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Farrukhabad News: बाढ़ से निपटने के लिए 52 चौकियां और 24 शरणालय तैयार
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फोटो-19 शमसाबाद के समैचीपुर चितार में कटान करती गंगा की धारा। स्रोत: आर्काइव
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फर्रुखाबाद। मानसून के दस्तक देने से पहले जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गंगा और रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों को संभावित बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए 52 बाढ़ चौकियां और 24 बाढ़ शरणालय बनेंगे। प्रशासन ने 77 अतिसंवेदनशील और 112 संवेदनशील गांवों को चिह्नित कर विशेष निगरानी की योजना बनाई है। 15 जून के बाद सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार 15 से 25 जून के बीच मानसून पहुंचने की संभावना है। लगभग 68 किलोमीटर लंबे गंगा तटीय क्षेत्र वाले जिले में हर वर्ष 300 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। बढ़पुर ब्लॉक की पंखियन की मड़ैया, हैवतपुर गढि़या, कटरी धरमपुर, कायमगंज तहसील का पैलानी दक्षिण, समैचीपुर चितार, गुटैटी दक्षिण, कैलियाई, कमथरी, बांसखेड़ा, मुंशी नगला, बसोला, कटरी तौफीक तथा अमृतपुर क्षेत्र के कोला सोता और मंझा की मड़ैया जैसे गांव सबसे अधिक प्रभावित रहते हैं। इन इलाकों में बाढ़ के साथ कटान की समस्या भी गंभीर बनी रहती है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार सदर तहसील के 37, कायमगंज के 113 और अमृतपुर के 172 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इनमें 77 गांव अतिसंवेदनशील, 112 संवेदनशील और 133 गांव सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा के लिए सदर तहसील में 5, कायमगंज में 6 और अमृतपुर में 13 बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे। सदर में 4, कायमगंज में 15 और अमृतपुर में 33 बाढ़ चौकियों की स्थापना की जाएगी।
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अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सदर तहसील में 30, कायमगंज में 54 और अमृतपुर में 107, कुल 191 नावों व नाविकों की तैनाती की जाएगी। आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सदर क्षेत्र में 5, कायमगंज में 28 और अमृतपुर में 20 गोताखोर तैनात रहेंगे।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे दो बाढ़ नियंत्रण कक्ष
बाढ़ संबंधी शिकायतों और आपात सहायता के लिए जिला प्रशासन दो बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करेगा। पहला नियंत्रण कक्ष कलक्ट्रेट परिसर में तथा दूसरा सिंचाई खंड कार्यालय में संचालित होगा। कलक्ट्रेट नियंत्रण कक्ष के लिए 9454416457 और 05692-035077 तथा सिंचाई खंड नियंत्रण कक्ष के लिए 8005103770 नंबर जारी किए गए हैं। दोनों केंद्र मानसून अवधि में 24 घंटे सक्रिय रहकर लोगों को सहायता उपलब्ध कराएंगे।
मौसम विभाग के अनुसार 15 से 25 जून के बीच मानसून पहुंचने की संभावना है। लगभग 68 किलोमीटर लंबे गंगा तटीय क्षेत्र वाले जिले में हर वर्ष 300 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। बढ़पुर ब्लॉक की पंखियन की मड़ैया, हैवतपुर गढि़या, कटरी धरमपुर, कायमगंज तहसील का पैलानी दक्षिण, समैचीपुर चितार, गुटैटी दक्षिण, कैलियाई, कमथरी, बांसखेड़ा, मुंशी नगला, बसोला, कटरी तौफीक तथा अमृतपुर क्षेत्र के कोला सोता और मंझा की मड़ैया जैसे गांव सबसे अधिक प्रभावित रहते हैं। इन इलाकों में बाढ़ के साथ कटान की समस्या भी गंभीर बनी रहती है।
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प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार सदर तहसील के 37, कायमगंज के 113 और अमृतपुर के 172 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इनमें 77 गांव अतिसंवेदनशील, 112 संवेदनशील और 133 गांव सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा के लिए सदर तहसील में 5, कायमगंज में 6 और अमृतपुर में 13 बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे। सदर में 4, कायमगंज में 15 और अमृतपुर में 33 बाढ़ चौकियों की स्थापना की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सदर तहसील में 30, कायमगंज में 54 और अमृतपुर में 107, कुल 191 नावों व नाविकों की तैनाती की जाएगी। आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सदर क्षेत्र में 5, कायमगंज में 28 और अमृतपुर में 20 गोताखोर तैनात रहेंगे।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे दो बाढ़ नियंत्रण कक्ष
बाढ़ संबंधी शिकायतों और आपात सहायता के लिए जिला प्रशासन दो बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करेगा। पहला नियंत्रण कक्ष कलक्ट्रेट परिसर में तथा दूसरा सिंचाई खंड कार्यालय में संचालित होगा। कलक्ट्रेट नियंत्रण कक्ष के लिए 9454416457 और 05692-035077 तथा सिंचाई खंड नियंत्रण कक्ष के लिए 8005103770 नंबर जारी किए गए हैं। दोनों केंद्र मानसून अवधि में 24 घंटे सक्रिय रहकर लोगों को सहायता उपलब्ध कराएंगे।