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Gonda News: नौकरी का झांसा देकर युवक के नाम पर ढाई करोड़ का फर्जी लेनदेन
Sat, 11 Jul 2026 08:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 11 Jul 2026 08:59 PM IST
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झंझरी। सोलर कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक के नाम से करंट अकाउंट खुलवाकर उससे करीब ढाई करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का मामला प्रकाश में आया है। जालसाजों ने पीड़ित के नाम पर फर्जी उद्यम पंजीकरण और जीएसटी नंबर बनवाकर अलग-अलग बैंकों में खाते भी खुलवा लिए। देहात कोतवाली पुलिस ने चार नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिसई टिकरिया विशुनपुर बैरिया निवासी वीरेंद्र प्रताप ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह कम पढ़ा-लिखा है। बड़गांव के सोनार गली में साहबान आलम उर्फ सोनू की साइबर कैफे की दुकान पर दुदवा बाजार निवासी विजय सोनी से उसकी मुलाकात हुई। उसने सोलर कंपनी में 15 हजार प्रतिमाह वेतन पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। 21 फरवरी को वह उसे प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की बड़गांव शाखा ले गया, जहां बचत खाते के बजाय उसके नाम से श्री श्याम इंटरप्राइजेज का करंट अकाउंट खुलवा दिया गया।
पीड़ित का आरोप है कि खाता खुलवाते समय आरोपियों ने उसमें अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया और नेट बैंकिंग की यूजर आईडी व पासवर्ड भी अपने कब्जे में रख लिया। इसके बाद 21 फरवरी से 6 मार्च के बीच खाते से करीब 2.50 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। आरटीजीएस के माध्यम से रकम विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
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वेतन मांगने पर खुला फर्जीवाड़े का राज
वीरेंद्र ने बताया कि दो माह तक काम कराने के बाद जब उसने वेतन मांगा तो उसे बताया गया कि पैसा खाते में भेज दिया गया है। बैंक पहुंचने पर उसे पता चला कि उसके नाम से वेतन खाता नहीं बल्कि करंट अकाउंट संचालित किया जा रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये की लेनदेन हुई है। पीड़ित के मुताबिक आरोपी उसे रेलवे स्टेशन रोड स्थित कैफे ले गए, जहां फर्जी उद्यम पंजीकरण, जीएसटी नंबर और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा की आवास विकास शाखा में वीके इंटरप्राइजेज तथा इंडियन बैंक की डुमरियाडीह शाखा में भी करंट अकाउंट खुलवाया गया। आरोप है कि उसके पहचान पत्रों पर कई सिम और मोबाइल भी खरीदे गए। वीरेंद्र ने यह भी बताया कि आरोपी उसे लखनऊ ले गए और सोलर कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात कराने का झांसा देकर चार-पांच दिन तक अपने साथ रखा। इसी दौरान उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया। निरीक्षक अपराध संतोष सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिसई टिकरिया विशुनपुर बैरिया निवासी वीरेंद्र प्रताप ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह कम पढ़ा-लिखा है। बड़गांव के सोनार गली में साहबान आलम उर्फ सोनू की साइबर कैफे की दुकान पर दुदवा बाजार निवासी विजय सोनी से उसकी मुलाकात हुई। उसने सोलर कंपनी में 15 हजार प्रतिमाह वेतन पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। 21 फरवरी को वह उसे प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की बड़गांव शाखा ले गया, जहां बचत खाते के बजाय उसके नाम से श्री श्याम इंटरप्राइजेज का करंट अकाउंट खुलवा दिया गया।
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पीड़ित का आरोप है कि खाता खुलवाते समय आरोपियों ने उसमें अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया और नेट बैंकिंग की यूजर आईडी व पासवर्ड भी अपने कब्जे में रख लिया। इसके बाद 21 फरवरी से 6 मार्च के बीच खाते से करीब 2.50 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। आरटीजीएस के माध्यम से रकम विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
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वेतन मांगने पर खुला फर्जीवाड़े का राज
वीरेंद्र ने बताया कि दो माह तक काम कराने के बाद जब उसने वेतन मांगा तो उसे बताया गया कि पैसा खाते में भेज दिया गया है। बैंक पहुंचने पर उसे पता चला कि उसके नाम से वेतन खाता नहीं बल्कि करंट अकाउंट संचालित किया जा रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये की लेनदेन हुई है। पीड़ित के मुताबिक आरोपी उसे रेलवे स्टेशन रोड स्थित कैफे ले गए, जहां फर्जी उद्यम पंजीकरण, जीएसटी नंबर और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा की आवास विकास शाखा में वीके इंटरप्राइजेज तथा इंडियन बैंक की डुमरियाडीह शाखा में भी करंट अकाउंट खुलवाया गया। आरोप है कि उसके पहचान पत्रों पर कई सिम और मोबाइल भी खरीदे गए। वीरेंद्र ने यह भी बताया कि आरोपी उसे लखनऊ ले गए और सोलर कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात कराने का झांसा देकर चार-पांच दिन तक अपने साथ रखा। इसी दौरान उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया। निरीक्षक अपराध संतोष सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।