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Hamirpur News: मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों का प्रदर्शन
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फोटो15एचएएमपी 23 एडीएम को ज्ञापन सौंपते प्रदर्शनकारी। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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हमीरपुर। ग्राम रोजगार सेवकों ने नियमितीकरण समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांगें पूरी न होने पर एक जुलाई से आंदोलन की चेतावनी दी है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2006 से मनरेगा योजना के तहत ग्राम रोजगार सेवक ग्राम पंचायतों में संविदा पर कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया है। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग होने से कार्य का बोझ असमान है, जबकि मानदेय भी समय से नहीं मिल पाता।
ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम रोजगार सेवक गांव स्तर पर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें केवल मनरेगा कार्यों तक सीमित रखा गया है। संगठन ने ग्राम पंचायत स्तर पर सहायक सचिव अथवा ग्राम विकास सहायक का पद सृजित कर ग्राम रोजगार सेवकों को समायोजित किए जाने की मांग उठाई। 36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही मनरेगा कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए उच्च गुणवत्ता के एंड्रॉयड मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाएं और डेटा रिचार्ज की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा आकस्मिक व चिकित्सा अवकाश, न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण व्यवस्था, मृतक आश्रित को सेवा में समायोजन की भी मांग रखी। इस मौके पर अध्यक्ष किरण सिंह, मुकेश कुमार, पदमा, राजकुमारी, आशा, आरती, मेहर, सुनीता सोनी, प्रवीण कुमार, कृष्ण कुमार समेत बड़ी संख्या में रोजगार सेवक मौजूद रहे।
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एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2006 से मनरेगा योजना के तहत ग्राम रोजगार सेवक ग्राम पंचायतों में संविदा पर कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया है। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग होने से कार्य का बोझ असमान है, जबकि मानदेय भी समय से नहीं मिल पाता।
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ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम रोजगार सेवक गांव स्तर पर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें केवल मनरेगा कार्यों तक सीमित रखा गया है। संगठन ने ग्राम पंचायत स्तर पर सहायक सचिव अथवा ग्राम विकास सहायक का पद सृजित कर ग्राम रोजगार सेवकों को समायोजित किए जाने की मांग उठाई। 36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही मनरेगा कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए उच्च गुणवत्ता के एंड्रॉयड मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाएं और डेटा रिचार्ज की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा आकस्मिक व चिकित्सा अवकाश, न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण व्यवस्था, मृतक आश्रित को सेवा में समायोजन की भी मांग रखी। इस मौके पर अध्यक्ष किरण सिंह, मुकेश कुमार, पदमा, राजकुमारी, आशा, आरती, मेहर, सुनीता सोनी, प्रवीण कुमार, कृष्ण कुमार समेत बड़ी संख्या में रोजगार सेवक मौजूद रहे।