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Etawah News: मच्छरों का प्रकोप बढ़ा, वायरल के मरीज बढ़े
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फोटो01:: खून की जांच करवाने के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
-जिला अस्पताल में 1115 मरीजों ने दोपहर तक करवाया पंजीकरण
-डॉक्टर मरीजों को देखने के बाद 230 या 250 की करवा रहे जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बारिश में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई हैं। पहले जहां वायरल के 15 से 20 मरीज पहुंच रहे थे, अब इनकी संख्या 35 से अधिक हो गई है। डॉक्टर मरीजों को देखने के बाद 230 से लेकर 250 मरीजों की जांच करवा रहे हैं। इसमें अधिकतर मरीजों को सर्दी, जुकाम के अलावा वायरल फीवर के मरीज निकल रहे हैं। डॉक्टर दवा के साथ उन्हें बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
बुधवार को बाबा भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में 1115 मरीजों ने दोपहर 13 बजे तक पंजीकरण करवाया। इसमें सबसे अधिक सर्दी, जुकाम, खांसी के अलावा वायरल फीवर के मरीज पहुंचे। डॉ. शांतनु निगम ने मरीजों के परीक्षण के बाद 118 लोगों की जांच करवाई। इसमें 35 मरीज वायरल फीवर की चपेट में निकले। अन्य मरीजों को सामान्य सर्दी, जुकाम व खांसी निकली। डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट के बाद उन्हें दवा लिखी। साथ ही बदलते मौसम में मच्छरों से बचने की सलाह दी। ठंड या तेज बुखार आने पर तुरंत जांच करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि वायरल फीवर के बुखार में प्लेटलेट्स बहुत जल्दी कम होती है। ऐसे में खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाकर इलाज करवाना चाहिए।
मच्छर के काटने से ये होते हैं रोग...
मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस, मलेरिया, वेस्ट नाइल वायरस, पीला बुखार, फाइलेरिया, टुलारेमिया, डिरोफाइलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस आदि बीमारियां होती है। यह मरीजों के लिए जानलेवा भी साबित होती है।
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इस तरह करें बचाव
सुबह-शाम फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। घर व आसपास गंदगी एकत्र न होने दें। कूलर व नाली में गंदा पानी जमा न होने दें। मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी व कॉइल का इस्तेमाल करें। ठंड देकर या तेज बुखार आने पर तुरंत जांच करवाएं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दवा का सेवन करें। झोलछाप से बिल्कुल भी इलाज न करवाएं।
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-जिला अस्पताल में 1115 मरीजों ने दोपहर तक करवाया पंजीकरण
-डॉक्टर मरीजों को देखने के बाद 230 या 250 की करवा रहे जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बारिश में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई हैं। पहले जहां वायरल के 15 से 20 मरीज पहुंच रहे थे, अब इनकी संख्या 35 से अधिक हो गई है। डॉक्टर मरीजों को देखने के बाद 230 से लेकर 250 मरीजों की जांच करवा रहे हैं। इसमें अधिकतर मरीजों को सर्दी, जुकाम के अलावा वायरल फीवर के मरीज निकल रहे हैं। डॉक्टर दवा के साथ उन्हें बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
बुधवार को बाबा भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में 1115 मरीजों ने दोपहर 13 बजे तक पंजीकरण करवाया। इसमें सबसे अधिक सर्दी, जुकाम, खांसी के अलावा वायरल फीवर के मरीज पहुंचे। डॉ. शांतनु निगम ने मरीजों के परीक्षण के बाद 118 लोगों की जांच करवाई। इसमें 35 मरीज वायरल फीवर की चपेट में निकले। अन्य मरीजों को सामान्य सर्दी, जुकाम व खांसी निकली। डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट के बाद उन्हें दवा लिखी। साथ ही बदलते मौसम में मच्छरों से बचने की सलाह दी। ठंड या तेज बुखार आने पर तुरंत जांच करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि वायरल फीवर के बुखार में प्लेटलेट्स बहुत जल्दी कम होती है। ऐसे में खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाकर इलाज करवाना चाहिए।
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मच्छर के काटने से ये होते हैं रोग...
मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस, मलेरिया, वेस्ट नाइल वायरस, पीला बुखार, फाइलेरिया, टुलारेमिया, डिरोफाइलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस आदि बीमारियां होती है। यह मरीजों के लिए जानलेवा भी साबित होती है।
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इस तरह करें बचाव
सुबह-शाम फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। घर व आसपास गंदगी एकत्र न होने दें। कूलर व नाली में गंदा पानी जमा न होने दें। मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी व कॉइल का इस्तेमाल करें। ठंड देकर या तेज बुखार आने पर तुरंत जांच करवाएं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दवा का सेवन करें। झोलछाप से बिल्कुल भी इलाज न करवाएं।