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Etah News: चैत्र नवरात्र आज से, देवी मंदिरों में उमड़ेगी आस्था, बाजारों में भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:57 PM IST
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आराध्या पाराशर
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एटा। चैत्र नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे हैं। बुधवार को धार्मिक उत्साह का माहौल दिखाई दिया। घरों और मंदिरों में नौ दिनों तक चलने वाली साधना, उपवास व पूजा-अर्चना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पंडितों ने घट स्थापना के लिए सुबह 6:52 से 7:43 बजे तक का समय बेहतर बताया है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।
ज्योतिषियों के अनुसार इस वर्ष प्रतिपदा बृहस्पतिवार को पड़ने से यह नवरात्र अत्यंत मंगलकारी रहेगा और आने वाला साल सभी के लिए शुभ फलदायी माना जा रहा है। बुधवार सुबह देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां चरम पर रहीं। पथवारी मंदिर, काली माता मंदिर, जनता दुर्गा मंदिर समेत अन्य शक्ति धामों में सफाई के बाद आकर्षक सजावट की गई। दीवारों और प्रवेश द्वारों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। मंदिरों में भक्तों के लिए प्रकाश व्यवस्था, प्रसाद वितरण व सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी प्रशासन की ओर से किए गए हैं। अलीगंज, जलेसर, अवागढ़, सकीट, मारहरा, मिरहची, राजा का रामपुर, निधौली कलां समेत अन्य क्षेत्रों में भी देवी मंदिरों पर तैयारियां की गई हैं।
पूरे दिन बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़े लोग
नवरात्र की तैयारियों को लेकर बुधवार को प्रमुख बाजारों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। घंटाघर, हाथी गेट, मेहता पार्क मार्ग और ठंडी सड़क बाजारों में दिनभर खरीदारी का दौर चलता रहा। भक्त माता रानी के लिए चुनरी, नए वस्त्र, माला, अगरबत्ती, दीपक, कलश, मिट्टी के बर्तन, सिंदूर, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री खरीदते नजर आए। दुकानदारों ने बताया कि सुबह से ही मां के शृंगार और माता की मूर्तियों की खरीदारी के लिए महिलाओं की लाइन लगी रही। कई जगहों पर अस्थायी दुकानें भी सज गईं जहां पूजा सामग्री से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक की अच्छी बिक्री होती रही।
मांग के साथ बढ़े फलों के दाम
नवरात्र का व्रत रखने वाले भक्तों ने फल की खरीदारी की। मांग बढ़ने से फलों के दाम 10 से 20 रुपये तक बढ़ गए। नारियल पहले 30–35 रुपये में बिक रहा था, अब 50 रुपये प्रति नग पहुंच गया। सेब 120 रुपये किलो से बढ़कर 150 रुपये किलो बिका। संतरा 40 रुपये बढ़कर 60 रुपये किलो हो गया। अंगूर 80 से 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। पपीता 60 रुपये किलो के भाव से बिका। फल विक्रेता मुन्ना ने बताया कि नवरात्र में मांग बढ़ने से दामों में और उतार-चढ़ाव संभव है।
भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन अलर्ट
जिले के कई मंदिरों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। प्रमुख मंदिरों के आसपास यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
बोले लोग-
मंदिर की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं भक्त सुबह 3 बजे से मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचेंग। इस बार मातारानी के वस्त्रों को विशेष तौर से मथुरा से मंगाया गया है। - कमला देवी पुजारिन पथवारी मंदिर
माता रानी के इस दिन का इंतजार रहता है आज मिट्टी का वर्तन खरीदा है इसमें जौ बोएंगे। वहीं माता रानी का उपवास रखकर दुर्गा सप्तसती का पाठ पूर नौ दिन करुंगी। - आराध्या पाराशर, पटियाली गेट
