{"_id":"6988d3f5892fc48eba007d79","slug":"the-glory-of-the-wedding-seasonthe-demand-for-flowers-doubled-from-the-wedding-ceremony-to-the-wedding-bed-etawah-news-c-216-1-etw1005-137474-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: सहालग की शान...सेहरा से सेज तक फूलों की मांग हुई दोगुनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: सहालग की शान...सेहरा से सेज तक फूलों की मांग हुई दोगुनी
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो01: साबितगंज में फूल की बिक्री करते दुकानदार। संवाद
-शादी के मौसम में हल्दी-मेहंदी से लेकर बरात में फूलों की मांग बढ़ी
-शादी में घरों से लेकर स्टेज व मंडप में ताजे फूलों की हो रही सजावट
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। सहालग का दौर शुरू होते ही फूलों का कारोबार चमक उठा है। गुलाब के फूल से दूल्हे की कार ही नहीं जयमाल के स्टेज तक की सजावट की जा रही हैं। जयमाला, सेहरा, दूल्हे के वाहन आदि की सजावट के लिए फूलों की मांग बढ़ने से दाम दोगुना हो गए है। शादी की खुशी में लोग महंगाई की परवाह किए बगैर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं।
शहर के साबितगंज में फूलों की बड़ी मंडी है। यहां फूल विक्रेताओं की कई दुकानें है। सहालग सीजन में फूलों के कारोबारी शादी वाले घरों में मांग के मुताबिक विभिन्न किस्म के फूलों की आपूर्ति करा रहे हैं। यहां के फूल विक्रेता स्थानीय समेत आपूर्ति दिल्ली की मंडियों से हो रही है। साज-सज्जा के लिए आर्टिफिशियल फूलों की मांग भी बढ़ गई है।
फूल विक्रेता दिलशाद ने बताया कि 20 दिन में गेंदा और गुलाब के दाम दोगुना हो गए हैं। बाजार में अब गेंदा 120 रुपये किलो और गुलाब 200 किलो बिक रहा है। फूलों की आपूर्ति स्थानीय मंडी समेत दिल्ली मंडी से हो रही है। शादियों के सीजन में कारोबार भी दोगुना हो गया है। गुलाब के फूलों की जयमाला 500 से पांच हजार रुपये, गाड़ी की सजावट दो हजार रुपये, घर सजाने के लिए पांच हजार रुपये और मंडप सजाने के लिए पांच से दस हजार रुपये तक की बुकिंग की जा रही है।
दुल्हन के फूलों के गहनों का बढ़ा क्रेज
फूल विक्रेता हारून ने बताया कि इस समय हल्दी व मेहंदी की रस्म में दुल्हनों में फूलों के गहनों का क्रेज बढ़ा है। वह फूल के बने हुए गहने अधिक पसंद कर रही है। नया प्रचलन होने की वजह से इसके बाजार में अधिक दाम हैं। इसमें कई तरह के फूलों व महंगे फूलों का का प्रयोग कर बनाया जाता है। इसको बनाने में कई घंटे खर्च होते हैं। कारीगर फूल के गहने बनाने में 15 से 20 हजार रुपये लेते हैं। इसके अलावा दुल्हन के लिए फूलों की ओढ़नी का भी काफी प्रचलन है जो 10 से 12 हजार रुपये में तैयार होती है।
Trending Videos
-शादी के मौसम में हल्दी-मेहंदी से लेकर बरात में फूलों की मांग बढ़ी
-शादी में घरों से लेकर स्टेज व मंडप में ताजे फूलों की हो रही सजावट
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। सहालग का दौर शुरू होते ही फूलों का कारोबार चमक उठा है। गुलाब के फूल से दूल्हे की कार ही नहीं जयमाल के स्टेज तक की सजावट की जा रही हैं। जयमाला, सेहरा, दूल्हे के वाहन आदि की सजावट के लिए फूलों की मांग बढ़ने से दाम दोगुना हो गए है। शादी की खुशी में लोग महंगाई की परवाह किए बगैर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं।
शहर के साबितगंज में फूलों की बड़ी मंडी है। यहां फूल विक्रेताओं की कई दुकानें है। सहालग सीजन में फूलों के कारोबारी शादी वाले घरों में मांग के मुताबिक विभिन्न किस्म के फूलों की आपूर्ति करा रहे हैं। यहां के फूल विक्रेता स्थानीय समेत आपूर्ति दिल्ली की मंडियों से हो रही है। साज-सज्जा के लिए आर्टिफिशियल फूलों की मांग भी बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फूल विक्रेता दिलशाद ने बताया कि 20 दिन में गेंदा और गुलाब के दाम दोगुना हो गए हैं। बाजार में अब गेंदा 120 रुपये किलो और गुलाब 200 किलो बिक रहा है। फूलों की आपूर्ति स्थानीय मंडी समेत दिल्ली मंडी से हो रही है। शादियों के सीजन में कारोबार भी दोगुना हो गया है। गुलाब के फूलों की जयमाला 500 से पांच हजार रुपये, गाड़ी की सजावट दो हजार रुपये, घर सजाने के लिए पांच हजार रुपये और मंडप सजाने के लिए पांच से दस हजार रुपये तक की बुकिंग की जा रही है।
दुल्हन के फूलों के गहनों का बढ़ा क्रेज
फूल विक्रेता हारून ने बताया कि इस समय हल्दी व मेहंदी की रस्म में दुल्हनों में फूलों के गहनों का क्रेज बढ़ा है। वह फूल के बने हुए गहने अधिक पसंद कर रही है। नया प्रचलन होने की वजह से इसके बाजार में अधिक दाम हैं। इसमें कई तरह के फूलों व महंगे फूलों का का प्रयोग कर बनाया जाता है। इसको बनाने में कई घंटे खर्च होते हैं। कारीगर फूल के गहने बनाने में 15 से 20 हजार रुपये लेते हैं। इसके अलावा दुल्हन के लिए फूलों की ओढ़नी का भी काफी प्रचलन है जो 10 से 12 हजार रुपये में तैयार होती है।