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Etawah News: 15 फीसदी तक उछले प्लास्टिक उत्पादों के दाम
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फोटो 22 - शास्त्री चौराहे के पास दुकान में खरीदारी करते ग्राहक। संवाद
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इटावा। पश्चिम एशिया में संघर्ष का असर बाजार में दिखना शुरू हो गया है। शुरुआती असर प्लास्टिक से बने सामानों पर दिख रहा है। जिले में बिकने वाले प्लास्टिक के सामान के दामों में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों को लग रहा है कि अभी और बढ़ोत्तरी हो सकती है। फिलहाल स्कूली छात्रों के बॉक्स, टिफिन और बच्चों के खिलौनों से लेकर प्लास्टिक की कुर्सियों व पेन आदि के दाम बढ़ चुके हैं।
कारोबारियों के अनुसार कई कंपनियों ने तेल महंगा होने की आशंका पर ऐसा किया है तो कई कंपनियों ने कच्चा तेल महंगा होने की वजह से प्लास्टिक के दाम महंगा होना बताया। इस वजह से रिसाइकिल प्लास्टिक पर आठ से 10 प्रतिशत और फर्स्ट क्लास प्लास्टिक पर 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में कुछ प्रमुख उत्पादों की बात करें तो इस समय 300 रुपये का पेन का बॉक्स अब 320 रुपये में मिल रहा है।
वहीं 15 रुपये का बॉक्स 17 का हो गया है। कॉपी किताबों पर चढ़ाने वाला रॉल भी महंगा हो गया है। करीब 1600 रुपये कीमत की एक पेटी पीवीसी व टेप रॉल अब 1800 का हो गया है। इसी तरह 100 रुपये की बाल्टी 115 रुपये, 350 रुपये की पॉटी पॉट 400 रुपये, 500 रुपये का पालना 600 रुपये तक और 1000 रुपये की ट्राई साइकिल 1150 रुपये तक बिक रही है। कारोबारियों की मानें तो 15 से 20 दिनों में ये दाम और उछाल मार सकते हैं। इससे कुछ वस्तुओं के महंगा होने से ग्राहकों पर सीधा असर पड़ रहा है तो कई उत्पादों के महंगा होने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।
स्टेशनरी कारोबारी अमित पालीवाल बताते हैं कि पीवीसी रॉल पर दाम बढ़े हैं। इससे प्रति मीटर करीब 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
प्लास्टिक कारोबारी राम किशोर बताते हैं कि बाल्टी, डिब्बा आदि सामान पर 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने से व्यापारियों को ज्यादा नुकसान हुआ है।
खिलौना कारोबारी रवि कुमार बताते हैं कि अलग-अलग गुणवत्ता वाली प्लास्टिक के खिलौने आते हैं। इसमें फर्स्ट क्लास प्लास्टिक के खिलौने ज्यादा महंगे हुए हैं।
स्टेशनरी व स्पोर्ट्स के थोक कारोबारी राजीव कुमार बताते हैं कि पेन-पेन्सिल बॉक्स, खेल के उत्पादों आदि में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और होने की आशंका है।
इसलिए बढ़ रहीं कीमतें
प्लास्टिक दाने कच्चे तेल और नेचुरल गैस से बनने वाले नेफ्था और एथिलीन से तैयार होते हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण प्लास्टिक बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ गई है, जिसे वे अब ग्राहकों पर डाल रही हैं।
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कारोबारियों के अनुसार कई कंपनियों ने तेल महंगा होने की आशंका पर ऐसा किया है तो कई कंपनियों ने कच्चा तेल महंगा होने की वजह से प्लास्टिक के दाम महंगा होना बताया। इस वजह से रिसाइकिल प्लास्टिक पर आठ से 10 प्रतिशत और फर्स्ट क्लास प्लास्टिक पर 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में कुछ प्रमुख उत्पादों की बात करें तो इस समय 300 रुपये का पेन का बॉक्स अब 320 रुपये में मिल रहा है।
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वहीं 15 रुपये का बॉक्स 17 का हो गया है। कॉपी किताबों पर चढ़ाने वाला रॉल भी महंगा हो गया है। करीब 1600 रुपये कीमत की एक पेटी पीवीसी व टेप रॉल अब 1800 का हो गया है। इसी तरह 100 रुपये की बाल्टी 115 रुपये, 350 रुपये की पॉटी पॉट 400 रुपये, 500 रुपये का पालना 600 रुपये तक और 1000 रुपये की ट्राई साइकिल 1150 रुपये तक बिक रही है। कारोबारियों की मानें तो 15 से 20 दिनों में ये दाम और उछाल मार सकते हैं। इससे कुछ वस्तुओं के महंगा होने से ग्राहकों पर सीधा असर पड़ रहा है तो कई उत्पादों के महंगा होने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।
स्टेशनरी कारोबारी अमित पालीवाल बताते हैं कि पीवीसी रॉल पर दाम बढ़े हैं। इससे प्रति मीटर करीब 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
प्लास्टिक कारोबारी राम किशोर बताते हैं कि बाल्टी, डिब्बा आदि सामान पर 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने से व्यापारियों को ज्यादा नुकसान हुआ है।
खिलौना कारोबारी रवि कुमार बताते हैं कि अलग-अलग गुणवत्ता वाली प्लास्टिक के खिलौने आते हैं। इसमें फर्स्ट क्लास प्लास्टिक के खिलौने ज्यादा महंगे हुए हैं।
स्टेशनरी व स्पोर्ट्स के थोक कारोबारी राजीव कुमार बताते हैं कि पेन-पेन्सिल बॉक्स, खेल के उत्पादों आदि में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और होने की आशंका है।
इसलिए बढ़ रहीं कीमतें
प्लास्टिक दाने कच्चे तेल और नेचुरल गैस से बनने वाले नेफ्था और एथिलीन से तैयार होते हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण प्लास्टिक बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ गई है, जिसे वे अब ग्राहकों पर डाल रही हैं।