दो दिन पहले से ही माता के श्रृंगार के सामान की खूब खरीदारी हो रही है। भक्त सबसे अधिक चुनरी, पोशाक, माला खरीद रहे हैं। बुधवार शाम तक बाजार में भीड़ रही। - मुकेश माहेश्वरी, दुकनदार सब्जी मंडी
इस बार मातारानी की मूर्ति की स्थापना के लिए लोग छोटी मूर्ति से लेकर बड़ी प्रतिमाएं खरीद रहे हैं। हमारे पास घर में स्थापना के लिए छोटी मूर्तियों की सबसे अधिक मांग है। - प्रदीप कुमार, दुकानदार ठंडी सड़क
पथवारी मंदिर का इतिहास
एटा। ठंडी सड़क पर स्थित माता पथवारी मंदिर पर आज से भक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी। माना जाता है कि मां पथवारी का यह प्राचीन मंदिर करीब 200 वर्ष से अधिक पुराना है यहां आने वाले भक्तों की हर मुराद पूरी होती है। नवरात्र में मातारानी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। नवरात्रों पर माता के दर्शन को सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं।
मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार वर्षों पहले यहां पीपल के पेड़ के नीचे देवी की प्रतिमा स्थापित थी। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी और फिर मंदिर का विस्तार शुरू हुआ। श्रद्धालुओं का कहना है कि करीब तीन दशक पहले मंदिर के पीछे बड़ा तालाब भी हुआ करता था जो समय के साथ समाप्त हो गया। मंदिर की देखरेख एक समय बाबा विश्राम दास ने संभाली और उन्होंने परिसर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बाद में पुजारी पोखपाल ने भी मंदिर में सेवा करते हुए अपना पूरा जीवन मातारानी के चरणों में समर्पित कर दिया। वर्तमान में पुजारिन कमला देवी मंदिर की व्यवस्था संभाल रही हैं। उनका कहना है कि मां के दर पर सच्चे मन से आने वालों की हर मनोकामना पूरी होती है। यहां रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। भक्तों की मान्यता है कि यहां नौ देवियों के स्वरूप का विग्रह स्थापित है जिसकी विशेष महिमा का उल्लेख दूर-दूर तक है। पटियाली गेट निवासी 80 वर्षीय सीडी शर्मा बताती है कि वह कभी मां के दर से खाली हाथ नहीं लौटीं माता नौ स्वरूपों का विग्रह अत्यंत अद्भुत और मनमोहक है।
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ज्योतिषियों के अनुसार इस वर्ष प्रतिपदा बृहस्पतिवार को पड़ने से यह नवरात्र अत्यंत मंगलकारी रहेगा और आने वाला साल सभी के लिए शुभ फलदायी माना जा रहा है। बुधवार सुबह देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां चरम पर रहीं। पथवारी मंदिर, काली माता मंदिर, जनता दुर्गा मंदिर समेत अन्य शक्ति धामों में सफाई के बाद आकर्षक सजावट की गई। दीवारों और प्रवेश द्वारों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। मंदिरों में भक्तों के लिए प्रकाश व्यवस्था, प्रसाद वितरण व सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी प्रशासन की ओर से किए गए हैं। अलीगंज, जलेसर, अवागढ़, सकीट, मारहरा, मिरहची, राजा का रामपुर, निधौली कलां समेत अन्य क्षेत्रों में भी देवी मंदिरों पर तैयारियां की गई हैं।
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पूरे दिन बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़े लोग
नवरात्र की तैयारियों को लेकर बुधवार को प्रमुख बाजारों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। घंटाघर, हाथी गेट, मेहता पार्क मार्ग और ठंडी सड़क बाजारों में दिनभर खरीदारी का दौर चलता रहा। भक्त माता रानी के लिए चुनरी, नए वस्त्र, माला, अगरबत्ती, दीपक, कलश, मिट्टी के बर्तन, सिंदूर, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री खरीदते नजर आए। दुकानदारों ने बताया कि सुबह से ही मां के शृंगार और माता की मूर्तियों की खरीदारी के लिए महिलाओं की लाइन लगी रही। कई जगहों पर अस्थायी दुकानें भी सज गईं जहां पूजा सामग्री से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक की अच्छी बिक्री होती रही।
