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Farrukhabad News: फतेहगढ़ डकैती कांड में दो दोषियों को 10 साल कैद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:40 AM IST
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फर्रुखाबाद। डकैती के मामले में दोषी ठहराए जा चुके अखिलेश उर्फ बबलू व महेश को शनिवार को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) एवं तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया। आरोपी रज्जू को अदालत ने बरी कर दिया था।
कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला गाड़ी खाना निवासी तारिक अली ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि 20 अगस्त 1999 की रात करीब 10 बजे उसके आवास शफीक मंजिल में छह बदमाशों ने घुसकर असलहों के बल पर डकैती डाली थी। बदमाशों ने घर में घुसते ही उसको कब्जे में लेकर चाबियां मांगीं और फिर नकदी, जेवर, लाइसेंसी रिवाल्वर, वीसीआर सहित करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक का सामान लूटकर भाग गए थे। घटना के दौरान बदमाशों ने उसकी मां के जेवर भी उतरवा लिए थे।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा सामान बरामद कर लिया था। शिनाख्त परेड में वादी तारिक ने कुछ आरोपियों की पहचान भी की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी समेत आठ गवाहों को पेश किया और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
सह-आरोपी शिववीर सिंह की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो जाने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई 12 अक्टूबर 2009 को समाप्त कर दी गई थी। थाना मेरापुर के गांव फतेहपुर परौली निवासी अखिलेश उर्फ बबलू, शहर कोतवाली(अब थाना कादरीगेट) के गांव देवरामपुर निवासी महेश को अदालत ने 19 मार्च को दोषी ठहराया था।
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कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला गाड़ी खाना निवासी तारिक अली ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि 20 अगस्त 1999 की रात करीब 10 बजे उसके आवास शफीक मंजिल में छह बदमाशों ने घुसकर असलहों के बल पर डकैती डाली थी। बदमाशों ने घर में घुसते ही उसको कब्जे में लेकर चाबियां मांगीं और फिर नकदी, जेवर, लाइसेंसी रिवाल्वर, वीसीआर सहित करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक का सामान लूटकर भाग गए थे। घटना के दौरान बदमाशों ने उसकी मां के जेवर भी उतरवा लिए थे।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा सामान बरामद कर लिया था। शिनाख्त परेड में वादी तारिक ने कुछ आरोपियों की पहचान भी की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी समेत आठ गवाहों को पेश किया और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
सह-आरोपी शिववीर सिंह की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो जाने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई 12 अक्टूबर 2009 को समाप्त कर दी गई थी। थाना मेरापुर के गांव फतेहपुर परौली निवासी अखिलेश उर्फ बबलू, शहर कोतवाली(अब थाना कादरीगेट) के गांव देवरामपुर निवासी महेश को अदालत ने 19 मार्च को दोषी ठहराया था।