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Gonda News: थ्री लेयर बैग खत्म, मेडिकल कॉलेज में प्लेटलेट्स बनना बंद
Sat, 11 Jul 2026 08:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 11 Jul 2026 08:58 PM IST
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में थ्री लेयर ब्लड बैग का स्टॉक समाप्त होने से प्लेटलेट्स का निर्माण ठप हो गया है। इसका सीधा असर डेंगू, कैंसर, रक्त संबंधी बीमारियों और अन्य गंभीर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। प्लेटलेट्स की जरूरत लेकर रोजाना पहुंच रहे मरीजों और उनके परिजनों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
ब्लड बैंक में रक्तदान के बाद ट्रिपल बैग की मदद से रक्त के विभिन्न घटकों को अलग किया जाता है। इसी प्रक्रिया से प्लेटलेट्स तैयार होती हैं, लेकिन आवश्यक बैग उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल यह प्रक्रिया पूरी तरह बंद है। ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को समय पर प्लेटलेट्स नहीं मिल पा रही हैं।
शनिवार को वजीरगंज क्षेत्र के पेड़राही निवासी शिवकुमार यादव अपने परिजन के लिए प्लेटलेट्स लेने मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने बताया कि बुखार के कारण परिजन की प्लेटलेट्स काफी कम हो गई हैं, लेकिन ब्लड बैंक में बताया गया कि ट्रिपल बैग न होने से प्लेटलेट्स तैयार नहीं की जा रही हैं। प्लेटलेट्स की अनुपलब्धता के कारण मरीजों के परिजनों को निजी ब्लड बैंक या लखनऊ, अयोध्या और अन्य जिलों के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे इलाज में देरी होने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
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ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. चेतन पाराशर ने बताया कि ट्रिपल ब्लड बैग का स्टॉक समाप्त हो गया है। इसकी आपूर्ति के लिए मांग भेजी जा चुकी है। बैग उपलब्ध होते ही प्लेटलेट्स का निर्माण फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
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ब्लड बैंक में रक्तदान के बाद ट्रिपल बैग की मदद से रक्त के विभिन्न घटकों को अलग किया जाता है। इसी प्रक्रिया से प्लेटलेट्स तैयार होती हैं, लेकिन आवश्यक बैग उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल यह प्रक्रिया पूरी तरह बंद है। ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को समय पर प्लेटलेट्स नहीं मिल पा रही हैं।
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शनिवार को वजीरगंज क्षेत्र के पेड़राही निवासी शिवकुमार यादव अपने परिजन के लिए प्लेटलेट्स लेने मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने बताया कि बुखार के कारण परिजन की प्लेटलेट्स काफी कम हो गई हैं, लेकिन ब्लड बैंक में बताया गया कि ट्रिपल बैग न होने से प्लेटलेट्स तैयार नहीं की जा रही हैं। प्लेटलेट्स की अनुपलब्धता के कारण मरीजों के परिजनों को निजी ब्लड बैंक या लखनऊ, अयोध्या और अन्य जिलों के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे इलाज में देरी होने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
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ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. चेतन पाराशर ने बताया कि ट्रिपल ब्लड बैग का स्टॉक समाप्त हो गया है। इसकी आपूर्ति के लिए मांग भेजी जा चुकी है। बैग उपलब्ध होते ही प्लेटलेट्स का निर्माण फिर से शुरू कर दिया जाएगा।