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Farrukhabad News: गड्ढों से भरे हाईवे पर टोल की तैयारी
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फोटो-10, जैतपुर गांव के पास निर्माणाधीन टोल प्लाजा। संवाद
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फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे (एनएच-730सी) पर जल्द टोल वसूली शुरू होने जा रही है, लेकिन जिस सड़क के लिए लोगों से शुल्क लिया जाएगा, वह पूरी तरह जर्जर है। तीन वर्ष पहले करोड़ों रुपये खर्च कर चौड़ी की गई सड़क जगह-जगह गड्ढों, जलभराव और धंसे हिस्सों से जूझ रही है।
करीब 53 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के चौड़ीकरण से लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा की उम्मीद थी, लेकिन आज भी कई स्थानों पर सड़क गड्ढों में तब्दील है। स्ट्रीट लाइटें होने के बावजूद कई हिस्सों में रात के समय अंधेरा पसरा रहता है, जबकि बरसात में मोहम्मदाबाद कस्बे, सेंट्रल जेल चौराहा समेत कई स्थानों पर पानी भर जाता है। नालों की ऊंचाई अधिक होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती है।
खिमसेपुर, पसनिंगपुर, मोहम्मदाबाद, सकवाई और मुरहास समेत कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिस स्थान पर नया टोल प्लाजा बन रहा है, उसके निकट ही पिछले वर्ष सड़क दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई थी। कई जगह सड़क धंस चुकी है, जबकि करीब दो माह पहले मशीन से काटी गई चटकी सड़क की अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। पहले वाहिदपुर गांव में टोल प्लाजा प्रस्तावित था, लेकिन किसानों और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद इसका स्थान बदलकर जैतपुर मोड़ कर दिया गया।
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एनएचएआई के साइट इंजीनियर विश्वास मिश्रा ने बताया कि जहां-जहां सड़क क्षतिग्रस्त है, वहां मरम्मत के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। टोल प्लाजा शुरू होने में अभी लगभग तीन महीने का समय है। उससे पहले सड़क की मरम्मत करा दी जाएगी।
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करीब 53 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के चौड़ीकरण से लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा की उम्मीद थी, लेकिन आज भी कई स्थानों पर सड़क गड्ढों में तब्दील है। स्ट्रीट लाइटें होने के बावजूद कई हिस्सों में रात के समय अंधेरा पसरा रहता है, जबकि बरसात में मोहम्मदाबाद कस्बे, सेंट्रल जेल चौराहा समेत कई स्थानों पर पानी भर जाता है। नालों की ऊंचाई अधिक होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती है।
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खिमसेपुर, पसनिंगपुर, मोहम्मदाबाद, सकवाई और मुरहास समेत कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिस स्थान पर नया टोल प्लाजा बन रहा है, उसके निकट ही पिछले वर्ष सड़क दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई थी। कई जगह सड़क धंस चुकी है, जबकि करीब दो माह पहले मशीन से काटी गई चटकी सड़क की अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। पहले वाहिदपुर गांव में टोल प्लाजा प्रस्तावित था, लेकिन किसानों और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद इसका स्थान बदलकर जैतपुर मोड़ कर दिया गया।
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एनएचएआई के साइट इंजीनियर विश्वास मिश्रा ने बताया कि जहां-जहां सड़क क्षतिग्रस्त है, वहां मरम्मत के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। टोल प्लाजा शुरू होने में अभी लगभग तीन महीने का समय है। उससे पहले सड़क की मरम्मत करा दी जाएगी।

फोटो-10, जैतपुर गांव के पास निर्माणाधीन टोल प्लाजा। संवाद

फोटो-10, जैतपुर गांव के पास निर्माणाधीन टोल प्लाजा। संवाद

फोटो-10, जैतपुर गांव के पास निर्माणाधीन टोल प्लाजा। संवाद