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Hapur News: मोनाड यूनिवर्सिटी को ब्लैक लिस्ट करने पर फैसला आज, लखनऊ में होगी बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 12 Feb 2026 10:33 PM IST
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हापुड़। छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में मोनाड विश्वविद्यालय को ब्लैक लिस्ट करने पर फैसला शुक्रवार को (आज) होगा। लखनऊ में शासकीय समिति की बैठक प्रस्तावित है। इसका पत्र जिले को प्राप्त हुआ है। इस बैठक में स्थानीय कमेटी की जांच रिपोर्ट और डीएम की संस्तुति का अवलोकन कर शासकीय समिति निर्णय लेगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार/प्रबंधक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल, जून 2025 में छात्रों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर छात्रवृत्ति मामले में शिकायत की थी। अमर उजाला में प्रकाशित खबर को शासन ने संज्ञान में लिया था। नौ जून को संयुक्त निदेशक मेरठ व जिला समाज कल्याण अधिकारी हापुड़ को जांच सौंपी गई थी। इसमें टीम ने पाया कि वर्ष 2024-25 में एससी वर्ग के 80 छात्र ऐसे थे, जो मंडल के बाहर 36 जिलों से आते थे।
इनकी उपस्थिति 80 फीसदी से अधिक दर्शाई गई, जबकि इनके हापुड़ में रहने का कोई प्रमाण विश्वविद्यालय नहीं दे पाया। इसी तरह सामान्य वर्ग के 34 छात्र भी ऐसे ही पाए गए। वर्ष 2025-26 में ओबीसी वर्ग के 297, सामान्य वर्ग के 189 और एससी वर्ग के 173 छात्रों के आवेदन निरस्त किए गए है। वर्ष 1012 से वर्ष 2025 तक करीब 53 करोड़ की छात्रवृत्ति में अनियमितता का हवाला टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में दिया है।
इसी क्रम में डीएम ने विश्वविद्यालय को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति कर रिपोर्ट निदेशक समाज कल्याण, लखनऊ को प्रेषित भेज दी थी। अब इस रिपोर्ट के संबंध में 13 फरवरी (शुक्रवार) को शासकीय समिति की बैठक होगी। इसमें विश्वविद्यालय को ब्लैक लिस्ट करने पर निर्णय होगा। इसके साथ ही 16 फरवरी को एक अन्य बैठक में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है।
शासकीय समिति में शामिल होंगे ये अधिकारी-
मोनाड विश्वविद्यालय की छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में शासकीय समिति की बैठक में निदेशक, समाज कल्याण विभाग, निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, निदेशक उच्च शिक्षा विभाग, निदेशक प्राविधिक शिक्षा विभाग, तकनीकी निदेशक राज्य सूचना विज्ञान, समाज कल्याण निदेशालय में दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए नामित नोडल अधिकारी शामिल होंगे।
आठ बिंदुओं पर साक्ष्य सहित मांगा स्पष्टीकरण
निदेशालय समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश की ओर से आठ बिंदुओं पर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने के लिए मोनाड विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार/प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें कूटरचित उपस्थिति पंजिका, सामान्य वर्ग के छात्रों का आवेदन अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग में अंकित करते हुए आवेदन अग्रसारित कर छात्रवृत्ति प्राप्त करने समेत कई बिंदु शामिल हैं।
तीन साल के लिए लग सकता है प्रतिबंध
विश्वविद्यालय यदि ब्लैक लिस्ट होता है, तो कई बड़ी कार्रवाई हो सकती हैं। इसमें तीन वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र के लिए विश्वविद्यालय पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। 50 लाख रुपये का वित्तीय दंड भी लगाने का प्रावधान है।
कोट -
मोनाड विश्वविद्यालय को ब्लैक लिस्ट करने के मामले में शुक्रवार को शासकीय समिति की बैठक होगी। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार/प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर आठ बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। - शिव कुमार।-जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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दरअसल, जून 2025 में छात्रों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर छात्रवृत्ति मामले में शिकायत की थी। अमर उजाला में प्रकाशित खबर को शासन ने संज्ञान में लिया था। नौ जून को संयुक्त निदेशक मेरठ व जिला समाज कल्याण अधिकारी हापुड़ को जांच सौंपी गई थी। इसमें टीम ने पाया कि वर्ष 2024-25 में एससी वर्ग के 80 छात्र ऐसे थे, जो मंडल के बाहर 36 जिलों से आते थे।
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इनकी उपस्थिति 80 फीसदी से अधिक दर्शाई गई, जबकि इनके हापुड़ में रहने का कोई प्रमाण विश्वविद्यालय नहीं दे पाया। इसी तरह सामान्य वर्ग के 34 छात्र भी ऐसे ही पाए गए। वर्ष 2025-26 में ओबीसी वर्ग के 297, सामान्य वर्ग के 189 और एससी वर्ग के 173 छात्रों के आवेदन निरस्त किए गए है। वर्ष 1012 से वर्ष 2025 तक करीब 53 करोड़ की छात्रवृत्ति में अनियमितता का हवाला टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में दिया है।
इसी क्रम में डीएम ने विश्वविद्यालय को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति कर रिपोर्ट निदेशक समाज कल्याण, लखनऊ को प्रेषित भेज दी थी। अब इस रिपोर्ट के संबंध में 13 फरवरी (शुक्रवार) को शासकीय समिति की बैठक होगी। इसमें विश्वविद्यालय को ब्लैक लिस्ट करने पर निर्णय होगा। इसके साथ ही 16 फरवरी को एक अन्य बैठक में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है।
शासकीय समिति में शामिल होंगे ये अधिकारी-
मोनाड विश्वविद्यालय की छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में शासकीय समिति की बैठक में निदेशक, समाज कल्याण विभाग, निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, निदेशक उच्च शिक्षा विभाग, निदेशक प्राविधिक शिक्षा विभाग, तकनीकी निदेशक राज्य सूचना विज्ञान, समाज कल्याण निदेशालय में दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए नामित नोडल अधिकारी शामिल होंगे।
आठ बिंदुओं पर साक्ष्य सहित मांगा स्पष्टीकरण
निदेशालय समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश की ओर से आठ बिंदुओं पर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने के लिए मोनाड विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार/प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें कूटरचित उपस्थिति पंजिका, सामान्य वर्ग के छात्रों का आवेदन अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग में अंकित करते हुए आवेदन अग्रसारित कर छात्रवृत्ति प्राप्त करने समेत कई बिंदु शामिल हैं।
तीन साल के लिए लग सकता है प्रतिबंध
विश्वविद्यालय यदि ब्लैक लिस्ट होता है, तो कई बड़ी कार्रवाई हो सकती हैं। इसमें तीन वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र के लिए विश्वविद्यालय पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। 50 लाख रुपये का वित्तीय दंड भी लगाने का प्रावधान है।
कोट -
मोनाड विश्वविद्यालय को ब्लैक लिस्ट करने के मामले में शुक्रवार को शासकीय समिति की बैठक होगी। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार/प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर आठ बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। - शिव कुमार।-जिला समाज कल्याण अधिकारी।
