सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Vehicles parked on highways claim lives, 811 dead in five years

Etawah News: हाईवे पर खड़े वाहन लील रहे जान, पांच साल में 811 की मौत

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:52 PM IST
विज्ञापन
Vehicles parked on highways claim lives, 811 dead in five years
विज्ञापन
फोटो : 14,15 व 16
Trending Videos

-आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस व हाईवे खड़े वाहन हादसों को दे रहे दावत
-सड़क सुरक्षा समिति रिपोर्ट के आधार पर पांच साल में 7024 हुए हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। एक्सप्रेस-वे व हाईवे पर सरपट दौड़ते वाहनों के बीच किनारे खड़े ट्रक और डंपर हादसों को खुली दावत दे रहे हैं। मथुरा में हाईवे किनारे खड़ी बस को कंटनेर ने पीछे से टक्कर मार दी थी, इसमें छह लोगों की मौत हो गई थी। जिले की सड़क सुरक्षा समिति के आंकड़ों की बात करें बीते पांच सालों में 7024 हादसे हुए, जिसमें 811 लोगों ने जान चली गई जबकि 8,355 लोग घायल हो गए। इन हादसों में 54.71 फीसदी मामले ड्राइवर को नींद आने या झपकी लगने की वजह से हुए, जिनमें खड़े वाहनों में पीछे से टक्कर मारना प्रमुख वजह रही है। विडंबना देखिए, जिस सफेद पट्टी के बाहर गाड़ियां खड़ी करना कानूनी जुर्म है, वहीं मौत का सामान सज रहा है और जिम्मेदार इस मामले से जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
--------------
सफेद पट्टी में अंधेरे में यमदूत बनकर खड़े हैं वाहन
सफेद पट्टी के किनारे खड़े ये वाहन रात के समय किसी यमदूत से कम नहीं होते हैं। रिफ्लेक्टर और इंडिकेटर के अभाव में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन सीधे इनसे टकरा जाते हैं। इसमें कई लोगों को अपनी जीवन से हाथ धोना पड़ जाता है जबकि कई लोग जीवन भर के लिए अपंग हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------
60 फीसदी हादसे सुबह के समय होते
एक्सप्रेस-वे व हाईवे पर अधिकतर दुर्घटनाएं आधी रात से सुबह चार बजे के बीच या सर्दियों में कोहरे के दौरान हुई हैं। इसका प्रमुख कारण एक्सप्रेसवे पर अवैध रूप से वाहन रोकना, खराब वाहन के पीछे रिफ्लेक्टर न लगाना और ड्राइवरों को नींद आना है। इसमें 60 फीसदी हादसे खड़े ट्रक या बस में पीछे से कार/पिकअप की टक्कर से हुई हैं। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे बसें अनधिकृत रूप से सवारी उतारने के लिए रुकती हैं और पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन उन्हें देख नहीं पाते और पीछे से आकर टकरा जाते हैं।
-----------------
एक्सप्रेस-वे व हाईवे पर होने वाले हादसे की प्रमुख वजह---
-नो पार्किंग जोन में बेखौफ खड़े भारी वाहन के खड़ा होना।
-ढाबों के बाहर सड़कों पर ट्रकों की लंबी कतार लगे होना।
-रात के अंधेरे में खड़े वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे पीछे से आ रहे वाहन सीधे टकरा जाते हैं।
-हाईवे पेट्रोलिंग और एनएचएआई की टीमों को 12 बजे के बाद गश्त न करना।
-नियम विरुद्ध खड़े वाहनों पर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होना।
-बड़ी दुर्घटना के बाद कुछ दिनों की सख्ती के बाद पुराने ढर्रे पर व्यवस्था का लौटना।
--------------------------------------
एक्सप्रेस-वे पर हाईवे पर हुई प्रमुख घटनाएं---
-अगस्त 2024: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर चौबिया के पास खराब खड़ी बस में पीछे से अनियंत्रित कार घुस गई थी। इसमें छह लोगों की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए थे।
-सितंबर 2025 में महेवा ओवरब्रिज के हाईवे पर सवारी उतार रही एक स्लीपर बस में पीछे से आ रही दूसरी बस ने टक्कर मार दी, जिससे एक परिचालक की मौत हो गई थी।
-2025 एक्सप्रेस-वे पर खड़े डंपर में कार की टक्कर में एक की मौत, दो घायल हो गए।
2025 ऊसराहार क्षेत्र में खड़े ट्रक में पीछे से कार की भिड़ंत में पांच घायल।
-जनवरी 2026: आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर घने कोहरे के दौरान एक ट्रक ने अचानक ब्रेक मारे, जिससे पीछे आ रहा ट्रक उससे टकरा गया और आग लग गई। इस हादसे में चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई।
-2026 जनवरी नेशनल हाईवे स्थित जसवंतनगर में डंपर ने बाइक सवार पिता-पुत्र को मारी टक्कर, तीनों की मौत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed