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Gonda News: बनेगा इनोवेशन हब, एआई से होंगे भविष्य के नवाचार
Sat, 11 Jul 2026 09:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 11 Jul 2026 09:03 PM IST
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गोंडा। मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में अब नवाचार को नई उड़ान मिलेगी। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से इंजीनियरिंग कॉलेज में इनोवेशन हब की स्थापना को मंजूरी मिलने के बाद कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक केंद्र विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है।
इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित शोध और नवाचार को नया आयाम मिलेगा। विद्यार्थी तकनीकी विचारों से स्टार्टअप और व्यावसायिक उत्पाद तक विकसित कर सकेंगे। वहीं कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित मॉडल भी तैयार किए जाएंगे।
कॉलेज के डायरेक्टर भारतेंदु नाथ मिश्र ने बताया कि कॉलेज में वर्तमान में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल और कंप्यूटर साइंस शाखाओं की कुल 300 सीटों पर अध्ययन हो रहा है। इनोवेशन हब बनने से इन सभी शाखाओं के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों पर शोध और प्रयोग करने का अवसर मिलेगा।
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इनोवेशन हब में होंगी ये व्यवस्थाएं
हब में थ्री-डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यहां छात्र-छात्राओं को तकनीकी परियोजनाओं पर काम करने, पेटेंट फाइल करने, उद्योगों के साथ अनुसंधान करने और अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी व वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एआई आधारित तकनीकी खेती और डायग्नोस्टिक सिस्टम विकसित करने की भी योजना है। इससे विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित शोध और नवाचार को नया आयाम मिलेगा। विद्यार्थी तकनीकी विचारों से स्टार्टअप और व्यावसायिक उत्पाद तक विकसित कर सकेंगे। वहीं कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित मॉडल भी तैयार किए जाएंगे।
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कॉलेज के डायरेक्टर भारतेंदु नाथ मिश्र ने बताया कि कॉलेज में वर्तमान में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल और कंप्यूटर साइंस शाखाओं की कुल 300 सीटों पर अध्ययन हो रहा है। इनोवेशन हब बनने से इन सभी शाखाओं के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों पर शोध और प्रयोग करने का अवसर मिलेगा।
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इनोवेशन हब में होंगी ये व्यवस्थाएं
हब में थ्री-डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यहां छात्र-छात्राओं को तकनीकी परियोजनाओं पर काम करने, पेटेंट फाइल करने, उद्योगों के साथ अनुसंधान करने और अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी व वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एआई आधारित तकनीकी खेती और डायग्नोस्टिक सिस्टम विकसित करने की भी योजना है। इससे विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।