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Farrukhabad News: पट्टे की भूमि का पहले बैनामा, अब संक्रमणीय घोषित कर किया अधिग्रहण

Mon, 27 Jul 2026 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 12:36 AM IST
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Leasehold land first sold via sale deed, then acquired after being declared transferable.
फर्रुखाबाद। अमृतपुर तहसील के गांव गांधी में पट्टा की भूमि का बैनामा कर दिया गया। भूमि अधिग्रहण के लिए उसे संक्रमणीय घोषित कर नामांतरण कर दिया गया। इसके बाद एक बीघा से अधिक भूमि का लिंक एक्सप्रेसवे के लिए यूपीडा के पक्ष में बैनामा करा लिया गया। अंसक्रमणीय भूमि का बैनामा नहीं हो सकता। इससे पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।
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इटावा-बरेली हाईवे स्थित ग्राम गांधी की कृषि भूमि गाटा संख्या 353 क्षेत्रफल 0.571 हेक्टेयर (सात बीघा) चकबंदी से पूर्व रामपाल पुत्र हरी के नाम आवंटित हुई थी। रामपाल ने असंक्रमणीय भूमि को बिना अनुमति के 26 दिसंबर 2012 को अनुराग सिंह निवासी भोलेपुर टीकम नगला को बेच दिया। इसके नामांतरण आदेश के लिए पत्रावली नायब तहसीलदार कोर्ट में विचाराधीन रही, इसके बाद रामपाल की मृत्यु हो गई। इसी बीच अपर जिलाधिकारी ने रामपाल सहित 15 पट्टेदारों का आवंटन निरस्त करते हुए भूमि को ग्राम सभा में दर्ज कर दिया। इस आदेश के खिलाफ पट्टेदार के घर वालों ने अपर आयुक्त कानपुर के न्यायालय में गुहार लगाई। 18 नवंबर 2016 को अपर आयुक्त ने आदेश निरस्त करते हुए सभी पट्टे बहाल कर दिए। इसके बाद लेखपाल ने रामपाल को आवंटित भूमि का उसके पुत्र रामकुमार व रामबरन के पक्ष में 26 जून 2021 को वरासत दर्ज कर दी। लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू होने के दौरान उप जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने 27 जून 2026 को गाटा संख्या 353 को असंक्रमणीय से संक्रमणीय घोषित कर दिया।
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इसके बाद अनुराग सिंह ने नामांतरण आदेश पारित करने का अनुरोध किया। नायब तहसीलदार ने मौखिक रूप से नामांतरण करने से मना कर दिया। अनुराग सिंह ने उप जिलाधिकारी अमृतपुर को प्रार्थनापत्र देकर अपनी पत्रावली तहसील कोर्ट में भेजने का अनुरोध किया। उप जिलाधिकारी ने 30 जून को रामपाल की नामांतरण पत्रावली तहसीलदार अमृतपुर के न्यायालय में स्थानांतरित कर दी। तहसीलदार शशांक सिंह ने उक्त पत्रावली में 13 जुलाई को अनुराग सिंह के पक्ष में नामांतरण आदेश पारित कर दिया। साथ ही 18 जुलाई को अनुराग सिंह ने गाटा संख्या 353 से कुछ अंश का बैनामा यूपीडा के पक्ष में किया। इससे अब यूपीडा अनुराग सिंह को 0.0834 हेक्टेयर (एक बीघा से कुछ अधिक) भूमि का 29 लाख 92 हजार 393 रुपये मुआवजा देगा।
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तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे में दिक्कत न आए, इसके लिए नामांतरण आदेश पारित किया गया है। यदि किसी को कोई आपत्ति है तो विक्रय पत्र का भुगतान रोक दिया जाएगा और आदेश निरस्त कर दिया जाएगा। तत्कालीन एसडीएम रविंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पट्टा से संबंधित सभी पत्रावलियों की जांच कराने के बाद उसे संक्रमणीय घोषित किया था। इसमें कुछ गलत नहीं किया है।
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