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Gonda News: क्षेत्रीय सरोकारों की सशक्त आवाज बनकर उभरा रेडियो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 13 Feb 2026 12:05 AM IST
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रेडिया अवध स्टूडियो में आधी दुनिया कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं आरजे प्रिया। - संवाद
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गोंडा। विश्व रेडियो दिवस शुक्रवार को है। इसको लेकर रेडियो की भूमिका पर विशेष चर्चा हो रही है। वर्ष 2012 से मनाया जा रहा यह दिवस रेडियो की ऐतिहासिक महत्ता को याद दिलाता है। डिजिटल माध्यमों के विस्तार के बावजूद रेडियो आज भी अपनी सादगी, सहजता और विश्वसनीयता के कारण जन–जन से जुड़ा है।
लाल बहादुर डिग्री कॉलेज से पांच दिसंबर 2022 से संचालित रेडियो अवध 90.8 एफएम क्षेत्रीय सरोकारों की मजबूत आवाज बनकर उभरा है। मात्र तीन वर्ष में ही इस सामुदायिक रेडियो ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले वर्ष दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में इसे उत्तर भारत का ‘टॉप परफॉर्मर’ चुना गया। यह सम्मान स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जनजागरूकता फैलाने के लिए दिया गया।
रेडियो अवध शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तीकरण और लोक संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रसारण की शुरुआत सुबह छह बजे भक्ति कार्यक्रम उपासना से होती है। इसके बाद मॉर्निंग शो ‘सुबह सवेरे’, महिलाओं के लिए ‘आधी दुनिया’, फरमाइशी कार्यक्रम ‘हैलो अवध’ और युवाओं के लिए ‘टीन टाइम’ प्रसारित होते हैं। अवधी संस्कृति को समर्पित ‘शाम-ए-अवध’, ‘घर-घर की बात निहोरन चाची के साथ’ और ‘यादों का झरोखा’ जैसे कार्यक्रम बेहद लोकप्रिय हैं।
‘हमसे जानिए’, ‘सेहत सही लाभ कई’, ‘सरकार आपके द्वार’, ‘गांव की सरकार’, ‘जेम्स ऑफ अवध’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से टीबी उन्मूलन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है। इस प्रकार रेडियो अवध सूचना, शिक्षा और संस्कृति का प्रभावी सेतु बन गया है।
रेडियो एफएम के माध्यम से कर रहे जागरूक
सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज में वर्ष 2019 में रेडियो ज्ञानस्थली 89.6 एफएम शुरू हुआ। इसके माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आरजे अदनान ने बताया कि इसके माध्यम से जनहित की योजनाओं व सामाजिक मूल्यों को आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। क्षय रोग से लेकर अन्य मुद्दों पर जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. आरती श्रीवास्तव ने कहा कि लोगों को जागरूक करने का यह एक अहम माध्यम बन चुका है। इसका और अधिक विस्तार किया जा रहा है।
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लाल बहादुर डिग्री कॉलेज से पांच दिसंबर 2022 से संचालित रेडियो अवध 90.8 एफएम क्षेत्रीय सरोकारों की मजबूत आवाज बनकर उभरा है। मात्र तीन वर्ष में ही इस सामुदायिक रेडियो ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले वर्ष दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में इसे उत्तर भारत का ‘टॉप परफॉर्मर’ चुना गया। यह सम्मान स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जनजागरूकता फैलाने के लिए दिया गया।
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रेडियो अवध शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तीकरण और लोक संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रसारण की शुरुआत सुबह छह बजे भक्ति कार्यक्रम उपासना से होती है। इसके बाद मॉर्निंग शो ‘सुबह सवेरे’, महिलाओं के लिए ‘आधी दुनिया’, फरमाइशी कार्यक्रम ‘हैलो अवध’ और युवाओं के लिए ‘टीन टाइम’ प्रसारित होते हैं। अवधी संस्कृति को समर्पित ‘शाम-ए-अवध’, ‘घर-घर की बात निहोरन चाची के साथ’ और ‘यादों का झरोखा’ जैसे कार्यक्रम बेहद लोकप्रिय हैं।
‘हमसे जानिए’, ‘सेहत सही लाभ कई’, ‘सरकार आपके द्वार’, ‘गांव की सरकार’, ‘जेम्स ऑफ अवध’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से टीबी उन्मूलन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है। इस प्रकार रेडियो अवध सूचना, शिक्षा और संस्कृति का प्रभावी सेतु बन गया है।
रेडियो एफएम के माध्यम से कर रहे जागरूक
सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज में वर्ष 2019 में रेडियो ज्ञानस्थली 89.6 एफएम शुरू हुआ। इसके माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आरजे अदनान ने बताया कि इसके माध्यम से जनहित की योजनाओं व सामाजिक मूल्यों को आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। क्षय रोग से लेकर अन्य मुद्दों पर जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. आरती श्रीवास्तव ने कहा कि लोगों को जागरूक करने का यह एक अहम माध्यम बन चुका है। इसका और अधिक विस्तार किया जा रहा है।
