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Hardoi News: काम और भुगतान में गड़बड़ी पर प्रधान और दो पंचायत सचिवों से जवाब तलब
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हरदोई। गांवों में काम और भुगतान में गड़बड़ी के साथ ही जांच के समय गैरहाजिरी पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने बल्लीपुर की प्रधान सहित दो पंचायत सचिवों को नोटिस दिया। डीएम ने 15 दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगा है। प्रधान को चेतावनी दी कि जवाब साक्ष्य सहित और संतोषजनक न होने पर वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी जाएगी।
ग्राम पंचायत बल्लीपुर के मजरा बर्राडाल सिंह निवासी राजीव कुमार ने गांव में कराए गए काम और भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत उप लोकायुक्त में की थी। डीएम ने बताया कि उप लोकायुक्त की तरफ से तीन सदस्यीय समिति से जांच कराई गई। जांच आख्या में कहा गया कि गांव में कराए गए काम और भुगतान की पत्रावलियां ही पंचायत सचिवालय में नहीं मिलीं। रिपोर्ट में आशंका जाहिर की गई है कि पत्रावलियों को प्रधान और पंचायत सचिवों ने या तो अपने पास रख लिया है या फिर पत्रावलियां बनाई ही नहीं। जांच के दौरान प्रधान रामवती उपस्थित भी नहीं हुईं। इसलिए कई बार जांच के लिए समिति को पत्र जारी करने पड़े।
रिपोर्ट में कहा गया कि प्रधान ने अधिकारियों को कूटरचित बयान भेजकर दूसरे पंचायत सचिव को काम की पत्रावलियां उपलब्ध कराने के मनगढ़ंत आरोप लगाए गए। लापरवाही, अनुशासनहीनता और ग्राम पंचायत के शासकीय अभिलेखों को गायब किया गया है। आख्या में प्रधान रामवती के साथ ही वर्तमान पंचायत सचिव विजय कुमार और तत्कालीन व वर्तमान में बिलग्राम में तैनात पंचायत सचिव मीना सिंह संयुक्त रूप से अभिलेखों को गायब करने, मनगढ़ंत व कूटरचित बयान अधिकारियों को दिए जाने के लिए दोषी हैं।
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ग्राम पंचायत बल्लीपुर के मजरा बर्राडाल सिंह निवासी राजीव कुमार ने गांव में कराए गए काम और भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत उप लोकायुक्त में की थी। डीएम ने बताया कि उप लोकायुक्त की तरफ से तीन सदस्यीय समिति से जांच कराई गई। जांच आख्या में कहा गया कि गांव में कराए गए काम और भुगतान की पत्रावलियां ही पंचायत सचिवालय में नहीं मिलीं। रिपोर्ट में आशंका जाहिर की गई है कि पत्रावलियों को प्रधान और पंचायत सचिवों ने या तो अपने पास रख लिया है या फिर पत्रावलियां बनाई ही नहीं। जांच के दौरान प्रधान रामवती उपस्थित भी नहीं हुईं। इसलिए कई बार जांच के लिए समिति को पत्र जारी करने पड़े।
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रिपोर्ट में कहा गया कि प्रधान ने अधिकारियों को कूटरचित बयान भेजकर दूसरे पंचायत सचिव को काम की पत्रावलियां उपलब्ध कराने के मनगढ़ंत आरोप लगाए गए। लापरवाही, अनुशासनहीनता और ग्राम पंचायत के शासकीय अभिलेखों को गायब किया गया है। आख्या में प्रधान रामवती के साथ ही वर्तमान पंचायत सचिव विजय कुमार और तत्कालीन व वर्तमान में बिलग्राम में तैनात पंचायत सचिव मीना सिंह संयुक्त रूप से अभिलेखों को गायब करने, मनगढ़ंत व कूटरचित बयान अधिकारियों को दिए जाने के लिए दोषी हैं।
