{"_id":"69c42ed1a6a105abfb04c384","slug":"fake-truck-entries-and-billing-led-to-a-fraud-of-rs-7-crore-in-hindustan-unilever-limitedfake-truck-entries-and-billing-led-to-a-fraud-of-rs-7-crore-in-hindustan-unilever-limited-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-137813-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: ट्रक की फर्जी इंट्री और बिलिंग से हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड में सात करोड़ की धोखाधड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: ट्रक की फर्जी इंट्री और बिलिंग से हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड में सात करोड़ की धोखाधड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:22 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। कस्बे के औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड में धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है, फैक्ट्ररी में सोडा ऐश की खरीद और स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई है। इसमें कंपनी को लगभग सात करोड़ का नुकसान हुआ है। कंपनी की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया कि जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 के बीच स्टॉक और खरीद अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां सामने आईं।
एचयूएल की सीनियर प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव अवंतिका त्रिवेदी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अप्रैल 2025 में साप्ताहिक ऑडिट के दौरान सिस्टम में दर्ज स्टॉक एवं वास्तविक स्टॉक से काफी अधिक अंतर पाया गया। इसके बाद स्वतंत्र एजेंसी पीडब्ल्यूसी से जांच कराई गई, इसमें करीब 2700 मीट्रिक टन सोडा ऐश की फर्जी प्रविष्टियां और बिलिंग का मामला उजागर हुआ। जांच में सामने आया कि एक ही ट्रक की कई बार एंट्री दिखाकर अलग-अलग वजन दर्शाया गया और फर्जी बिल तैयार कर भुगतान के लिए प्रस्तुत किए गए।
सीसीटीवी फुटेज और आंतरिक जांच में कुल 174 फर्जी ट्रक प्रविष्टियां पाई गईं। बताया कि इस मामले में थर्ड पार्टी वी-क्रेट का संविदा कर्मी विपेंद्र सिंह, वेयर हाउस इंचार्ज जीएम कंपनी का कर्मी शुभम निगम और इसी कंपनी का सुपरवाइजर रानू साहू समेत कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है। आरोप है कि इन्होंने मिलकर रिकॉर्ड में हेरफेर कर कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। पुलिस से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
Trending Videos
एचयूएल की सीनियर प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव अवंतिका त्रिवेदी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अप्रैल 2025 में साप्ताहिक ऑडिट के दौरान सिस्टम में दर्ज स्टॉक एवं वास्तविक स्टॉक से काफी अधिक अंतर पाया गया। इसके बाद स्वतंत्र एजेंसी पीडब्ल्यूसी से जांच कराई गई, इसमें करीब 2700 मीट्रिक टन सोडा ऐश की फर्जी प्रविष्टियां और बिलिंग का मामला उजागर हुआ। जांच में सामने आया कि एक ही ट्रक की कई बार एंट्री दिखाकर अलग-अलग वजन दर्शाया गया और फर्जी बिल तैयार कर भुगतान के लिए प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीसीटीवी फुटेज और आंतरिक जांच में कुल 174 फर्जी ट्रक प्रविष्टियां पाई गईं। बताया कि इस मामले में थर्ड पार्टी वी-क्रेट का संविदा कर्मी विपेंद्र सिंह, वेयर हाउस इंचार्ज जीएम कंपनी का कर्मी शुभम निगम और इसी कंपनी का सुपरवाइजर रानू साहू समेत कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है। आरोप है कि इन्होंने मिलकर रिकॉर्ड में हेरफेर कर कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। पुलिस से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।