हापुड़। जिले में आलू की मिट्टी पलीत हो रही है। मंडी में महज चार से छह रुपये किलो तक आलू बिक रहा है। शीतगृह भी 85 फीसदी तक भर गए हैं। जबकि खेतों में अभी भी करीब 20 फीसदी फसल की खोदाई बाकी है। बाहर से डिमांड कम मिलने के कारण मंडी में पिछले दस दिन में 50 रुपये प्रति बैग तक दाम घट गए हैं।
उद्यान विभाग के अनुसार जिले में इस साल आलू का रकबा 4500 हेक्टेयर के पार है, जोकि पिछले सालों से करीब 300 हेक्टेयर अधिक है। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों ने बड़े पैमाने पर आलू की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कराई है। पिछले एक सप्ताह से बरसात के कारण खोदाई बंद है।
जिले में 20 शीतगृह हैं, जिनमें भंडारण 85 फीसदी तक हो गया है। छोटे शीतगृह लगभग भर चुके हैं, बरसात होने के बावजूद शीतगृहों के बाहर लंबी लाइनें हैं। इसका प्रमुख कारण आलू के दामों में लगातार गिरावट होना है। हापुड़ सब्जी मंडी के अध्यक्ष ब्रिजेश त्यागी ने बताया कि पिछले दस दिन में आलू के दाम 50 रुपये प्रति बैग तक कम हो गए हैं।
मंडी में हाईब्रिड आलू 200 और चिप्सौना आलू का बैग 300 से 350 रुपये तक बिक रहा है। हालांकि फुटकर में अभी भी दुकानदार आलू दस रुपये प्रति किलो तक बिक्री कर रहे हैं।