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Gonda News: हादसे में पूर्व प्रधान व किसान की मौत, बेटा घायल

संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 09 Apr 2026 11:09 PM IST
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Former chief and farmer died in the accident, son injured
हादसे की सूचना पर गमगीन दिखे परिजन।
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पसका। लखनऊ-गोंडा मार्ग पर मंगलवार शाम माधवपुर चकत्ता गांव के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार पूर्व ग्राम प्रधान व किसान समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से पूर्व ग्राम प्रधान व किसान को लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ स्थित केजीएमयू में किसान व लखनऊ के ही एक निजी अस्पताल में बुधवार को पूर्व ग्राम प्रधान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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परसपुर के ग्राम पंचायत मधईपुर कुर्मी के कुर्मिन पुरवा निवासी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि उनके पिता आदित्य प्रसाद वर्मा (75) गांव के पूर्व प्रधान थे। इन दिनों वह बीमार थे। मंगलवार रात वह बाइक से गांव निवासी किसान राजेंद्र कश्यप (55) व उनके बेटे जयसिंह के साथ इलाज कराने मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। बाइक जयसिंह चला रहे थे। लखनऊ मार्ग पर माधवपुर चकत्ता गांव के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार तीनों लोग गिरकर घायल हो गए।
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आसपास के लोगोंं ने एंबुलेंस से उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर आदित्य प्रसाद वर्मा व राजेंद्र को लखनऊ स्थित केजीएमयू रेफर कर दिया गया। यहां राजेंद्र कश्यप की केजीएमयू में इलाज के दौरान मंगलवार देर रात मौत हो गई। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए आदित्य प्रसाद वर्मा को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बुधवार को आदित्य ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सुनील ने बताया कि जयसिंह हेलमेट लगाए थे, इसलिए वह बच गए। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि हादसे की जानकारी नहीं मिली है। न ही किसी ने तहरीर दी है।

परिवार में छह माह में दो मौतों से टूटा दुखों का पहाड़
मृतक पूर्व ग्राम प्रधान के छोटे बेटे सुनील वर्मा ने बताया कि उनके बेटे अंकित की बीते वर्ष अक्तूबर में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिवार में लगभग छह माह में दो-दो लोगों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुनील ने बताया कि ईश्वर किसी के साथ ऐसा न करे। बेटे की मौत के गम से अभी उबर भी नहीं पाए थे कि पिता की मौत हो गई। सुनील ने बताया कि वह दो भाई हैं। बड़े भाई उमाशंकर कानपुर के एक कॉलेज में नौकरी करते हैं। वह गांव में रहकर खेती करते हैं। पहले पौत्र अंकित और अब पति की मौत से मां राजपती का रो रो-रोकर बुरा हाल है। राजेंद्र गांव में ही रहकर खेती व मजदूरी करते थे। परिवार में पत्नी ऊषा, बेटी रोशनी व तीन बेटे पप्पूलाल, गोविंद व जयसिंह हैं।
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