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Gonda News: महिला अस्पताल की मौजूदा व तत्कालीन चिकित्सक पर एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 15 Feb 2026 11:44 PM IST
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झंझरी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने महिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. सौम्या चौबे व पूर्व में तैनात रहीं डॉ. माधुरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दोनों डॉक्टरों पर एक प्रसूता को भर्ती न करने का आरोप है।
इटियाथोक के तेलियानी पाठक निवासी विनय कुमार ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि पत्नी ललिता पाठक को 25 दिसंबर वर्ष 2024 को प्रसव के लिए महिला अस्पताल लाया गया। वहां पत्नी की जांच कराई गई और बताया गया कि खून की कमी है। महिला अस्पताल में तैनात डाॅ. सौम्या चौबे व डॉ. माधुरी ने ललिता को जिला महिला अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि ललिता को खून की आवश्यकता है। उनके ग्रुप का खून जिला महिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। आरोप है कि खून की जांच रिपोर्ट एक बार एबी निगेटिव व एक बार एबी पॉजीटिव लिखकर दी गई। खून दिलाने के लिए पैसे की मांग की गई। आर्थिक परेशानियों के चलते मांग पूरी नहीं कर सका। इसी के चलते पत्नी ललिता का इलाज नहीं किया गया, बल्कि अपने निजी अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई।
इसके बाद ललिता को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। विनय का कहना है कि चिकित्सक की लापरवाही ने सरकारी सुविधा से वंचित कर दिया। अकारण जांच व खून की कमी बताकर परेशान किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि तिवारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर डाॅ. सौम्या और डाॅ. माधुरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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इटियाथोक के तेलियानी पाठक निवासी विनय कुमार ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि पत्नी ललिता पाठक को 25 दिसंबर वर्ष 2024 को प्रसव के लिए महिला अस्पताल लाया गया। वहां पत्नी की जांच कराई गई और बताया गया कि खून की कमी है। महिला अस्पताल में तैनात डाॅ. सौम्या चौबे व डॉ. माधुरी ने ललिता को जिला महिला अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि ललिता को खून की आवश्यकता है। उनके ग्रुप का खून जिला महिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। आरोप है कि खून की जांच रिपोर्ट एक बार एबी निगेटिव व एक बार एबी पॉजीटिव लिखकर दी गई। खून दिलाने के लिए पैसे की मांग की गई। आर्थिक परेशानियों के चलते मांग पूरी नहीं कर सका। इसी के चलते पत्नी ललिता का इलाज नहीं किया गया, बल्कि अपने निजी अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई।
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इसके बाद ललिता को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। विनय का कहना है कि चिकित्सक की लापरवाही ने सरकारी सुविधा से वंचित कर दिया। अकारण जांच व खून की कमी बताकर परेशान किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि तिवारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर डाॅ. सौम्या और डाॅ. माधुरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।