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Hardoi News: गंगा नदी में पानी का फैलाव, गंगा जल लेने के लिए लगाए गए चेतावनी बोर्ड
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हरदोई। बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी यहां की नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव का कारण बना हुआ है। गंगा नदी में पानी के हो रहे फैलाव से कांवड़ियों सहित श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत गंगाजल लेने के लिए बैरिकेडिंग के साथ ही चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। राजघाट पर गंगा नदी का पानी शनिवार को भी चेतावनी बिंदु करीब एक मीटर ऊपर बना हुआ है।
पहाड़ों पर होने वाली बरसात और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से जिले में प्रवाहित गंगा नदी, रामगंगा नदी और गर्रा नदी के पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। वहीं पानी आगे पर्याप्त मात्रा में न निकास पाने से जिले में फैलाव लेता जा रहा है। गंगा नदी के पानी में फैलाव से बिलग्राम के कटरी क्षेत्र के निचले भागों में पानी पहुंच गया है। बरसाती नालों से गंगा नदी का पानी क्षेत्र में वापस जाने लगा है। इससे पानी खेतों की तरफ भी बढ़ा है। वहीं बाढ़ के पानी गांवों की रास्तों पर भी पहुंचने लगा है।
गंगा नदी का पानी राजघाट पर चेतावनी बिंदु 124.47 मीटर गेज से करीब एक मीटर ऊपर 125.41 मीटर पर बना हुआ है। वहीं गंगा नदी का पानी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर 136.85 मीटर पर है। राजघाट पर सावन माह के कारण कांवड़ियों के गंगाजल लेने आने को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत बैरिकेडिंग को कम गहरे पानी वाले स्थान पर कराने के साथ ही आगे न जाने के चेतावनी बोर्ड भी लगवाए गए हैं।
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वहीं कटियारी क्षेत्र में रामगंगा नदी और गर्रा नदी का पानी भी इनकी सहायक नदियों और बरसाती नालों में भी पानी उफान मारने लगा है। इससे पानी ने खेतों की तरफ रुख किया है। वहीं गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.05 मीटर गेज पर बना हुआ है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के डबरी घाट पर 134.41 मीटर पर बना हुआ है। पानी के फैलाव के कारण खेतों तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका से चिंता बनी हुई है। बिलग्राम एसडीएम एन राम ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में हैं। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की जानकारी है। राजस्व कर्मियों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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पहाड़ों पर होने वाली बरसात और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से जिले में प्रवाहित गंगा नदी, रामगंगा नदी और गर्रा नदी के पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। वहीं पानी आगे पर्याप्त मात्रा में न निकास पाने से जिले में फैलाव लेता जा रहा है। गंगा नदी के पानी में फैलाव से बिलग्राम के कटरी क्षेत्र के निचले भागों में पानी पहुंच गया है। बरसाती नालों से गंगा नदी का पानी क्षेत्र में वापस जाने लगा है। इससे पानी खेतों की तरफ भी बढ़ा है। वहीं बाढ़ के पानी गांवों की रास्तों पर भी पहुंचने लगा है।
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गंगा नदी का पानी राजघाट पर चेतावनी बिंदु 124.47 मीटर गेज से करीब एक मीटर ऊपर 125.41 मीटर पर बना हुआ है। वहीं गंगा नदी का पानी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर 136.85 मीटर पर है। राजघाट पर सावन माह के कारण कांवड़ियों के गंगाजल लेने आने को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत बैरिकेडिंग को कम गहरे पानी वाले स्थान पर कराने के साथ ही आगे न जाने के चेतावनी बोर्ड भी लगवाए गए हैं।
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वहीं कटियारी क्षेत्र में रामगंगा नदी और गर्रा नदी का पानी भी इनकी सहायक नदियों और बरसाती नालों में भी पानी उफान मारने लगा है। इससे पानी ने खेतों की तरफ रुख किया है। वहीं गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.05 मीटर गेज पर बना हुआ है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के डबरी घाट पर 134.41 मीटर पर बना हुआ है। पानी के फैलाव के कारण खेतों तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका से चिंता बनी हुई है। बिलग्राम एसडीएम एन राम ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में हैं। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की जानकारी है। राजस्व कर्मियों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।