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Gonda News: मेले में नदारद रहते विशेषज्ञ, आयुष चिकित्सक कर रहे उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:20 PM IST
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मसकनवा पीएचसी में मरीजों का इलाज करते सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार। - संवाद
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हलधरमऊ/मसकनवा/पसका/गोंडा। मरीजों को स्थानीय स्तर पर सुविधा देने के लिए उद्देश्य से शुरू की गई योजना बेपटरी हो गई है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में विशेषज्ञ चिकित्सक रुचि नहीं ले रहे हैं, जिससे मरीजों की परेशानी दूर नहीं हो पा रही है। आयुष चिकित्सक के भरोसे इलाज किया जा रहा है।
हलधरमऊ संवाद के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरांव में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में विशेषज्ञ चिकित्सक व फार्मासिस्ट के अनुपस्थित रहने के कारण मरीजों को आयुष चिकित्सक के भरोसे इलाज कराना पड़ा। दोपहर 12:10 बजे तक आयुष चिकित्सक डॉ. अरकान खान ने कुल नौ मरीजों का उपचार कर उन्हें दवाएं वितरित कीं। वहीं लैब टेक्नीशियन नागेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने छह मरीजों की रक्त जांच की। हालांकि इस दौरान फार्मासिस्ट के अनुपस्थित रहने से दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित रही। बिंदू, मुन्नी और मंतशा ने बताया कि अस्पताल में महिलाओं और किशोरियों के उपचार के लिए महिला विशेषज्ञ चिकित्सक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सही इलाज और दवा मिलना मुश्किल हो जाता है और मजबूरी में निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता है।
अशोक कुमार ने बताया कि वह कई महीनों से शारीरिक पीड़ा और मधुमेह से परेशान हैं। दवा खाने तक ही आराम मिलता है, लेकिन स्थायी इलाज नहीं हो पा रहा है। वहीं श्यामसुंदर ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक के न होने से मरीजों को स्थायी उपचार नहीं मिल पाता है।
मसकनवा संवाद के अनुसार पीएचसी मसकनवा में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में आयुष चिकित्सक डाॅ. डीसी वर्मा ने दोपहर दो बजे तक 44 मरीजों का उपचार किया। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. अमित कुमार ने जन आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। अधीक्षक ने मेले में आए सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सीएचओ सरोज यादव ने मरीजों को स्वास्थ संबंधी जानकारी दी। वार्डबॉय अनूप कुमार ने मरीजों का पंजीकरण, एलटी छांगुर प्रसाद ने ब्लड जांच तथा फार्मासिस्ट रमेश यादव ने दवाओं का वितरण किया। स्वास्थ मेले में आशा संगिनी, आशा मौजूद रहीं।
पसका संवाद के अनुसार पीएचसी त्योरासी में आयुष चिकित्सक डॉ. शानू सिंह ने दोपहर एक बजे तक 42 मरीजों का उपचार किया। बताया कि ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार व स्किन रोग से पीड़ित थे। लोहंगपुर निवासी मनीषा ने बताया कि जुकाम, बुखार, सर्दी की दवा लेने आई हैं। सहजौरा निवासी अरुण ने बताया कि एलर्जी की दवा कराने आए थे। वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक पीके सिंह ने बताया कि टायफाइड के पांच व शुगर की छह लोगों की जांच की गई। फार्मासिस्ट आलम शेर खान, धर्मेंद्र शुक्ल, राकेश सिंह मौजूद रहे।
छह माह से खराब है वाटरकूलर
पीएचसी त्योरासी में लगा वाटर कूलर लगभग छह माह से खराब पड़ा है। ठंड के मौसम में तो वाटर कूलर की विशेष जरूरत नहीं पड़ी, लेकिन गर्मी के मौसम में मेडिकल स्टाफ सहित मरीजों को ठंडा पानी पीने को नहीं मिल पा रहा है। फार्मासिस्ट ने बताया कि वाटर कूलर पहले खराब था। जिसे निजी खर्चे से ठीक कराया गया था लेकिन लगभग छह माह से वाटर कूलर फिर से खराब है।
