UP: पहले पिलाई शराब, फिर सिर पर किया वार; फतेहपुर में हिस्ट्रीशीटर की हत्या, कानपुर के प्लॉट से खुलेगा राज?
Fatehpur News: सदर कोतवाली क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर रामप्रकाश गुप्ता की हत्या सुनियोजित तरीके से किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस का मानना है कि वारदात से पहले उसे जमकर शराब पिलाई गई, जिससे वह नशे में इतना बेसुध हो गया कि हमले का विरोध भी नहीं कर सका। पोस्टमार्टम में सिर पर किसी वजनी वस्तु से प्रहार के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से मौत की पुष्टि हुई है। एल्कोहल और अन्य पहलुओं की जांच के लिए डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रखा है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के गयादीन मार्ग से अस्ती रोड के जंगल में हिस्ट्रीशीटर रामप्रकाश गुप्ता की हत्या सुनयोजित तरीके से की गई थी। हत्या से पहले उसे जमकर शराब पिलाई गई। वह इतना नशे में हो गया कि जरा भी विरोध नहीं कर सका।
इसका पता शव की हालत और घटनास्थल देखकर लगता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर वजनी वस्तु से चोट पहुंचाने के बाद कोमा में जाने व अत्यधिक खून बहने से मौत की पुष्टि हुई है। डॉक्टर ने एल्कोहल व अन्य की पुष्टि के लिए बिसरा सुरक्षित किया है।
बेसुध करके उतारा मौत के घाट, क्राइम सीन उगल रहा राज
राधानगर थाने खुशवंतराय नगर के मूल निवासी रामप्रकाश शहर के नासिरपीर स्थित एक घर में किराये पर रहता था। उसका 30 जुलाई की सुबह उमरापुर मोड़ अस्ती मार्ग पर जंगली रास्ते से शव मिला था। शव रोड पर पड़ा था। पैरों पर चप्पल पहने, शरीर व चेहरे में कोई चोट का निशान नहीं। कपड़े भी बिल्कुल सुरक्षित थे। सिर्फ सिर में पीछे की ओर चोट लगी और सिर के बल ही रोड पर गिर पड़ा था।
क्राइम सीन से पुलिस अंदाजा लगा रही कि वह घटना के वक्त किसी तरह का विरोध नहीं कर सका है। ज्यों का त्यों हमले के बाद गिर पड़ा। विरोध के हालात पर शरीर पर अन्य जगहों पर चोट, कपड़े फटे और चप्पलें इधर-उधर पड़ी होतीं।
वहीं तीन डिस्पोजल गिलास मिलने से यह भी तय हो चुका है कि वारदात स्थल पर रामप्रकाश के अलावा भी दो से तीन अन्य लोग कातिल के रूप में रहे हैं। हत्या से हिस्ट्रीशीटर को पहले शराब पिलाई गई। बेसुध होने पर हमला किया गया। पुलिस ने पूछताछ के क्रम में एक साथी व महिला मित्र को पकड़ा है। महिला मित्र और उसके परिवार के बारे में पुलिस ने छानबीन की। प्रथम दृष्टयता वारदात में पुलिस को महिला और उसके किसी सहयोगी का हाथ नहीं नजर आ रहा है। साथी से पूछताछ कर पुलिस अन्य कई की तलाश में हैं।
गांजा तस्करी से जुड़ा हो सकता हत्याकांड
कुछ समय से रामप्रकाश गुप्ता के गांजा तस्करी में एक व्यक्ति के साथ लिप्त होना बताया जा रहा है। इस वजह से पुलिस गांजा तस्करी से भी हत्याकांड को जोड़कर मान रही है। चर्चा है कि काफी दिनों से रामप्रकाश गुप्ता एक व्यक्ति के साथ गांजा सप्लाई का काम करता था। लेनदेन को लेकर विवाद होने पर भी हत्या की जा सकती है।
पिता रामसजीवन गुप्ता ने बताया कि रामप्रकाश उसकी इकलौती औलाद थी। उसने कई बार उसे अपराधिक गतिविधियों से दूर करने की कोशिश की। उसने कभी उनकी नहीं सुनी। इसी का परिणाम बेटे को मिला है। नशे की वजह से बेटा अपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था। ऊबकर उन्होंने भी बेटे से वास्ता रखना छोड़ दिया था।
करीब दो से ढाई साल पहले रामप्रकाश की जिद पर उसके पिता ने खुशवंतराय नगर का मकान 70 लाख में बेच डाला था। करीब 37 लाख रुपये रामप्रकाश के हिस्से में आए थे। उसने बेटी के नाम पर करीब 10 लाख के बीमा पॉलिसी बांड खरीद लिए थे। बाकी 27 लाख 50 हजार रुपये उसके हाथ में थे। परिजन के मुताबिक उसने रकम में ढाई लाख की बुलेट, एक ढाई तोले की चेन खरीदी थी। इसके अलावा महिला मित्र के नाम पर कानपुर के कोयला नगर में प्लॉट खरीदा था।