स्पीड व संख्या बढ़नी तय है। इसके बाद भटनी से देवरिया होते हुए गोरखपुर के बीच पहले से ही व्यस्त रेल रूट पर ओवरलोड बढ़ जाएगा।
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लाइन बढ़ने पर नई ट्रेनों को मिलेगा रास्ता
बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा मेन लाइन ओवरलोड है। स्थिति यह है कि होली, दिवाली में चलने वाली त्योहार स्पेशल ट्रेनों का टाइम टेबल सेट करने के लिए माथापच्ची करनी पड़ती है, क्योंकि सुबह के समय लखनऊ की तरफ से आने वाली ट्रेन और शाम की तरफ लखनऊ की तरफ जाने वाली ट्रेनों की भीड़ रहती है। हर आधे घंटे के बाद एक ट्रेन गुजरती है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों के लिए स्पेशल समय भी खोजना पड़ता है। इस पर भी अगर कोई एक ट्रेन किसी कारण से विलंबित हो गई तो उसे वापस अपने टाइम पर आने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ती है। इसलिए तीसरी व चौथी लाइन का ही विकल्प है। ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए नई गाड़ियां चलाने से पहले रेल लाइनों की क्षमता का विस्तार जरूरी है।
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कोट
गोरखपुर-देवरिया-छपरा रेल मार्ग पर ट्रेनों की संख्या अधिक है। इसलिए इस पूरे रूट पर एक साथ तीसरी लाइन व चौथी लाइन बिछाने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव मंजूर होने पर सर्वे व डीपीआर की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस रेल मार्ग की क्षमता का विस्तार किया जाएगा।

पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे
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