कराया जा रहा सुधार
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल का कहना है कि व्यवस्था में सुधार कराया जा रहा है। सीएचसी-पीएचसी का निरीक्षण किया जाता है। डॉक्टरों की उपस्थिति के साथ अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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हलधरमऊ संवाद के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरांव में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में विशेषज्ञ चिकित्सक व फार्मासिस्ट के अनुपस्थित रहने के कारण मरीजों को आयुष चिकित्सक के भरोसे इलाज कराना पड़ा। दोपहर 12:10 बजे तक आयुष चिकित्सक डॉ. अरकान खान ने कुल नौ मरीजों का उपचार कर उन्हें दवाएं वितरित कीं। वहीं लैब टेक्नीशियन नागेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने छह मरीजों की रक्त जांच की। हालांकि इस दौरान फार्मासिस्ट के अनुपस्थित रहने से दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित रही। बिंदू, मुन्नी और मंतशा ने बताया कि अस्पताल में महिलाओं और किशोरियों के उपचार के लिए महिला विशेषज्ञ चिकित्सक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सही इलाज और दवा मिलना मुश्किल हो जाता है और मजबूरी में निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता है।
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अशोक कुमार ने बताया कि वह कई महीनों से शारीरिक पीड़ा और मधुमेह से परेशान हैं। दवा खाने तक ही आराम मिलता है, लेकिन स्थायी इलाज नहीं हो पा रहा है। वहीं श्यामसुंदर ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक के न होने से मरीजों को स्थायी उपचार नहीं मिल पाता है।
मसकनवा संवाद के अनुसार पीएचसी मसकनवा में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में आयुष चिकित्सक डाॅ. डीसी वर्मा ने दोपहर दो बजे तक 44 मरीजों का उपचार किया। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. अमित कुमार ने जन आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। अधीक्षक ने मेले में आए सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सीएचओ सरोज यादव ने मरीजों को स्वास्थ संबंधी जानकारी दी। वार्डबॉय अनूप कुमार ने मरीजों का पंजीकरण, एलटी छांगुर प्रसाद ने ब्लड जांच तथा फार्मासिस्ट रमेश यादव ने दवाओं का वितरण किया। स्वास्थ मेले में आशा संगिनी, आशा मौजूद रहीं।
पसका संवाद के अनुसार पीएचसी त्योरासी में आयुष चिकित्सक डॉ. शानू सिंह ने दोपहर एक बजे तक 42 मरीजों का उपचार किया। बताया कि ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार व स्किन रोग से पीड़ित थे। लोहंगपुर निवासी मनीषा ने बताया कि जुकाम, बुखार, सर्दी की दवा लेने आई हैं। सहजौरा निवासी अरुण ने बताया कि एलर्जी की दवा कराने आए थे। वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक पीके सिंह ने बताया कि टायफाइड के पांच व शुगर की छह लोगों की जांच की गई। फार्मासिस्ट आलम शेर खान, धर्मेंद्र शुक्ल, राकेश सिंह मौजूद रहे।
छह माह से खराब है वाटरकूलर
पीएचसी त्योरासी में लगा वाटर कूलर लगभग छह माह से खराब पड़ा है। ठंड के मौसम में तो वाटर कूलर की विशेष जरूरत नहीं पड़ी, लेकिन गर्मी के मौसम में मेडिकल स्टाफ सहित मरीजों को ठंडा पानी पीने को नहीं मिल पा रहा है। फार्मासिस्ट ने बताया कि वाटर कूलर पहले खराब था। जिसे निजी खर्चे से ठीक कराया गया था लेकिन लगभग छह माह से वाटर कूलर फिर से खराब है।
कराया जा रहा सुधार
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल का कहना है कि व्यवस्था में सुधार कराया जा रहा है। सीएचसी-पीएचसी का निरीक्षण किया जाता है। डॉक्टरों की उपस्थिति के साथ अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्देश दिए गए हैं।