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Hapur News: फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं होगी गेहूं की खरीद, उर्वरक लेना होगा मुश्किल
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हापुड़। फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों को गेहूं बिक्री और उवर्रक खरीद के दौरान परेशान होना पड़ सकता है। पीएम सम्मान निधि पाने वाले करीब तीन हजार किसान अभी भी रजिस्ट्री नहीं करा सके हैं। इसके अलावा नॉन पीएम सम्मान निधि वाले किसान भी चिह्नित किए जा रहे हैं। 15 अप्रैल तक गांवों में कैंप लगाकर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
जिले में 96667 किसान पीएम सम्मान निधि मिलती हैं। यह निधि अब ऐसे ही किसानों को दी जानी है जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री कराई हुई है। कृषि विभाग के अनुसार इन किसानों में 93967 की फार्मर रजिस्ट्री तैयार हैं। लेकिन जो किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि नहीं पाते हैं, ऐसे किसानों की संख्या भी काफी अधिक है।
कृषि विभाग के पास इनका रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा इन किसानों की भी फार्मर रजिस्ट्री बनायी जा रही है। 15 अप्रैल के बाद बिना रजिस्ट्री के किसानों को न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने की सुविधा मिलेगी और न ही सब्सिडी पर खाद प्राप्त हो सकेगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत कृषि विभाग की सभी लाभार्थी योजनाओं, उर्वरक, बीज, कीटनाशी व अन्य कृषि इनपुट का वितरण अब किसान पहचान पत्र के आधार पर ही किया जाएगा। इसके अलावा गेहूं, धान, दलहन व तिलहन की सरकारी खरीद भी केवल वैध फार्मर आईडी वाले किसानों से ही की जाएगी।
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कोट
फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही किसानों को तमाम योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। गेहूं खरीद से लेकर उर्वरक पाने के लिए भी इस रजिस्ट्री की जरूरत होगी।-- योगेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक।
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जिले में 96667 किसान पीएम सम्मान निधि मिलती हैं। यह निधि अब ऐसे ही किसानों को दी जानी है जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री कराई हुई है। कृषि विभाग के अनुसार इन किसानों में 93967 की फार्मर रजिस्ट्री तैयार हैं। लेकिन जो किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि नहीं पाते हैं, ऐसे किसानों की संख्या भी काफी अधिक है।
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कृषि विभाग के पास इनका रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा इन किसानों की भी फार्मर रजिस्ट्री बनायी जा रही है। 15 अप्रैल के बाद बिना रजिस्ट्री के किसानों को न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने की सुविधा मिलेगी और न ही सब्सिडी पर खाद प्राप्त हो सकेगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत कृषि विभाग की सभी लाभार्थी योजनाओं, उर्वरक, बीज, कीटनाशी व अन्य कृषि इनपुट का वितरण अब किसान पहचान पत्र के आधार पर ही किया जाएगा। इसके अलावा गेहूं, धान, दलहन व तिलहन की सरकारी खरीद भी केवल वैध फार्मर आईडी वाले किसानों से ही की जाएगी।
कोट
फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही किसानों को तमाम योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। गेहूं खरीद से लेकर उर्वरक पाने के लिए भी इस रजिस्ट्री की जरूरत होगी।
