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Hapur News: वाह री हापुड़ पुलिस... पीड़ित के साथ लुटेरे जैसा व्यवहार
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sun, 01 Feb 2026 10:49 PM IST
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हापुड़। पिलखुवा में दिन दहाड़े हाईवे 9 पर हुई बाइक सवार व्यापारी से 64 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस के हाथ फिलहाल खाली हैं, लेकिन अब वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। शनिवार शाम तक लूट की घटना को संदिग्ध मानते हुए पुलिस पीड़ित से ही लुटेरे जैसा व्यवहार और पूछताछ करती रही। इससे बदमाशों को फरार होने का मौका मिल गया।
राजस्थान के सीकर जिला निवासी चावल कारोबारी राकेश सिंह शनिवार को हापुड़ आए थे और अपने पार्टनर के साथ एचडीएफसी बैंक से 64 लाख रुपये निकालकर दिल्ली लौट रहे थे। पिलखुवा कोतवाली के अन्तर्गत हाईवे 9 पर जीएस मेडिकल कॉलेज के सामने स्कूटी सवार तीन बदमाशों ने हथियारों के बल पर बाइक सवार व्यापारी से 64 लाख रुपये का बैग लूट लिया था। इसके बाद बदमाश जान से मारने की धमकी देते हुए छिजारसी टोल प्लाजा की तरफ फरार हो गए थे। लूट की सूचना के बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। लापरवाही में पिलखुवा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्यौपाल सिंह समेत दो चौकी प्रभारियों पर भी गाज गिरी और तीनाें को निलंबित तो कर दिया, लेकिन पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। वहीं, रविवार को वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली की भी पोल खोलकर रख दी।
लूट के पीड़ित को शाम तक पकड़कर घूमती रही पुलिस--
घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित को ही शायद संदिग्ध मान लिया था। सोशल मीडिया पर पुलिस के दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में पुलिसकर्मी पीड़ित को मीडियाकर्मी से बचाते हुए धक्का देते हुए कार में जबरन बैठा रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में पुलिसकर्मी बैंक के बाहर जांच के दौरान पीड़ित को पकड़े खड़ा है, जैसे कि वह भाग जाएगा। पुलिस की इस प्रवृत्ति की जमकर आलोचना हो रही है।
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बैंक से ही रेकी कर रहे थे बदमाश, सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध
पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक की जांच में यह पता चला है कि बदमाश बैंक से ही व्यापारी का पीछा कर रहे थे। उन्हें पता चल गया था कि व्यापारी ने बैंक से मोटा कैश निकाला है। एक संदिग्ध सीसीटीवी में कैद भी हुआ है, जिसकी पुलिस पहचान कर रही है। पुलिस की टीमों ने रविवार को बदमाशों के भागने वाले संभावित रास्तों पर भी सीसीटीवी आदि की जांच की। पुलिस को शक है कि बदमाश स्कूटी को कहीं छिपाकर दूसरे वाहन से फरार हुए होंगे।
व्यापारी को आतंकित करने के लिए किया था फायर
दर्ज एफआईआर में राकेश सिंह में बताया कि वह अपनी वैष्णव इंटरप्राइजेज कंपनी के पार्टनर वैभव के साथ बैंक से धनराशि निकालने गए थे। रकम निकालने के बाद बाइक से दो बैगों में रुपये लेकर दिल्ली जा रहे थे, तभी स्कूटी सवारों ने रोक लिया। इस दौरान बदमाशों ने उन्हें आतंकित करने के लिए तमंचे से एक हवाई फायर भी किया और बाइक की चाबी निकालकर रुपये लेकर फरार हो गए।
कोट -
एएसपी विनीत भटनागर का कहना है कि घटना से जुड़े सभी बिंदुओं पर पुलिस गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही, जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
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राजस्थान के सीकर जिला निवासी चावल कारोबारी राकेश सिंह शनिवार को हापुड़ आए थे और अपने पार्टनर के साथ एचडीएफसी बैंक से 64 लाख रुपये निकालकर दिल्ली लौट रहे थे। पिलखुवा कोतवाली के अन्तर्गत हाईवे 9 पर जीएस मेडिकल कॉलेज के सामने स्कूटी सवार तीन बदमाशों ने हथियारों के बल पर बाइक सवार व्यापारी से 64 लाख रुपये का बैग लूट लिया था। इसके बाद बदमाश जान से मारने की धमकी देते हुए छिजारसी टोल प्लाजा की तरफ फरार हो गए थे। लूट की सूचना के बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। लापरवाही में पिलखुवा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्यौपाल सिंह समेत दो चौकी प्रभारियों पर भी गाज गिरी और तीनाें को निलंबित तो कर दिया, लेकिन पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। वहीं, रविवार को वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली की भी पोल खोलकर रख दी।
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लूट के पीड़ित को शाम तक पकड़कर घूमती रही पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित को ही शायद संदिग्ध मान लिया था। सोशल मीडिया पर पुलिस के दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में पुलिसकर्मी पीड़ित को मीडियाकर्मी से बचाते हुए धक्का देते हुए कार में जबरन बैठा रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में पुलिसकर्मी बैंक के बाहर जांच के दौरान पीड़ित को पकड़े खड़ा है, जैसे कि वह भाग जाएगा। पुलिस की इस प्रवृत्ति की जमकर आलोचना हो रही है।
बैंक से ही रेकी कर रहे थे बदमाश, सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध
पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक की जांच में यह पता चला है कि बदमाश बैंक से ही व्यापारी का पीछा कर रहे थे। उन्हें पता चल गया था कि व्यापारी ने बैंक से मोटा कैश निकाला है। एक संदिग्ध सीसीटीवी में कैद भी हुआ है, जिसकी पुलिस पहचान कर रही है। पुलिस की टीमों ने रविवार को बदमाशों के भागने वाले संभावित रास्तों पर भी सीसीटीवी आदि की जांच की। पुलिस को शक है कि बदमाश स्कूटी को कहीं छिपाकर दूसरे वाहन से फरार हुए होंगे।
व्यापारी को आतंकित करने के लिए किया था फायर
दर्ज एफआईआर में राकेश सिंह में बताया कि वह अपनी वैष्णव इंटरप्राइजेज कंपनी के पार्टनर वैभव के साथ बैंक से धनराशि निकालने गए थे। रकम निकालने के बाद बाइक से दो बैगों में रुपये लेकर दिल्ली जा रहे थे, तभी स्कूटी सवारों ने रोक लिया। इस दौरान बदमाशों ने उन्हें आतंकित करने के लिए तमंचे से एक हवाई फायर भी किया और बाइक की चाबी निकालकर रुपये लेकर फरार हो गए।
कोट -
एएसपी विनीत भटनागर का कहना है कि घटना से जुड़े सभी बिंदुओं पर पुलिस गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही, जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
