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Hamirpur News: नहर में पानी न छोड़े न जाने से सूख रही गेहूं की फसल
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-छिबौली के किसानों ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरीला (हमीरपुर)। बृहस्पतिवार को ग्राम छिबौली के किसानों ने जलालपुर शाखा नहर में पानी न छोड़े जाने से गेहूं की फसल सूखने की शिकायत करते हुए उपजिलाधिकारी सरीला को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने 10 मार्च तक नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि दूसरी सिंचाई समय पर हो सके।
किसानों ने बताया कि गांव के अधिकांश खेतों की सिंचाई जलालपुर शाखा नहर से होती है। एक बार पानी मिल चुका है, लेकिन गेहूं की फसल में दूसरी सिंचाई जरूरी है। समय से पानी न मिलने पर फसल प्रभावित हो रही है। कहा कि कृषि ही उनकी आय का मुख्य साधन है, ऐसे में फसल खराब होने से आर्थिक संकट गहरा सकता है। ज्ञापन देने वालों में संदीप राजपूत, राम भरोसे, शैलेंद्र, धीरेंद्र, ठाकुर प्रसाद, अतीश कुमार समेत अन्य किसान शामिल रहे।
विधानसभा के बजट सत्र में गूंजा सिंचाई का मुद्दा
इधर, प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भी सिंचाई का मुद्दा गूंजा। राठ विधानसभा क्षेत्र की विधायक मनीषा अनुरागी ने सदन में कहा कि राठ व सरीला क्षेत्र में पहाड़ी बांध से सिंचाई होती है, लेकिन वर्तमान रोस्टर के तहत मात्र 15 दिन ही पानी देने की बात कही जा रही है। जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में नहर प्रणाली से तीन से चार माह तक सिंचाई होती है। उन्होंने वर्ष 2011 में धसान नदी पर प्रस्तावित विराट सागर बांध परियोजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि इस परियोजना को पूरा कर दिया जाए तो जनपद हमीरपुर की राठ विधानसभा के साथ-साथ जालौन, झांसी और महोबा जिलों के किसानों को भी लाभ मिलेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरीला (हमीरपुर)। बृहस्पतिवार को ग्राम छिबौली के किसानों ने जलालपुर शाखा नहर में पानी न छोड़े जाने से गेहूं की फसल सूखने की शिकायत करते हुए उपजिलाधिकारी सरीला को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने 10 मार्च तक नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि दूसरी सिंचाई समय पर हो सके।
किसानों ने बताया कि गांव के अधिकांश खेतों की सिंचाई जलालपुर शाखा नहर से होती है। एक बार पानी मिल चुका है, लेकिन गेहूं की फसल में दूसरी सिंचाई जरूरी है। समय से पानी न मिलने पर फसल प्रभावित हो रही है। कहा कि कृषि ही उनकी आय का मुख्य साधन है, ऐसे में फसल खराब होने से आर्थिक संकट गहरा सकता है। ज्ञापन देने वालों में संदीप राजपूत, राम भरोसे, शैलेंद्र, धीरेंद्र, ठाकुर प्रसाद, अतीश कुमार समेत अन्य किसान शामिल रहे।
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विधानसभा के बजट सत्र में गूंजा सिंचाई का मुद्दा
इधर, प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भी सिंचाई का मुद्दा गूंजा। राठ विधानसभा क्षेत्र की विधायक मनीषा अनुरागी ने सदन में कहा कि राठ व सरीला क्षेत्र में पहाड़ी बांध से सिंचाई होती है, लेकिन वर्तमान रोस्टर के तहत मात्र 15 दिन ही पानी देने की बात कही जा रही है। जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में नहर प्रणाली से तीन से चार माह तक सिंचाई होती है। उन्होंने वर्ष 2011 में धसान नदी पर प्रस्तावित विराट सागर बांध परियोजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि इस परियोजना को पूरा कर दिया जाए तो जनपद हमीरपुर की राठ विधानसभा के साथ-साथ जालौन, झांसी और महोबा जिलों के किसानों को भी लाभ मिलेगा।