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Farrukhabad News: 2.34 करोड़ मंजूर होने के बाद भी नहीं बन सकी बाढ़ में कटी सड़क
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अमृतपुर। शासन से 2.34 करोड़ का बजट मिलने के चार माह बाद भी लोक निर्माण विभाग बाढ़ में कटी 850 मीटर तीसराम की मड़ैया की सड़क बनवा नहीं सका है। अब गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बाढ़ आने पर निर्माण चार माह के लिए टल जाएगा। ग्रामीणों को इस वर्ष भी आवागमन में दिक्कत उठानी पड़ेगी।
तहसील क्षेत्र में पिछले वर्ष गंगा की बाढ़ में फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग से तीसराम की मड़ैया को जाने वाली सड़क दो स्थानों पर कट गई थी। 850 मीटर लंबी इस सड़ के कटे हुए हिस्से गहरे तालाब में तबदील हो गए हैं। सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। सड़क निर्माण के लिए शासन ने 18 मार्च 2026 को 2 करोड 34 लाख 70 हजार रुपये का बजट दे दिया था। इसके बाद अभी निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते काम शुरू हो जाता तो सड़क इस वर्ष की बरसात से पहले तैयार हो सकती थी। अब गंगा में जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है। यदि बाढ़ आ गई तो निर्माण लंबे समय तक ठप हो जाएगा और तीसराम की मड़ैया के लोगों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाएगा।
माखन नगला व कड़हर पर नहीं बन सकी पुलिया
हमीरपुर-माखन नगला मार्ग पर दो पुलिया लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जानी है। एक जगह मिट्टी डाल कर आवागमन चालू किया गया है। वहीं रामप्रसाद नगला के पास पुलिया का निर्माण अधूरा पड़ा है। मानसून भी आ गया, गंगा का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इसके बाद भी काम में लापरवाही बरती जा रही है। निर्माण पूरा न होने से इस क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
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चाचूपुर-कड़हर मार्ग पिछले साल बाढ़ में पट्टी भरखा के पास कट गया था। जून में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने वहां पुलिया का निर्माण शुरू कराया था। पर अभी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इससे यह मार्ग बंद है। ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर गांव भूसेरा से होकर आना-जाना पड़ता है।
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तहसील क्षेत्र में पिछले वर्ष गंगा की बाढ़ में फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग से तीसराम की मड़ैया को जाने वाली सड़क दो स्थानों पर कट गई थी। 850 मीटर लंबी इस सड़ के कटे हुए हिस्से गहरे तालाब में तबदील हो गए हैं। सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। सड़क निर्माण के लिए शासन ने 18 मार्च 2026 को 2 करोड 34 लाख 70 हजार रुपये का बजट दे दिया था। इसके बाद अभी निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते काम शुरू हो जाता तो सड़क इस वर्ष की बरसात से पहले तैयार हो सकती थी। अब गंगा में जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है। यदि बाढ़ आ गई तो निर्माण लंबे समय तक ठप हो जाएगा और तीसराम की मड़ैया के लोगों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाएगा।
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माखन नगला व कड़हर पर नहीं बन सकी पुलिया
हमीरपुर-माखन नगला मार्ग पर दो पुलिया लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जानी है। एक जगह मिट्टी डाल कर आवागमन चालू किया गया है। वहीं रामप्रसाद नगला के पास पुलिया का निर्माण अधूरा पड़ा है। मानसून भी आ गया, गंगा का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इसके बाद भी काम में लापरवाही बरती जा रही है। निर्माण पूरा न होने से इस क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
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चाचूपुर-कड़हर मार्ग पिछले साल बाढ़ में पट्टी भरखा के पास कट गया था। जून में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने वहां पुलिया का निर्माण शुरू कराया था। पर अभी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इससे यह मार्ग बंद है। ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर गांव भूसेरा से होकर आना-जाना पड़ता है।