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Fatehpur News: बहन की शादी और नौकरी के नाम पर ठगी में महाठग पर दो और प्राथमिकी
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फोटो-22-सुमित सिंह। स्रोत: सोशल मीडिया
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फतेहपुर। धोखाधड़ी कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने के आरोपित थरियांव के रामपुर निवासी महाठग के खिलाफ एसपी के आदेश पर बुधवार को थरियांव थाने में दो और प्राथमिकी दर्ज की गईं। आरोपी के खिलाफ पहले से दुष्कर्म और ठगी के कई मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इनकी विवेचना चल रही है।
मलवां थाना क्षेत्र के सहिली निवासी अवधेश कुमार ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि महाठग सुमित सिंह ने 29 मार्च को बहन आरती की शादी का हवाला देकर चेक के माध्यम से 2.50 लाख रुपये उधार लिए थे। कुछ समय बाद रुपये वापस मांगने पर उसने देने से इन्कार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि मलवां और थरियांव पुलिस सीमा विवाद बताकर कार्रवाई टालती रही।
थरियांव थाना क्षेत्र के मुरांव गांव के गड़रियनपुरवा निवासी दिव्यांग राधेश्याम ने एसपी को बताया कि सुमित सिंह ने पुत्र पंकज सिंह को सरकारी एंबुलेंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 29 मार्च से 28 मई 2023 के बीच 2.30 लाख रुपये ले लिए। रुपये जुटाने के लिए उन्हें जमीन तक बेचनी पड़ी। बाद में सुमित ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया।
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रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने घर बुलाकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। राधेश्याम ने शिकायत में एक उपनिरीक्षक के संरक्षण का भी आरोप लगाया है। सीओ दुर्गेश दीप ने बताया कि महाठग की तलाश में टीमें लगाई गई हैं और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं सात प्राथमिकी
खागा कोतवाली में 27 जुलाई को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसके अलावा वर्ष 2021 में थरियांव थाने में नाबालिग से दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसमें आरोपी जेल भी जा चुका है। वर्ष 2024 में थरियांव थाने में धोखाधड़ी का एक और प्राथमिकी दर्ज हुई। खागा और राधानगर थानों में भी ठगी के मामले दर्ज हैं। इस तरह आरोपी के खिलाफ ठगी और अन्य मामलों के करीब छह से सात प्राथमिकी दर्ज हैं।
बड़े नेताओं के साथ फोटो दिखाकर बनाता था भरोसा
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्रोफाइल और फेसबुक पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष और आगरा के विधायक समेत कई नेताओं के साथ तस्वीरें लगा रखी हैं। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर वह लोगों को सरकारी नौकरी और अन्य लाभ दिलाने का झांसा देकर अपनी पहुंच का दावा करता था और लाखों रुपये की ठगी करता था।
पूर्व के एक सीओ और थानाध्यक्ष को भी किया ब्लैकमेल
राधेश्याम की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में एक दरोगा के संरक्षण का आरोप लगाया गया है। इसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सुमित सिंह बेहद शातिर है। वह पुलिस अधिकारियों से बातचीत या मुलाकात के दौरान उनकी रिकॉर्डिंग कर लेता था और बाद में ब्लैकमेल करता था। सूत्रों का दावा है कि थरियांव सर्किल में तैनात रहे एक पूर्व सीओ और एक थानाध्यक्ष भी उसकी इस हरकत का शिकार हो चुके हैं। इसी कारण लंबे समय तक उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
ठगी की रकम से खड़ी की आलीशान बिल्डिंग
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने ठगी की रकम से आलीशान मकान बनवाया है। इसमें एयर कंडीशनर (एसी) समेत अन्य आधुनिक सुविधाएं हैं। उनका कहना है कि करीब पांच वर्ष पहले तक उसके घर की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। उसने घर के बाहर एक बोर्ड लगा रखा था जिस लिखा था कि सरकारी और प्राइवेट नौकरी के लिए बेरोजगार संपर्क करें।
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मलवां थाना क्षेत्र के सहिली निवासी अवधेश कुमार ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि महाठग सुमित सिंह ने 29 मार्च को बहन आरती की शादी का हवाला देकर चेक के माध्यम से 2.50 लाख रुपये उधार लिए थे। कुछ समय बाद रुपये वापस मांगने पर उसने देने से इन्कार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि मलवां और थरियांव पुलिस सीमा विवाद बताकर कार्रवाई टालती रही।
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थरियांव थाना क्षेत्र के मुरांव गांव के गड़रियनपुरवा निवासी दिव्यांग राधेश्याम ने एसपी को बताया कि सुमित सिंह ने पुत्र पंकज सिंह को सरकारी एंबुलेंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 29 मार्च से 28 मई 2023 के बीच 2.30 लाख रुपये ले लिए। रुपये जुटाने के लिए उन्हें जमीन तक बेचनी पड़ी। बाद में सुमित ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया।
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रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने घर बुलाकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। राधेश्याम ने शिकायत में एक उपनिरीक्षक के संरक्षण का भी आरोप लगाया है। सीओ दुर्गेश दीप ने बताया कि महाठग की तलाश में टीमें लगाई गई हैं और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं सात प्राथमिकी
खागा कोतवाली में 27 जुलाई को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसके अलावा वर्ष 2021 में थरियांव थाने में नाबालिग से दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसमें आरोपी जेल भी जा चुका है। वर्ष 2024 में थरियांव थाने में धोखाधड़ी का एक और प्राथमिकी दर्ज हुई। खागा और राधानगर थानों में भी ठगी के मामले दर्ज हैं। इस तरह आरोपी के खिलाफ ठगी और अन्य मामलों के करीब छह से सात प्राथमिकी दर्ज हैं।
बड़े नेताओं के साथ फोटो दिखाकर बनाता था भरोसा
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्रोफाइल और फेसबुक पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष और आगरा के विधायक समेत कई नेताओं के साथ तस्वीरें लगा रखी हैं। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर वह लोगों को सरकारी नौकरी और अन्य लाभ दिलाने का झांसा देकर अपनी पहुंच का दावा करता था और लाखों रुपये की ठगी करता था।
पूर्व के एक सीओ और थानाध्यक्ष को भी किया ब्लैकमेल
राधेश्याम की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में एक दरोगा के संरक्षण का आरोप लगाया गया है। इसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सुमित सिंह बेहद शातिर है। वह पुलिस अधिकारियों से बातचीत या मुलाकात के दौरान उनकी रिकॉर्डिंग कर लेता था और बाद में ब्लैकमेल करता था। सूत्रों का दावा है कि थरियांव सर्किल में तैनात रहे एक पूर्व सीओ और एक थानाध्यक्ष भी उसकी इस हरकत का शिकार हो चुके हैं। इसी कारण लंबे समय तक उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
ठगी की रकम से खड़ी की आलीशान बिल्डिंग
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने ठगी की रकम से आलीशान मकान बनवाया है। इसमें एयर कंडीशनर (एसी) समेत अन्य आधुनिक सुविधाएं हैं। उनका कहना है कि करीब पांच वर्ष पहले तक उसके घर की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। उसने घर के बाहर एक बोर्ड लगा रखा था जिस लिखा था कि सरकारी और प्राइवेट नौकरी के लिए बेरोजगार संपर्क करें।

फोटो-22-सुमित सिंह। स्रोत: सोशल मीडिया