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Gonda News: नियमित निगरानी से सुधरी जिले की रैंकिंग
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:26 PM IST
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गोंडा। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की रैंकिंग में गोंडा ने बड़ी छलांग लगाई है। पिछले माह 52वें स्थान पर रहा जनपद इस बार 32वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रशासन का दावा है कि यह सुधार नियमित निगरानी, सख्त समीक्षा और विभागों के बेहतर समन्वय का परिणाम है। अब लक्ष्य आगामी महीनों में गोंडा को प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल कराना है।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन की ओर से विकास योजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जिले में विकास के कुल 86 मदों में से 77 में ‘ए’ श्रेणी हासिल हुई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध प्रगति को दर्शाती है।
रोजाना दो घंटे की मॉनिटरिंग से आई तेजी
रैंकिंग में सुधार के लिए सीडीओ अंकिता जैन ने नियमित मॉनिटरिंग का फार्मूला अपनाया। वह प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा करती रहीं। इस दौरान विकास कार्यों की प्रगति, पोर्टल पर डेटा अपलोड और लंबित मामलों की स्थिति पर चर्चा की जाती रही। साथ ही जन शिकायतों की भी सुनवाई कर उनके निस्तारण की प्रगति जानी गई। लगातार निगरानी के कारण विभागों में कामकाज की रफ्तार बढ़ी और रैंकिंग में सुधार दर्ज हुआ।
आईजीआरएस की रैंकिंग में भी आया सुधार
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी जन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी। शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नियमित समीक्षा की गई। इसका असर यह हुआ कि आईजीआरएस में जनवरी में 58वें स्थान पर रहा जिला फरवरी में 41वें स्थान पर पहुंच गया। डीएम ने सभी विभागों को नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने, पोर्टल पर सही और अद्यतन डेटा अपलोड करने, योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचाने की रणनीति बनाई है।
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जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन की ओर से विकास योजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जिले में विकास के कुल 86 मदों में से 77 में ‘ए’ श्रेणी हासिल हुई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध प्रगति को दर्शाती है।
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रोजाना दो घंटे की मॉनिटरिंग से आई तेजी
रैंकिंग में सुधार के लिए सीडीओ अंकिता जैन ने नियमित मॉनिटरिंग का फार्मूला अपनाया। वह प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा करती रहीं। इस दौरान विकास कार्यों की प्रगति, पोर्टल पर डेटा अपलोड और लंबित मामलों की स्थिति पर चर्चा की जाती रही। साथ ही जन शिकायतों की भी सुनवाई कर उनके निस्तारण की प्रगति जानी गई। लगातार निगरानी के कारण विभागों में कामकाज की रफ्तार बढ़ी और रैंकिंग में सुधार दर्ज हुआ।
आईजीआरएस की रैंकिंग में भी आया सुधार
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी जन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी। शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नियमित समीक्षा की गई। इसका असर यह हुआ कि आईजीआरएस में जनवरी में 58वें स्थान पर रहा जिला फरवरी में 41वें स्थान पर पहुंच गया। डीएम ने सभी विभागों को नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने, पोर्टल पर सही और अद्यतन डेटा अपलोड करने, योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचाने की रणनीति बनाई है।