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Farrukhabad News: निजी स्कूल भवन का ध्वस्तीकरण शुरू होते ही पथराव, काम रुका
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फोटो-29 स्कूल से बच्चों को बाहर निकलतीं खंड शिक्षा अधिकारी भारती शाक्य। संवाद
- फोटो : 1
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मोहम्मदाबाद। थानाक्षेत्र के गांव नगला मलू में रास्ते में बने निजी स्कूल भवन का ध्वस्तीकरण कराने के लिए बुधवार को टीम मौके पर पहुंची। ध्वस्तीकरण शुरू होते ही विरोध में ईंट-पत्थर चलने लगे। इससे काम रुक गया। इसी बीच स्कूल स्वामी ने उच्च न्यायालय का स्थगनादेश दिखाया। इस पर पुलिस व राजस्व टीम बैरंग लौट गई।
गांव नगला मलू निवासी जगत सिंह यादव का उसी गांव के धर्मवीर यादव से 14 वर्ष से भूमि विवाद चल रहा है। विवादित भूमि पर जगत सिंह का स्कूल भवन बना है। बुधवार दोपहर अमीन शिवओम पांडेय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। विवादित 14 फुट चौड़ी व 120 फुट लंबी भूमि पर बने भवन को तोड़ने की शुरुआत हुई। इस पर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा और ईंट-पत्थर चलने लगे। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए दोनों पक्षों को खदेड़ दिया। पथराव से स्कूली बच्चे बाल-बाल बच गए।
किसी व्यक्ति ने खंड शिक्षा अधिकारी भारती शाक्य को फोन पर सूचना दी कि स्कूल के अंदर बच्चे बंद है। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर करीब 50 बच्चों को बाहर निकलवाकर प्राइमरी स्कूल में शिफ्ट कराया। बाद में स्कूली वाहन से बच्चों को घर भेजा। स्कूल में बच्चे होने के बावजूद ध्वस्तीकरण की शुरुआत करने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके कुछ देर बाद जगत सिंह की ओर से हाईकोर्ट का स्थगनादेश पुलिस को दिखाया गया। अमीन शिवओम पांडेय ने बताया कि एक महीने के लिए हाईकोर्ट से स्टे मिला है।
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गांव नगला मलू निवासी जगत सिंह यादव का उसी गांव के धर्मवीर यादव से 14 वर्ष से भूमि विवाद चल रहा है। विवादित भूमि पर जगत सिंह का स्कूल भवन बना है। बुधवार दोपहर अमीन शिवओम पांडेय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। विवादित 14 फुट चौड़ी व 120 फुट लंबी भूमि पर बने भवन को तोड़ने की शुरुआत हुई। इस पर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा और ईंट-पत्थर चलने लगे। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए दोनों पक्षों को खदेड़ दिया। पथराव से स्कूली बच्चे बाल-बाल बच गए।
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किसी व्यक्ति ने खंड शिक्षा अधिकारी भारती शाक्य को फोन पर सूचना दी कि स्कूल के अंदर बच्चे बंद है। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर करीब 50 बच्चों को बाहर निकलवाकर प्राइमरी स्कूल में शिफ्ट कराया। बाद में स्कूली वाहन से बच्चों को घर भेजा। स्कूल में बच्चे होने के बावजूद ध्वस्तीकरण की शुरुआत करने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके कुछ देर बाद जगत सिंह की ओर से हाईकोर्ट का स्थगनादेश पुलिस को दिखाया गया। अमीन शिवओम पांडेय ने बताया कि एक महीने के लिए हाईकोर्ट से स्टे मिला है।

फोटो-29 स्कूल से बच्चों को बाहर निकलतीं खंड शिक्षा अधिकारी भारती शाक्य। संवाद- फोटो : 1