मांग के साथ बढ़े फलों के दाम
नवरात्र का व्रत रखने वाले भक्तों ने फल की खरीदारी की। मांग बढ़ने से फलों के दाम 10 से 20 रुपये तक बढ़ गए। नारियल पहले 30–35 रुपये में बिक रहा था, अब 50 रुपये प्रति नग पहुंच गया। सेब 120 रुपये किलो से बढ़कर 150 रुपये किलो बिका। संतरा 40 रुपये बढ़कर 60 रुपये किलो हो गया। अंगूर 80 से 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। पपीता 60 रुपये किलो के भाव से बिका। फल विक्रेता मुन्ना ने बताया कि नवरात्र में मांग बढ़ने से दामों में और उतार-चढ़ाव संभव है।
भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन अलर्ट
जिले के कई मंदिरों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। प्रमुख मंदिरों के आसपास यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
बोले लोग-
मंदिर की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं भक्त सुबह 3 बजे से मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचेंग। इस बार मातारानी के वस्त्रों को विशेष तौर से मथुरा से मंगाया गया है। - कमला देवी पुजारिन पथवारी मंदिर
माता रानी के इस दिन का इंतजार रहता है आज मिट्टी का वर्तन खरीदा है इसमें जौ बोएंगे। वहीं माता रानी का उपवास रखकर दुर्गा सप्तसती का पाठ पूर नौ दिन करुंगी। - आराध्या पाराशर, पटियाली गेट
दो दिन पहले से ही माता के श्रृंगार के सामान की खूब खरीदारी हो रही है। भक्त सबसे अधिक चुनरी, पोशाक, माला खरीद रहे हैं। बुधवार शाम तक बाजार में भीड़ रही। - मुकेश माहेश्वरी, दुकनदार सब्जी मंडी
इस बार मातारानी की मूर्ति की स्थापना के लिए लोग छोटी मूर्ति से लेकर बड़ी प्रतिमाएं खरीद रहे हैं। हमारे पास घर में स्थापना के लिए छोटी मूर्तियों की सबसे अधिक मांग है। - प्रदीप कुमार, दुकानदार ठंडी सड़क
पथवारी मंदिर का इतिहास
एटा। ठंडी सड़क पर स्थित माता पथवारी मंदिर पर आज से भक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी। माना जाता है कि मां पथवारी का यह प्राचीन मंदिर करीब 200 वर्ष से अधिक पुराना है यहां आने वाले भक्तों की हर मुराद पूरी होती है। नवरात्र में मातारानी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। नवरात्रों पर माता के दर्शन को सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं।
मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार वर्षों पहले यहां पीपल के पेड़ के नीचे देवी की प्रतिमा स्थापित थी। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी और फिर मंदिर का विस्तार शुरू हुआ। श्रद्धालुओं का कहना है कि करीब तीन दशक पहले मंदिर के पीछे बड़ा तालाब भी हुआ करता था जो समय के साथ समाप्त हो गया। मंदिर की देखरेख एक समय बाबा विश्राम दास ने संभाली और उन्होंने परिसर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बाद में पुजारी पोखपाल ने भी मंदिर में सेवा करते हुए अपना पूरा जीवन मातारानी के चरणों में समर्पित कर दिया। वर्तमान में पुजारिन कमला देवी मंदिर की व्यवस्था संभाल रही हैं। उनका कहना है कि मां के दर पर सच्चे मन से आने वालों की हर मनोकामना पूरी होती है। यहां रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। भक्तों की मान्यता है कि यहां नौ देवियों के स्वरूप का विग्रह स्थापित है जिसकी विशेष महिमा का उल्लेख दूर-दूर तक है। पटियाली गेट निवासी 80 वर्षीय सीडी शर्मा बताती है कि वह कभी मां के दर से खाली हाथ नहीं लौटीं माता नौ स्वरूपों का विग्रह अत्यंत अद्भुत और मनमोहक है।

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