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Deoria News: इंस्टाग्राम पर होता था चोरी की बाइकों का सौदा, पांच से सात हजार में बेचते थे
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 23 Jan 2026 12:19 AM IST
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सलेमपुर। 18 से 20 वर्ष की उम्र के युवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए चोरी की बाइकों का सौदा करते थे। ये लोग चोरी की बाइकों को मात्र पांच से सात हजार रुपये में बेच देते थे। इन रुपये से अपना शौक पूरे करते थे।
पकड़े गए आरोपियों के मुताबिक पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में खड़ी बाइकों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही बाइक चोरी कर लेते और फिर उसके फोटो इंस्टाग्राम पर साझा कर संभावित ग्राहकों से संपर्क साधते थे। ग्राहक तय होने के बाद बाइकों को बिहार ले जाकर बेंच देते थे। जहां कम दाम देखकर लोग आसानी से खरीद लेते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि अधिकतर खरीदार यह जानते हुए भी बाइक चोरी की है, कम दाम की लालच में खरीद लेते थे। कुछ मामलों में नंबर प्लेट बदल दी जाती थी या हटा दी जाती थी, ताकि पहचान न हो सके। इतनी कम उम्र में अपराध की ओर बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है। सूत्रों के मुताबिक युवक महंगे मोबाइल, घूमने-फिरने और अन्य शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरोह में शामिल कुछ युवक पहले नशे और ऑनलाइन गतिविधियों के आदी हो चुके थे, जिससे वे जल्दी पैसों की तलाश में अपराध करने लगे।
पुलिस अब सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले ऐसे अवैध सौदों पर भी नजर रखने की बात कह रही है। साथ ही बिहार में जिन लोगों ने चोरी की बाइक खरीदी है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कोतवाल महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि आगे की जांच में और भी चोरी की घटनाओं के खुलासे की संभावना है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सस्ते दाम के लालच में बिना कागजात के वाहन न खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।
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पकड़े गए आरोपियों के मुताबिक पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में खड़ी बाइकों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही बाइक चोरी कर लेते और फिर उसके फोटो इंस्टाग्राम पर साझा कर संभावित ग्राहकों से संपर्क साधते थे। ग्राहक तय होने के बाद बाइकों को बिहार ले जाकर बेंच देते थे। जहां कम दाम देखकर लोग आसानी से खरीद लेते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि अधिकतर खरीदार यह जानते हुए भी बाइक चोरी की है, कम दाम की लालच में खरीद लेते थे। कुछ मामलों में नंबर प्लेट बदल दी जाती थी या हटा दी जाती थी, ताकि पहचान न हो सके। इतनी कम उम्र में अपराध की ओर बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है। सूत्रों के मुताबिक युवक महंगे मोबाइल, घूमने-फिरने और अन्य शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरोह में शामिल कुछ युवक पहले नशे और ऑनलाइन गतिविधियों के आदी हो चुके थे, जिससे वे जल्दी पैसों की तलाश में अपराध करने लगे।
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पुलिस अब सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले ऐसे अवैध सौदों पर भी नजर रखने की बात कह रही है। साथ ही बिहार में जिन लोगों ने चोरी की बाइक खरीदी है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कोतवाल महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि आगे की जांच में और भी चोरी की घटनाओं के खुलासे की संभावना है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सस्ते दाम के लालच में बिना कागजात के वाहन न खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।
